भगवान महावीर कैंसर अस्पताल में समर्पित और करुणामय उपचार!
कैंसर उत्तरजीवी दिवस पर कैंसर से बचे लोगों के साहस की सराहनास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 25 April 2026 06:32:13 PM
जयपुर। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज जयपुर में भगवान महावीर कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र के 23वें कैंसर उत्तरजीवी दिवस पर कहाकि कैंसर से बचे लोगों का यह दिवस उनकी अटूट आशा और मानवीय साहस का उत्सव है। उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजन केलिए भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र और केजी कोठारी मेमोरियल ट्रस्ट की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने वर्ष 1997 में अपनी स्थापना केबाद से कैंसर के क्षेत्रमें अस्पताल की अनुकरणीय सेवाओं को स्वीकार किया, जिसने अपने समर्पित और करुणामय उपचार से अनगिनत कैंसर पीड़ितों के जीवन को छुआ है। भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों पर उपराष्ट्रपति ने कहाकि आईसीएमआर के राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसार देश में प्रतिवर्ष 15 लाख से अधिक कैंसर के मामले सामने आते हैं। उन्होंने जिक्र कियाकि नरेंद्र मोदी सरकार ने रोकथाम, शीघ्र निदान, उपचार और रोगी देखभाल के उद्देश्य से कई पहलें शुरू की हैं।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बतायाकि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना केतहत 13000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 68 लाख से अधिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें से लगभग 75 प्रतिशत लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उपराष्ट्रपति ने कहाकि केंद्र सरकार देशभर के जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित कर रही है, जिनमें से 450 से अधिक सेंटर पहले से ही कार्यरत हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन केतहत शुरू की गई पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्रारंभिक जांच और जिला एवं उपमंडल अस्पतालों में कैंसररोधी दवाओं को आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल करना शामिल है। निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से निपटने केलिए इसवर्ष की शुरुआत में शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम के बारेमें बात की, जिसका लक्ष्य एक करोड़ से अधिक लड़कियों को कवर करना है। उन्होंने इस पहल को आगे बढ़ाने में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राजस्थान सरकार के प्रयासों की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने देशभर के कैंसर उपचार संस्थानों केबीच बेहतर समन्वय और साझा ज्ञान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहाकि कैंसर देखभाल में नवीनतम तकनीकी प्रगति को सभी सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में प्रभावी ढंग से साझा किया जाना चाहिए, ताकि बेहतर परिणाम सुनिश्चित हो सकें और गुणवत्तापूर्ण उपचार तक व्यापक पहुंच हो सके। उन्होंने कहाकि संस्थानों केबीच अधिक सहयोग और समझ से कैंसर के खिलाफ राष्ट्र की लड़ाई को काफी मजबूती मिलेगी। उन्होंने धूम्रपान, तंबाकू सेवन, नशीली दवाओं के उपयोग और अस्वास्थ्यकर फास्ट फूड की आदतों के हानिकारक प्रभावों के बारेमें निरंतर जागरुकता की आवश्यकता पर बल दिया और कहाकि जीवनशैली में बदलाव कैंसर के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कैंसर से बचे लोगों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उन्हें योद्धा बताया, जिन्होंने असाधारण दृढ़ता और साहस का परिचय दिया है। उन्होंने कहाकि उनकी कहानियां दूसरों केलिए आशा की किरण हैं। उपराष्ट्रपति ने डॉक्टरों और देखभाल करने वालों की अथक सेवा और करुणा केलिए आभार भी व्यक्त किया।
सीपी राधाकृष्णन ने अस्पताल के व्यापक प्रयासों की सराहना की, जिनमें स्क्रीनिंग अभियान, मोबाइल मेडिकल यूनिट और नुक्कड़ नाटक, शैक्षिक व्याख्यान और सामुदायिक शिविर जैसे जागरुकता अभियान शामिल हैं, जिन्होंने शीघ्र निदान और जीवन बचाने में योगदान दिया है। उपराष्ट्रपति ने जागरुकता बढ़ाने, शीघ्र निदान को प्रोत्साहित करने और यह सुनिश्चित करने केलिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान कियाकि कोईभी कैंसर से अकेले न लड़े। उन्होंने लोगों से कैंसर से बचे लोगों की कहानियों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया और एक ऐसे समाज के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया, जहां आशा, भय पर विजय प्राप्त करे। उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर कैंसर से बचे लोगों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागडे, राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर, भगवान महावीर कैंसर अस्पताल के अध्यक्ष नवरतन कोठारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।