'सरकार जनजातीय युवाओं के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत'
'छात्रवृत्ति योजनाएं युवाओं के सपनों को पंख देने का माध्यम'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 2 June 2026 04:18:15 PM
नई दिल्ली। जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों के एक समूह ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। लाभार्थी युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहाकि युवा हमारे राष्ट्र की शक्ति, आशा और उज्ज्वल भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहाकि हम वर्ष 2047 तक भारत को 'विकसित भारत' में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, इस उद्देश्य को प्राप्त करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहाकि हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस आवश्यकता है सही मार्गदर्शन, सहयोग और एक उचित मंच उपलब्ध कराने की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आशा व्यक्त करते हुए कहाकि छात्रवृत्ति लाभार्थियों की उपस्थिति इस बातका प्रमाण हैकि यदि अवसर मिले तो हमारे गांवों, दूरदराज के क्षेत्रों और जनजातीय अंचलों से ऐसे युवा निकलकर आएंगे, जो भारत का नाम उज्ज्वल करेंगे। राष्ट्रपति ने कहाकि भारत सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए जनजातीय समुदायों से आनेवाले युवाओं को सशक्त बनाने और उनका उत्थान करने केलिए निरंतर प्रयासरत है। राष्ट्रपति ने कहाकि छात्रवृत्ति योजनाएं केवल वित्तीय सहायता के साधन मात्र नहीं हैं, वे युवाओं के सपनों को पंख देने का काम करती हैं, छात्रवृत्तियां उन युवाओं के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोलती हैं, जिनके पास असीम प्रतिभा तो है, लेकिन संसाधनों का अभाव उन्हें आगे बढ़ने से रोकता है। राष्ट्रपति ने कहाकि शिक्षा सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण साधन है, शिक्षा ही वह शक्ति है, जो किसी व्यक्ति को आत्मनिर्भर, जागरुक और सक्षम बनाती है। उन्होंने कहाकि उनकी अपनी जीवनयात्रा में भी शिक्षा ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि युवाओं की शिक्षा और अनुभव उन बच्चों केलिए प्रेरणा बननी चाहिए, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं और जब वे दूसरों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे, तभी राष्ट्र का समावेशी विकास एक वास्तविकता बन पाएगा। द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि युवा हमारे राष्ट्र की शक्ति, आशा और उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं विशेष रूपसे जनजातीय समुदायों से आनेवाले युवाओं से आग्रह कियाकि वे अपनी जड़ों और अपने लोगों को न भूलें। उन्होंने कहाकि जब युवा अपनी विरासत पर गर्व करते हुए शिक्षा और प्रौद्योगिकी की शक्ति के बल पर आगे बढ़ेंगे तो वे एक सुदृढ़, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहाकि वे जिसभी क्षेत्र को चुनें, उनमें वे समाज और राष्ट्र के विकास केलिए सक्रिय योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री जुआल ओराम और जनजातीय समुदाय उपस्थित थे।