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एम्स भोपाल में थायराइड कैंसर का उपचार संभव

न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में आधुनिक और प्रभावी सुविधाएं उपलब्ध

आम नागरिकों केलिए उपचार विकल्प अत्यंत लाभकारी साबित हो रहें

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 11 March 2026 02:26:28 PM

thyroid cancer (file photo)

भोपाल। एम्स भोपाल में थायराइड संबंधित बीमारियों के उपचार केलिए न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में आधुनिक और प्रभावी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जो आम नागरिकों केलिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही हैं। थायराइड से जुड़ी दो प्रमुख बीमारियों-हाइपरथायरॉइडिज्म और डिफरेंशिएटेड थायराइड कैंसर में न्यूक्लियर मेडिसिन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पहली बीमारी हाइपरथायरॉइडिज्म है, जो कैंसर नहीं है, लेकिन इसमें थायराइड ग्रंथि सामान्य से अधिक सक्रिय हो जाती है। इस कारण मरीज को लंबे समय तक एंटी थायरॉइड दवाएं लेनी पड़ती हैं। कई मरीजों केलिए यह स्थिति शारीरिक और मानसिक रूपसे थकाने वाली हो सकती है।
हाइपरथायरॉइडिज्म के मामले में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में रेडियो आयोडीन ट्रीटमेंट एक प्रभावी और सुरक्षित उपचार विकल्प के रूपमें उपलब्ध है। यह उपचार थायराइड की अतिरिक्त सक्रियता को नियंत्रित करने में मदद करता है और लंबे समय तक दवाओं पर निर्भरता कम कर सकता है। दूसरी महत्वपूर्ण बीमारी थायराइड कैंसर है। थायराइड कैंसर के लगभग 90 प्रतिशत मामलों का जड़ से इलाज संभव है, विशेषकर जब वह डिफरेंशिएटेड प्रकार का हो। अन्य कैंसर की तरह इसमें भी सर्जरी की जाती है, लेकिन डिफरेंशिएटेड थायराइड कैंसर के मामलों में सर्जरी केसाथ रेडियो आयोडीन ट्रीटमेंट भी किया जाता है। यह उपचार शरीर में शेष बचे कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में सहायक होता है और पुनरावृत्ति की संभावना को कम करता है।

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