टोक्यो में हुआ आठवां भारत-जापान रक्षा नीति संवाद
जापान के रक्षामंत्री को भारत आने का निमंत्रण दियास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Monday 13 July 2026 05:41:33 PM
टोक्यो। भारत और जापान ने टोक्यो में 8वे रक्षा नीति संवाद में दोनों देशों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की और भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और ज्यादा मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। रक्षा नीति संवाद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया, जबकि जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय मामलों के रक्षा उपमंत्री कानो कोजी ने किया। दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा परिवेश पर व्यापक चर्चा की और पारस्परिक हित के मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान किया। संवाद में द्विपक्षीय रक्षा गतिविधियों के संपूर्ण दायरे की समीक्षा की गई, जिसमें सैन्य आदान प्रदान, संयुक्त मुख्यालयों केबीच सहयोग, समुद्री सहयोग, रक्षा अभ्यास, क्षमता निर्माण, समुद्री प्रौद्योगिकी, रक्षा उपकरण, प्रौद्योगिकी सहयोग और संस्थागत अंतःक्रियाओं को बढ़ावा देना शामिल है।
भारत और जापान ने रक्षा सहयोग के निरंतर विस्तार का स्वागत किया और नियमित उच्चस्तरीय आदान प्रदान और संवाद के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आगामी मंत्रिस्तरीय दौरों, इनमें इसवर्ष होनेवाली 2+2 बैठकें भी शामिल हैं के संभावित परिणामों पर चर्चा की। दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग, तकनीकी नवाचार, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और साझा रणनीतिक हित के क्षेत्रों सहित उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा पर चर्चा की। भारत और जापान ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर दोनों देशों केबीच बढ़ते तालमेल पर संतोष व्यक्त किया और हिंद-प्रशांत क्षेत्रमें मिलकर काम करना जारी रखने पर सहमति जताई। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कानून के सम्मान पर आधारित एक स्वतंत्र, खुले और नियम आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। रक्षा सचिव ने रक्षा क्षेत्र में भारत केसाथ जापान की निरंतर भागीदारी की सराहना की और भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के ढांचे केतहत व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
जापान के रक्षा उपमंत्री कानो कोजी ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भारत केसाथ रक्षा संबंधों को और विस्तार देने की जापान की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत के रक्षा सचिव ने जापान के रक्षामंत्री शिंजीरो कोइज़ुमी से भी मुलाकात की और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दीं। दोनों ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की बढ़ती गति की पुष्टि की। उन्होंने रक्षामंत्री की ओर से जापान के रक्षामंत्री को जल्द से जल्द भारत आने का निमंत्रण भी दिया। रक्षा सचिव ने टोक्यो में आत्मरक्षा बलों के स्मारक पत्थर पर पुष्पांजलि अर्पित करके अपनी यात्रा की शुरुआत की और जापान के आत्मरक्षा बलों के उन सदस्यों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने अपने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान कर दिया। इस संवाद ने भारत जापान के और गहरे होते रक्षा संबंधों, आपसी सम्मान और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थिरता केप्रति साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।