61वीं फेमिना मिस इंडिया ने किया प्राचीन कुनबी बुनाई का नेतृत्व
वैश्विक वस्त्र एवं फैशन बाजारों में भारतीय हथकरघा को बढ़ावास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Monday 20 April 2026 11:24:43 AM
भुवनेश्वर। ओडिशा में 61वें फेमिना मिस इंडिया में ‘विश्व सूत्र’ कलेक्शन के माध्यम से भारतीय हथकरघा बुनाई को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया गया। वस्त्र मंत्रालय में विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी) ने संयुक्त रूपसे 61वें फेमिना मिस इंडिया में ‘विश्व सूत्र-दुनिया केलिए भारत की बुनाई’ एक डिजाइनर संग्रह का अनावरण किया, जो भारतीय हथकरघा को समकालीन वैश्विक डिजाइन कथा के भीतर स्थापित करता है। इसमें 30 विशिष्ट हथकरघा बुनाई शैलियों को एकसाथ प्रदर्शित गया है, इनमें से प्रत्येक एक अलग राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं और 30 देशों से प्राप्त प्रेरणाओं से उनकी पुनर्व्याख्या करती हैं, जो विविध सांस्कृतिक तत्वों, आकृतियों और डिजाइन संवेदनाओं को प्रदर्शित करती हैं।
विश्व सूत्र कलेक्शन भारतीय हथकरघा को वैश्विक स्तरपर प्रासंगिक और डिजाइन के मामले में अग्रणी बनाने का एक रणनीतिक प्रयास है, जो इसकी प्रामाणिकता को भी बरकरार रखता है। यह भारत की हथकरघा परंपराओं की गहराई और निरंतरता को दर्शाता है, पीढ़ियों से संरक्षित और परिष्कृत तकनीकें, जो देश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग हैं। वैश्विक फैशन संग्रह में भारतीय बुनाई को विशिष्ट सांस्कृतिक आकृतियों केसाथ जोड़ा गया है-ओडिशा इकत को ग्रीक रूपों केसाथ, कांचीपुरम को नॉर्वेजियन लाइनों केसाथ, मूगा को मिस्र के तत्वों केसाथ, पटोला को स्पेनिश प्रभावों केसाथ और बनारसी को यूएई से प्रेरित परिधानों केसाथ, जो भारत की हथकरघा कला को एक नया डिजाइन परिप्रेक्ष्य प्रदान करता है। विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ एम बीना ने इस अवसर पर कहाकि भारत की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने, आजीविका को सहारा देने और महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने में हथकरघा क्षेत्रकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गांव से वैश्विक’ दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए पारंपरिक बुनाई को आधुनिक डिजाइन और बदलते बाजार परिदृश्य से जोड़ने के महत्व पर जोर दिया।
विश्व सूत्र कलेक्शन में 61वीं फेमिना मिस इंडिया की विजेता साध्वी सतीश सैल ने पारंपरिक कुनबी बुनाई से बनी स्कर्ट पहनी है, जिसे मध्य यूरोपीय शैली में नया रूप दिया गया है। अपनी समृद्ध विरासत केलिए मशहूर कुनबी बुनाई, जो कुन (परिवार) और बी (बीज) से मिलकर बनी है, पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही कुशलता और समुदाय के अटूट बंधन का प्रतीक है। विश्व सूत्र कलेक्शन भारत सरकार की पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक स्तरपर प्रतिस्पर्धी क्षेत्रोंमें परिवर्तित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जो लोकल से ग्लोबल तक वोकल की दृष्टि और प्रधानमंत्री के 5एफ ढांचे (फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन) के अंतर्गत आता है। यह सांस्कृतिक उद्योगों को सुदृढ़ करने, स्थायी आजीविका का निर्माण करने और वैश्विक वस्त्र एवं फैशन बाजारों में भारत की उपस्थिति को बढ़ावा देने में हथकरघा की रणनीतिक भूमिका को भी दर्शाता है।