ग्लाव झील के जुड़ने से भारत में रामसर स्थलों की संख्या 101 हुई
यहां 150 से अधिक वृक्ष और 49 ऑर्किड प्रजातियां पाई जाती हैंस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 4 August 2026 04:55:23 PM
ईटानगर/ नई दिल्ली। पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील को भारत का 101वां रामसर स्थल घोषित किया। भूपेंद्र यादव ने कहाकि यह राज्य केलिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि उसे अपना पहला रामसर स्थल प्राप्त हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस उपलब्धि को जैव विविधता संरक्षण, जल और जलवायु सुरक्षा तथा सतत आजीविका केलिए महत्वपूर्ण कदम बताया। भूपेंद्र यादव ने भारत के रामसर नेटवर्क के उल्लेखनीय विस्तार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहाकि 2014 में 26 रामसर स्थलों से आज 101 तककी यह उल्लेखनीय यात्रा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास केप्रति नरेंद्र मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पर्यावरण मंत्री ने कहाकि प्रत्येक नया रामसर स्थल प्रकृति की रक्षा करने और इन महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों पर निर्भर समुदायों के हितों की रक्षा करने के भारत के संकल्प को और मजबूत करता है। इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहाकि भारत रामसर स्थलों को नामित करने के मामले में 100 का आंकड़ा पारकर अपनी यात्रा जारी रखे हुए है। कमलांग टाइगर रिज़र्व और वन्यजीव अभ्यारण्य के अंतर्गत ग्लाव झील पूर्वी हिमालय में निर्मल मीठे पानी की झील है और जैव विविधता का एक प्रमुख केंद्र है। यह झील बारहमासी पहाड़ी धाराओं से पोषित होती है और चारों ओर घनी वनस्पति से घिरी हुई है, जो समृद्ध वनस्पति विविधता को संरक्षित करती है। पर्यावरण मंत्री ने बतायाकि यहां 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियां और 49 ऑर्किड प्रजातियां पाई जाती हैं, जो ग्लाव झील और इसके आसपास के परिदृश्य के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करती हैं।