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फ्रांस अटल टिंकरिंग लैब मॉडल से आकर्षित!

भारत फ्रांस नवप्रवर्तकों के लिए साझा नवाचार इकोसिस्टम शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने की पहल

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Monday 15 June 2026 03:26:39 PM

exchange of letter of intent for the india-france atl bridge

फ्रांस/ नई दिल्ली। फ्रांस ने भारत के अटल टिंकरिंग लैब मॉडल से आकर्षित होकर अपने यहां पहली स्कूल नवाचार प्रयोगशाला की शुरूआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत-फ्रांस केबीच नवाचार सहयोग को और गहरा करने के साझा संकल्प के मार्गदर्शन में अटल नवाचार मिशन, नीति आयोग और ला फाउंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स ने दोनों देशों के नवप्रवर्तकों केबीच सहयोग वाले भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज की स्थापना की है। इससे विद्यार्थियों को नवाचार इकोसिस्टम केबीच संबंधों को मजबूत करने, दोनों देशों केबीच द्विपक्षीय नवाचार सहयोग को गहरा करने का मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इस आशयपत्र का फ्रांस में अटल नवाचार मिशन नीति आयोग के निदेशक दीपक बागला और ला फोंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स के प्रबंध निदेशक मैरी पियरे ओलास ने आदान प्रदान किया।
भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज भारत और फ्रांस के नवाचार इकोसिस्टम केबीच सीमापार नवाचार कार्यक्रमों, उद्यमिता आदान प्रदान सहयोग को बढ़ावा देने के रणनीतिक मंच के रूपमें कार्य करेगा। ज्ञान के आदान प्रदान, क्षमता निर्माण और संयुक्त नवाचार गतिविधियों की यह पहल नवप्रवर्तकों को वास्तविक जीवन के समाधान करने तथा प्रारंभिकस्तर की नवाचार क्षमताओं को मजबूत करने में सक्षम बनाएगी। इस पहल का उद्देश्य नवाचार की एक जीवंत संस्कृति विकसितकर भारत फ्रांस केबीच पारस्परिक रूपसे लाभकारी साझेदारियों को बढ़ावा देना है। भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज पहल को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के दौरान शुरू किया गया है, जो दोनों देशों के नवाचार सहयोग को मजबूत करने और भविष्य केलिए प्रतिभाएं तैयार करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल स्कूलस्तरीय नवाचार में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का विस्तार करने तथा दोनों देशों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और नवाचार इकोसिस्टम केबीच सार्थक आदान प्रदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत के प्राचीन सभ्यतागत दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ पर आधारित यह पहल इस विश्वास को प्रतिबिंबित करती हैकि ज्ञान, नवाचार और प्रगति तभी सबसे अधिक सार्थक होते हैं, जब उन्हें साझा किया जाए। अटल टिंकरिंग लैब की कार्यप्रणाली के आदान प्रदान से भारत न केवल एक सिद्ध नवाचार मॉडल साझा कर रहा है, बल्कि साझेदारी, मित्रता और सामूहिक विकास भावना को भी आगे बढ़ा रहा है। अटल नवाचार मिशन के निदेशक दीपक बागला ने इस अवसर पर कहा हैकि यह उपलब्धि भारत की नवाचार यात्रा में विश्व के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत एक ऐसे राष्ट्र के रूपमें विकसित हुआ है, जो न केवल देश के भीतर नवाचार को प्रोत्साहित करता है, बल्कि वैश्विक स्तरपर प्रासंगिक मॉडल और समाधान भी प्रदान करता है। उन्होंने कहाकि जैसे-जैसे हम ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं, भारत फ्रांस एटीएल ब्रिज जैसी पहल नवाचार, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने केप्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है। फ्रांस में स्कूल नवाचार प्रयोगशाला की स्थापना, जिसे भारत के अटल टिंकरिंग लैब इकोसिस्टम से जोड़ा जाएगा, केवल एक नए शिक्षण स्थल का निर्माण नहीं है, बल्कि यह उस दृष्टि को साझा करने का प्रयास हैकि भौगोलिक सीमाओं से परे प्रत्येक युवा को नवाचार करने, सृजन करने और नेतृत्व करने का अवसर मिलना चाहिए।
मैरी पियरे ओलास ने कहाकि टिकाऊ भविष्य के निर्माण केलिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली माध्यम है। उन्होंने कहाकि युवा पीढ़ी को खोजपरक और अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी सीखने और उन्हें समझने केलिए प्रेरित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहाकि अटल इनोवेशन लैब्स इस उद्देश्य को प्राप्त करने केलिए एक अनूठी पहल है, जो प्रारंभिक अवस्था से ही रचनात्मकता, प्रयोगधर्मिता और उद्यमशील कौशल को विकसित करती हैं। मैरी पियरे ओलास ने कहाकि बीते सात वर्ष से भारत और फ्रांस में अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से ला फोंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स नवाचार की इस सोच को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने केलिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब हैकि अटल नवाचार मिशन की शुरुआत वर्ष 2016 में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में योगदान देने की दृष्टि से की गई थी। स्थापना केबाद से एआईएम स्कूलों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत में नवाचार इकोसिस्टम के निर्माण और संवर्धन केलिए एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल के रूपमें उभरा है। अटल टिंकरिंग लैब्स आज दुनिया के सबसे बड़े स्कूल आधारित नवाचार नेटवर्कों में से एक बन चुकी हैं, जो लाखों विद्यार्थियों को डिज़ाइन थिंकिंग, समस्या-समाधान, उभरती प्रौद्योगिकियों और उद्यमिता से संबंधित कौशलों से सशक्त बना रही हैं।
भारत ने पिछले दशक में दुनिया के सबसे बड़े नवाचार इकोसिस्टम में से एक का निर्माण किया है। इस परिवर्तन के प्रमुख प्रेरक तत्वों में से एक अटल नवाचार मिशन, नीति आयोग रहा है, जिसने कक्षाओं से लेकर स्टार्टअप्स और उद्योग जगत तक नवाचार को बढ़ावा दिया है। वर्ष 2016 से अब तक पूरे भारत में 10000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को डिज़ाइन थिंकिंग, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, 3डी डिज़ाइन एवं प्रिंटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़ने का अवसर मिला है। अटल टिंकरिंग लैब आंदोलन ने यह सिद्ध किया हैकि नवाचार की शुरुआत जिज्ञासा से होती है और यह तब फलता-फूलता है जब युवा मस्तिष्कों को प्रयोग करने, सृजन करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने केलिए उपयुक्त वातावरण प्रदान किया जाता है। जैसाकि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हैकि भारत का भविष्य युवाओं के नवाचार कार्यों पर निर्भर करेगा। भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज इसी कल्पना का प्रतीक है और मित्रता, सहयोग तथा युवा नवप्रवर्तकों और छात्र उद्यमियों की शक्ति में साझा विश्वास का एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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