स्वतंत्र आवाज़
word map

देश ने याद की नेताजी की वीरता और देशभक्ति

'नेताजी का जीवन और आदर्श आजभी प्रासंगिक और प्रेरणादायक'

नेताजी की जयंती पर पराक्रम दिवस समारोह में बोले उपराष्ट्रपति

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 24 January 2026 02:33:51 PM

the nation remembered netaji's valor and patriotism

कोलकाता। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में पराक्रम दिवस समारोह में शामिल हुए। उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहाकि पराक्रम दिवस केवल नेताजी को श्रद्धांजलि मात्र नहीं है, बल्कि पीढ़ियों तक साहस का संचार है। उन्होंने नेताजी द्वारा आराम को त्यागने के सचेत निर्णय को याद किया, इसमें भारतीय सिविल सेवा में एक प्रतिष्ठित पद को अस्वीकार करना और राष्ट्र की पूर्ण स्वतंत्रता केलिए उच्च पद का त्याग करना शामिल है। उन्होंने कहाकि नेताजी ने आज़ाद हिंद फौज को संगठित करके अनगिनत भारतीयों को सुरक्षा से ऊपर सम्मान और भय से ऊपर स्वतंत्रता को रखने केलिए प्रेरित करके भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक वैकल्पिक मार्ग प्रशस्त किया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नेताजी के देश के विभिन्न क्षेत्रों विशेष रूपसे दक्षिण भारत से गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया और तमिलनाडु के कई जिलों के आईएनए सैनिकों के अनुकरणीय योगदान को भी याद किया। उपराष्ट्रपति ने कहाकि नेताजी का जीवन और आदर्श युवाओं को भय से ऊपर उठने, राष्ट्र के भविष्य की जिम्मेदारी लेने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में कार्य करने केलिए प्रेरित करते हैं। उपराष्ट्रपति ने इस मौके पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस की पुस्तक ‘पिताजी की यादें’ का विमोचन भी किया। उन्होंने कहाकि इस प्रकार के व्यक्तिगत संस्मरण और लेखन विशेष रूपसे युवा पीढ़ी केलिए नेताजी के जीवन और विरासत को समझने में एक मूल्यवान मानवीय आयाम जोड़ते हैं। उपराष्ट्रपति ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी दुर्लभ और महत्वपूर्ण यादगार वस्तुओं की एक विशेष प्रदर्शनी का लोकार्पण किया।
उपराष्ट्रपति ने यह यादगार प्रदर्शनी देश के स्वतंत्रता संग्राम को आकार देने वाले साहस, अनुशासन और अदम्य भावना की गवाह है। उन्होंने कहाकि ऐसे आयोजनों का न केवल ऐतिहासिक महत्व है, बल्कि ये एक महत्वाकांक्षी राष्ट्र की धड़कन भी हैं। प्रदर्शनी में नेताजी का फाउंटेन पेन, उनकी शैक्षणिक योग्यता का प्रमाणपत्र और भारतीय राष्ट्रीय सेना के पदक प्रदर्शित किए गए हैं, जो नेताजी के जीवन, आदर्शों और बलिदानों की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हैं। पराक्रम दिवस समारोह में संस्कृति मंत्रालय की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में नेताजी के जय हिंद के आह्वान और भारत की राष्ट्रीय चेतना पर उनके अमिट प्रभाव का दर्शन दिखाई दिया। समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के महानिदेशक अरिजीत दत्ता चौधरी, विक्टोरिया मेमोरियल हॉल के सचिव अनुराग कुमार, भारतीय संग्रहालय कोलकाता के निदेशक सायन भट्टाचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]