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भारत के युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत-खेल मंत्री

नई दिल्ली में 'विकसित भारत के लिए युवा: माय भारत युवा सम्मेलन'

'भारतीय अपनी प्रतिभाओं से देश की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ा रहें'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 6 June 2026 07:07:45 PM

youth for viksit bharat convention

नई दिल्ली। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने कहा हैकि भारत के युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। खेल मंत्री डॉ मनसुख मांडविया दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता केसाथ आज राष्ट्रीय राजधानी के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 'विकसित भारत के लिए युवा: माय भारत युवा सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में देशभर से 6000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जो छात्रों, युवा पेशेवरों, युवा महिलाओं, उद्यमियों, कंटेंट क्रिएटर्स, इनोवेटर्स, उभरते नेताओं और उपलब्धि हासिल करने वालों सहित विविध पृष्ठभूमि का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसमें राष्ट्र निर्माण में युवाओं की परिवर्तनकारी भूमिका और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की यात्रा को प्रदर्शित किया गया। सम्मेलन में विधायक और गायिका मैथिली ठाकुर, अभिनेता विक्रांत मैसी, उद्यमी अमन गुप्ता और भारतीय क्रिकेटर जितेश शर्मा सहित कई प्रख्यात हस्तियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करके राष्ट्रीय विकास में सार्थक योगदान देने केलिए प्रोत्साहित किया।
खेल मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने भारत के जनसांख्यिकीय लाभ पर भी बल दिया, जिसमें इसकी लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। उन्होंने कहाकि युवा हमारी शक्ति, हमारा गौरव, हमारा संकल्प और हमारा भविष्य हैं। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा भारतीयों को नवाचार करने, उत्कृष्टता हासिल करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के अभूतपूर्व अवसर मिले हैं, चाहे स्टार्टअप हो, खेल हो, सार्वजनिक सेवा हो, उद्यमिता हो या रचनात्मक क्षेत्र, युवा भारतीय अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और देश की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ा रहे हैं। डॉ मनसुख मांडविया ने राष्ट्र निर्माण की दिशा में युवाओं की क्षमता को पोषित करने और उसे सही दिशा देने केलिए 'एमवाई भारत' की पहलों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने एमवाई भारत की हालिया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड उपलब्धि की भी सराहना की और युवाओं से इस मंच के कार्यक्रमों, स्वयंसेवी अवसरों और राष्ट्र निर्माण की पहलों में सक्रिय रूपसे भाग लेने का आग्रह किया।
युवाओं से अपनी क्षमता को पहचानने और उत्कृष्टता केलिए प्रयास करने का आह्वान करते हुए डॉ मनसुख मांडविया ने कहाकि यह समय युवाओं का है। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विकसित भारत की परिकल्पना की है, जो युवा भारतीयों के विचारों, नवाचार और आकांक्षाओं से आकार लेता है, हमें मिलकर एक प्रतिस्पर्धी, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना होगा, जो 140 करोड़ नागरिकों के सपनों को साकार करे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहाकि भारत के युवा अपनी प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने केलिए तैयार हैं। उन्होंने कहाकि भारत के युवा मेहनती, दूरदर्शी, रचनात्मक और साहसी हैं और एक युवा भारतीय की हर उपलब्धि देश को विकसित भारत की ओर बढ़ने में मदद करती है। उन्होंने कहाकि किसीभी क्षेत्रमें उत्कृष्टता दृढ़ता, अनुशासन और समर्पण पर आधारित होती है और उन्होंने खेल, उद्यमिता, कंटेंट क्रिएशन, कला और सार्वजनिक सेवा क्षेत्रमें युवा भारतीयों की उपलब्धियों की सराहना की। अभिनेता विक्रांत मैसी ने प्रधानमंत्री भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था की उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रकाश डाला और डिजिटल सशक्तिकरण व नवाचार से सृजित अवसरों पर जोर दिया।
उद्यमी अमन गुप्ता ने उद्यमिता, नवाचार और अनुकूल व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देकर भारत को विश्व की स्टार्टअप राजधानी के रूपमें स्थापित करने केलिए सरकार के प्रयासों पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में भारतीय खेलों में उपलब्धियों और योगदान केलिए मेधावी खिलाड़ियों को सम्मानित करके खेल उत्कृष्टता का जश्न भी मनाया गया। क्रिकेटर जितेश शर्मा ने ‘भारत में खेलें, भारत केलिए खेलें’ विषय पर अपने अनुभव साझा किए, जिससे युवा खिलाड़ियों को उत्कृष्टता प्राप्त करने और राष्ट्र की खेल आकांक्षाओं में योगदान देने केलिए प्रेरणा मिली। इस सत्र में युवा मामलों की सचिव पल्लवी जैन गोविल भी उपस्थित थीं, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की निरंतर भागीदारी के महत्व और युवा नेताओं को सशक्त बनाने की सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता पर जोर दिया। माय भारत युवा सम्मेलन का समापन विकसित भारत संकल्प केसाथ हुआ, जिसमें युवाओं ने 2047 में स्वतंत्रता की शताब्दी तक एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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