रणनीतिक रूप से विकसित की गई हैं एक्सप्रेसवे पर हवाई पट्टियां
आपातकालीन लैंडिंग सुविधा से रक्षा संबंधी तैयारियां और मजबूतस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 23 April 2026 03:21:24 PM
सुल्तानपुर। भारतीय वायुसेना ने सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दिन और रात दोनों समय आपातकालीन लैंडिंग सुविधा से रक्षा संबंधी तैयारियों को मजबूत करते हुए अपनी ऑपरेशनल क्षमताएं प्रदर्शित कीं। भारतीय वायुसेना के जैगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, सी-295 और एएन-32 सहित विभिन्न प्रकार के विमानों के बेड़े, एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर और गरुड़ कमांडो टीम ने रोमांचक और दुश्मनों के घातक मंसूबों को नेस्तनाबूद करने वाले श्रेष्ठ करतब दिखाए। भारतीय वायुसेना ने यूपीईआईडीए और स्थानीय नागरिक प्रशासन केसाथ मिलकर दिन और रात दोनों समय इन आपातकालीन विमान बेड़े को कम से कम समय में सक्रिय करने केलिए अपनी मानक संचालन प्रक्रियाओं का मान्यीकरण किया।
देश में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा अभ्यास ने मानक रनवे की अनुपलब्धता के दौरान भी निर्बाध संचालन करने की भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को काफी हद तक बढ़ाया है। अभ्यास के दौरान वायुसेना के कुशल विमान चालक दल और जमीनी चालक दल की अल्प सूचना पर ऐसे एक्सप्रेसवे हवाई पट्टियों को त्वरित सक्रिय करने की क्षमता को प्रदर्शित किया गया। गौरतलब हैकि राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर रणनीतिक रूपसे विकसित ये हवाई पट्टियां संचालन संबंधी मजबूती को काफी हदतक बढ़ाती हैं और आपात स्थितियों के दौरान महत्वपूर्ण बलों को कई गुणा बढ़ाने में मददगार हैं, इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आपदा मोचन क्षमताओं को मजबूती मिलती है।
भारतीय वायुसेना की संचालन आवश्यकताओं और यूपीईआईडीए के असैनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन एवं स्थानीय नागरिक प्रशासन के सहयोग से निर्मित यह सहयोगात्मक ढांचा ऐसे राजमार्गीय हवाई पट्टियों की संचालन व्यवहार्यता को अधिकतम करता है। ईएलएफ को सक्रिय बनाने में तीनों संगठनों का तालमेल न केवल राष्ट्र की समग्र रणनीतिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि क्षेत्रमें आपदा जोखिम न्यूनीकरण क्षमताओं को भी बढ़ाता है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पंचायती राज और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री ओमप्रकाश राजभर, वायुसेना प्रमुख बी मणिकांतन, एओसी इन सी, सीएसी, वायुसैनिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।