राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और फिनलैंड के राष्ट्रपति की गर्मजोशी भरी भेंट
रायसीना डायलॉग में मुख्य अतिथि थे राष्ट्रपति डॉ अलेक्जेंडर स्टबस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 6 March 2026 12:27:26 PM
नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ अलेक्जेंडर स्टब की राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में गर्मजोशीभरी मुलाकात हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति डॉ अलेक्जेंडर स्टब का स्वागत किया और उनसे बातचीत में कहाकि इसवर्ष के रायसीना डायलॉग में मुख्य अतिथि के रूपमें उनकी उपस्थिति भारत केलिए गौरवांवित करने वाला क्षण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि समकालीन वैश्विक स्थिति पर उनके विचार सभी प्रतिभागियों केलिए अत्यंत मूल्यवान होंगे। द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि भारत फिनलैंड को एक मूल्यवान और भरोसेमंद साझेदार के रूपमें देखता है, जिसके साथ संबंध आपसी विश्वास और साझा लोकतांत्रिक परंपराओं पर आधारित हैं।
भारत और फिनलैंड के राष्ट्रपति ने मानाकि हालके वर्ष में भारत और फिनलैंड के संबंध नवाचार, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, शिक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे प्रमुख स्तंभों से संचालित एक गतिशील साझेदारी के रूपमें विकसित हुए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्वास व्यक्त कियाकि हालही में घोषित भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौता भारत और फिनलैंड केबीच भी व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊर्जा और गति प्रदान करेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति डॉ अलेक्जेंडर स्टब को भारत सरकार के लाइफ मिशन के बारेमें भी जानकारी दी, जो लोगों को टिकाऊ जीवनशैली अपनाने केलिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहाकि टिकाऊ प्रौद्योगिकियों में फिनलैंड की विशेषज्ञता और हरित ऊर्जा से जुड़े भारत के नवाचार इस तथ्य को प्रदर्शित करते हैंकि समृद्धि और स्थिरता साथ-साथ संभव हो सकती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि क्वांटम प्रौद्योगिकी से 6जी तक अत्याधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकियों में फिनलैंड वैश्विक स्तरपर अग्रणी है। उन्होंने विकसित भारत यात्रा में फिनिश कंपनियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहाकि कई भारतीय कंपनियां फिनलैंड में सक्रिय हैं और हजारों भारतीय विशेषकर आईटी पेशेवर, फिनलैंड की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहाकि यह परिदृश्य इन क्षेत्रोंमें दोनों देशों में घनिष्ठ सहयोग की अपार संभावनाएं प्रदान करता है। राष्ट्रपति ने सतत विकास और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों में फिनलैंड के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने उल्लेख कियाकि भारत ने भी सौर व पवन ऊर्जा क्षमताओं का विस्तारकर, सतत ऊर्जा दक्षता में सुधारकर और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन एवं वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन जैसे मंचों की शुरुआत करके जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रमें भी उल्लेखनीय प्रगति की है।