हज कमेटी ऑफ इंडिया पोर्टल और सुविधा ऐप पर जल्द आवेदन आमंत्रित
सऊदी के हज मंत्रालय ने भारतीय हज मिशन 2026 को किया है सम्मानितस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 23 June 2026 03:36:50 PM
नई दिल्ली। भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने हज नीति-2027 की घोषणा कर दी है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नीति जारी करते हुए कहा हैकि हज कमेटी हज-2027 केलिए हाजियों से जल्द आवेदन आमंत्रित करेगी। उन्होंने कहाकि हज-2027 केलिए हज पर जाने के इच्छुक लोग हज कमेटी ऑफ इंडिया के पोर्टल (hajcommittee.gov.in) और हज सुविधा ऐप पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, इनपर आवेदन प्रक्रिया लचीली, सरल और अधिक सुलभ है। किरेन रिजिजू ने यहां यहभी उल्लेख कियाकि हज कमेटी ऑफ इंडिया और निजी क्षेत्र केबीच कोटे का बंटवारा 70:30 के अनुपात में ही रहने की उम्मीद है, जिसमें 'हज कमेटी ऑफ इंडिया' केलिए 1,22,518 सीटें और निजी क्षेत्र केलिए 52,507 सीटें होंगी। हालांकि भारत सरकार हज यात्रियों केलिए हज कोटा बढ़ाने का प्रयास करेगी। पिछले वर्ष यह कोटा 1,75,025 था।
अल्पसंख्यक मंत्री ने इससे पहले हज-2026 की समीक्षा की और हज-2027 की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया। हज नीति की शीघ्र घोषणा यह दर्शाता हैकि अल्पसंख्यक मंत्रालय सऊदी अरब की निर्धारित समयसीमा के अनुपालन और समय पर तैयारी पर जोर दे रहा है। हज नीति-2027 प्रत्येक हज यात्री केलिए हज यात्रा को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने केलिए मंत्रालय के निरंतर प्रयासों को बढ़ावा देती है, जो हज-2026 की हजयात्री केंद्रित पहलों जैसे मीना में सोफा-सह-बिस्तर, मक्का और मदीना केबीच हाईस्पीड ट्रेन से यात्रा, मक्का में होटल शैली के आवास और 20-दिवसीय लघु हज पैकेज पर आधारित है। सऊदी हज और उमराह मंत्रालय ने इन प्रयासों को देखते हुए भारतीय हज मिशन को हज 2026 केलिए ‘सर्वश्रेष्ठ हज समन्वय और संचार’ श्रेणी केतहत दो लब्बैतुम पुरस्कार प्रदान किए, यह सम्मान पहलीबार प्राप्त हुआ है।
हज नीति केतहत राज्य हज निरीक्षक का अनुपात हर 150 हज यात्रियों पर एक निरीक्षक से बढ़ाकर हर 135 तीर्थयात्रियों पर एक निरीक्षक कर दिया गया है। प्रतीक्षा सूची में बढ़ती संख्या का उचित तरीके से समाधान करने केलिए हज-2026 के अंतिम प्रतीक्षा सूची आवेदकों के शीर्ष 20 प्रतिशत को प्राथमिकता दी जाएगी। अपने पहले वर्ष में उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिलने वाले लघु हज पैकेज को जारी रखा जा रहा है, इसके साथही इस क्षेत्र से अधिक मांग को देखते हुए कोलकाता को एक अतिरिक्त एम्बार्केशन पॉइंट (यात्रा शुरू करने का स्थान) के तौरपर इसमें शामिल किया गया है। यह नीति चिकित्सा जांच को सऊदी अरब के चिकित्सा दिशानिर्देशों के अनुरूप बनाती है। इसमें जांच को और सख्त किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सकेकि गंभीर या पुरानी बीमारी वाले लोगों को हज पर जाने की मंज़ूरी न मिले, जिससे हज यात्रियों की सेहत और सुरक्षा बनी रहे।
अल्पसंख्यक मंत्रालय हज यात्रियों के प्रबंधन को शुरू से आखिर तक बेहतर बनाने केलिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कई नए उपाय भी अपना रहा है। इनमें एआई की मदद से चलने वाले ऐप्स, यात्रियों के दस्तावेजों का सत्यापन, अलग-अलग जगहों से उड़ानों केलिए मांग मॉडलिंग और शिकायतों को रियलटाइम में ट्रैक करना और आगे बढ़ाना शामिल है। सरकार की प्रौद्योगिकी आधारित हज की पहल केतहत इन उपायों को चरणों में लागू करने की योजना है। इस प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हज यात्रियों केलिए बातचीत करने वाला एआई असिस्टेंट है, इसे हिंदी, उर्दू और मुख्य क्षेत्रीय भाषाओं में चौबीस घंटे मदद देने केलिए बनाया गया है, ताकि यात्री अपनी भाषा में आसान आवाज़ या टेक्स्ट करके प्रश्न पूछ सकें और जानकारी प्राप्त कर सकें। इसका उद्देश्य आवेदन फ़ॉर्म भरने और उसे जमा करने से लेकर भुगतान, उड़ान, रहने के स्थान और सामान के बारेमें जानकारी पाने, शिकायतें दर्ज करने और आपातकाल में मदद मांगने तक जैसे प्रत्येक चरण में हज यात्रियों की मदद करना है।
एआई असिस्टेंट के जरिए आवेदन फ़ॉर्म में त्रुटियों और अस्वीकृतियों को कम किया जा सकेगा, बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और पहलीबार हज करने वाले तथा बुजुर्ग हज यात्रियों केलिए सटीक जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। सऊदी नुसुक प्लेटफ़ॉर्म केसाथ भी इसे जोड़ने की योजना है, ताकि भारतीय और सऊदी सिस्टम में हज यात्रियों की सेवाएं बिना किसी रुकावट के एकसाथ कारगर हो सकें और हज यात्रियों को अपनी पूरी यात्रा के दौरान लगातार और वास्तविक समय की जानकारी मिलती रहे। केंद्रीय मंत्री ने सभी योग्य हज यात्रियों से निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करने का आग्रह किया और हज कमेटी ऑफ इंडिया तथा सभी संबंधित एजेंसियों को आवेदन की प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहाकि भारत सरकार प्रत्येक भारतीय हज यात्री केलिए सुरक्षित, आरामदायक, पारदर्शी और सम्मानजनक हज सुनिश्चित करने केलिए प्रतिबद्ध है।