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संत रविदास की कल्पनाओं पर विकसित भारत-मोदी

श्रीगुरु संत रविदास के नाम पर पंजाब में हवाई अड्डे का नामकरण किया

डेरा सचखंड बल्लां जालंधर में हुआ 649वां संत रविदास जयंती कार्यक्रम

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Sunday 1 February 2026 05:48:23 PM

sant ravidas jayanti at dera sachkhand ballan in jalandhar

जालंधर/ पंजाब। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीगुरु संत रविदास महाराज की 649वीं जन्‍म जयंती पर आज उन्हें श्रद्धापूर्वक नमनकर याद किया। प्रधानमंत्री ने कहाकि श्रीगुरु संत रविदास के विचारों में यर्थाथ, न्याय और करुणा का भाव सर्वोपरि था, जो हमारी जनकल्याणकारी योजनाओं के मूल में है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि संत रविदास ने सामाजिक समरसता और सद्भावना के जिस दीप को प्रज्वलित किया, उनका यर्थाथमय जीवन का एक सिद्धांत थाकि ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ उनकी प्रेरणाएं समाज और देशवासियों के पथ को सदैव आलौकित करती रहेंगी। नरेंद्र मोदी संत रविदास की जन्म जयंती पर जालंधर में डेरा सचखंड बल्लां में हुए विशेष कार्यक्रम में पहुंचे और उनके नाम पर कई घोषणाएं कीं। प्रधानमंत्री का अंगवस्त्र से सम्मान किया गया। प्रधानमंत्री ने समाज के गुरू का चरण स्पर्शकर आर्शीवाद लिया। गौरतलब हैकि श्रीगुरु संत रविदास की जन्म जयंती पर देशभर में उनके अनुयायी उनकी पूजा करते हैं, अपने-अपने क्षेत्रों में उनके जन्म पर आधारित ‘संत रविदास लीला’ करते हैं। देशभर में यह दिन एक पर्व की तरह मनाया जाता है। इनके अनुयायी देश-विदेश में मौजूद हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब की धरती से माघ पूर्णिमा की बधाई दी। उन्होंने कहाकि श्रीगुरु संत रविदास का जन्म काशी में हुआ था, वहां उनका एक भव्य मंदिर भी है। उन्होंने कहाकि मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य हैकि मुझे यहां संत रविदास जयंती कार्यक्रम में निमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहाकि संतों के प्रयास से श्रीगुरु संत रविदास के विचार करोड़ों लोगों तक पहुंचे हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि उन्हें प्रसन्नता हैकि डेरा सच खंड के प्रमुख संत निरंजनदास महाराज को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहाकि संतों के स्नेह से डेरा सचखंड बल्लां में मेरे लिए अरदास हुई थी, जो मेरे जीवन में विशेष बात है। उन्होंने कहाकि यह बहुत सम्मान और गर्व की बात हैकि आदमपुर एयरपोर्ट अब श्रीगुरु संत रविदास महाराज एयरपोर्ट नामसे जाना जाएगा। उन्होंने कहाकि यह अनगिनत लोगों केलिए खुशी का दिन हैकि समानता, दया और सेवा का उनका संदेश हम सभीको बहुत प्रेरित करता है। उन्होंने कहाकि इस एयरपोर्ट के अलावा भी हलवारा एयरपोर्ट टर्मिनल की नई इमारत भी उनके नाम से जानी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहाकि इसी प्रकार अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नामपर रखा गया। उन्होंने कहाकि श्रीगुरु रविदास ने भारत के भविष्य केलिए एक विजन भी पेश किया था, उन्होंने इस विजन को 'बेगमपुरा' कहा था। प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत अब मिशन मोड में श्रीगुरु संत रविदास की विकसित भारत की कल्पना को साकार कर रहा है।
श्रीगुरु संत रविदास मध्यकाल में एक संत और कंवि सतगुरु थे। ये दलित समाज के रविदासीय परिवार से थे और दलित समाज केलिए प्रमुख पूज्यनीय माने जाते हैं। इन्हें भारत में संत शिरोमणि श्रीगुरु की उपाधि दी गई है। संत रविदास ने रविदासीया पंथ की स्थापना की। इनके भजन सिख लोगों के पवित्र ग्रंथ गुरुग्रंथ साहिब में भी शामिल हैं। श्रीगुरु रविदास ने जातपात का घोर विरोध किया और समाज को आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया। श्रीगुरुग्रंथ साहिब मे इनके 41 पद हैं, जो इनके ही 16 रागों में संकलित हैं, इनका पहला राग गुरु ग्रंथ साहिब में सिरीराग है, जो 93 अंग पर है और गुरु ग्रंथ साहिब में इनके 16 राग हैं। श्रीगुरू संत रविदास ‘रैदास’ ने साधु-संतों की संगति से पर्याप्त ज्ञान प्राप्त किया था। संत रविदास जूते बनाने का काम किया करते थे। कहा जाता हैकि वह सनातनी हिंदू थे। वे हिंदू धर्म को ब्राह्मणी धर्म कहते थे। उन्होंने कुरीतियों और अज्ञानता धार्मिक अंधविश्वास और आडंबर से दूर रहने का संदेश दिया। उनकी वाणी का समाज पर इतना व्यापक प्रभाव पड़ा कि समाज के सभी वर्गों के लोग उनके अनुयायी बन गए। प्रधानमंत्री ने कहाकि श्रीगुरू रविदास की शिक्षाओं से समाज में नई चेतना जगी है, आज समाज उनसे प्रेरणा ले रहा है।

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