लिवरपूल विश्वविद्यालय के बेंगलुरु कैंपस में शैक्षणिक सत्र-2026 शुरू
देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण!स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 5 June 2026 12:02:25 PM
नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में उच्चशिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शिक्षा मंत्रालय ने यूनाइटेड किंगडम के लिवरपूल विश्वविद्यालय को बेंगलुरु में अपना ब्रांच कैंपस स्थापित करने केलिए अनुमोदन पत्र सौंप दिया है। यह एलओए शिक्षा मंत्रालय के उच्चशिक्षा विभाग के सचिव और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष डॉ विनीत जोशी ने लिवरपूल विश्वविद्यालय बेंगलुरु के प्रोवोस्ट प्रोफेसर रिचर्ड ग्रोस को सौंपा। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और यूनाइटेड किंगडम की विदेश सचिव यवेट कूपर भी उपस्थित थीं। गौरतलब है कि भारत-इंग्लैंड में उच्च शिक्षा सहयोग के विस्तार के आशय से बीते वर्ष भारत-यूके में एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था।
लिवरपूल विश्वविद्यालय को 26 मई 2025 को नई दिल्ली में यूजीसी यानी भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के कैंपस की स्थापना और संचालन विनियम-2023 केतहत एक आशय पत्र (एलओआई) प्रदान किया गया था। पिछले एकवर्ष में विश्वविद्यालय ने आवश्यक शैक्षणिक, बुनियादी ढांचा और विनियामक तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब यूजीसी के विश्वविद्यालय की तैयारियों और विनियमों के प्रावधानों के अनुपालन का मूल्यांकन करने केबाद विश्वविद्यालय को भारत में अपना संचालन शुरू करने केलिए एलओए प्रदान कर दिया गया है। बेंगलुरु में विश्वविद्यालय परिसर में बिजनेस मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, गेम डिजाइन, फाइनेंस और बायोमेडिकल साइंस जैसे क्षेत्रों में स्नातक और परास्नातक कार्यक्रम पेश करेगा। इसकी आनेवाले वर्ष में और भी विषय शुरू करने की योजना है।
बेंगलुरु में लिवरपूल विवि के परिसर की स्थापना एनईपी 2020 के कार्यांवयन में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो अधिक शैक्षणिक सहयोग, छात्रों की बेहतर आवाजाही और भारत में प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थानों की उपस्थिति से उच्चशिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण को प्राथमिकता देता है। शिक्षा क्षेत्रमें सहयोग भारत-यूके द्विपक्षीय संबंधों का मजबूत स्तंभ है और भारत में लिवरपूल विश्वविद्यालय परिसर के खुलने से इन द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वर्ष 1881 में स्थापित लिवरपूल विश्वविद्यालय दुनिया के अग्रणी उच्चशिक्षा संस्थानों में से एक है। विश्वविद्यालय को शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता केलिए पहचाना जाता है और विश्वस्तर पर शीर्ष विश्वविद्यालयों में स्थान दिया गया है।
भारत में लिवरपूल विश्वविद्यालय परिसर स्थापित करने का इसका निर्णय भारत के उच्चशिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के बढ़ते आकर्षण और प्रगतिशील नियामक सुधारों के माध्यम से बनाए गए अवसरों को दर्शाता है। भारत में विश्वस्तरीय संस्थान खुलने से छात्रों केलिए शैक्षिक अवसरों का विस्तार होने और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग गहरा होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में भारत सरकार के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन, सीबी ओबीई और भारत-यूनाइटेड किंगडम के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।