खंबटकी घाट खंड मुंबई-पुणे-बेंगलुरु कॉरिडोर की महत्वपूर्ण कड़ी है
चुनौतीपूर्ण राजमार्गों पर आधुनिक और जनकेंद्रित अवसंरचना का निर्माणस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 28 April 2026 11:58:44 AM
पुणे। महाराष्ट्र में पुणे-सतारा राजमार्ग पर खंबटकी घाट का खंड दशकों से धैर्य और साहस की परीक्षा के रूपमें जाना जाता था यानी संकरी लेनें, तीखे एस आकार के मोड़, लंबे ट्रैफिक जाम और लगातार दुर्घटनाएं यात्रा को तनावपूर्ण बनाती थीं, खासकर सप्ताहांत और छुट्टी के ट्रैफिक के दौरान। ड्राइव अक्सर भीड़भाड़ वाली सुरंगों में थकाऊ इंतजार में बदल जाती थी। पुणे-सतारा राजमार्ग पर यातायात सुगम बनाने के प्रयास के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की एनएच-4 (नया एनएच-48) पर खंबटकी घाट ट्विन ट्यूब 6-लेन सुरंग परियोजना महाराष्ट्र के सबसे चुनौतीपूर्ण राजमार्ग खंडों में से एकको आधुनिक, जनकेंद्रित अवसंरचना का प्रतीक बना रही है। परीक्षण संचालन और सुरक्षा मूल्यांकन के हिस्से के रूपमें ट्विन सुरंग का एक हिस्सा परीक्षण उद्देश्यों केलिए जनता केलिए खोल दिया गया है, जिससे यात्री खुद बेहतर अवसंरचना का अनुभव कर सकें।
ट्विन ट्यूब सुरंग परियोजना की प्रगति 86 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और यह सुरंग 2026 की पहली छमाही में उद्घाटन के ट्रैक पर है। एक नियमित यात्री, जो खंबटकी घाट से नियमित रूपसे यात्रा करता है, नई सुरंग में प्रवेश करते ही अंतर महसूस करता है। यहां अधिक रिफ्लेक्टर हैं, बेहतर लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे, दिखाई देने वाली सुरक्षा गार्ड रेलिंग और उचित अग्निशामक बिंदु हैं। पुरानी सुरंग की तुलना में यह बहुत चौड़ी है और यह सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। सतारा से पुणे जा रहे नियमित यात्री पुराने रूट पर रोजमर्रा के संघर्ष को याद करते हैं तो पहले पुरानी सुरंग में केवल दो लेनें थीं, इसके कारण ट्रैफिक जमा हो जाता था, अगर कोई कार या ट्रक खराब हो जाती तो लंबा जाम लग जाता और दुर्घटना का गंभीर जोखिम था। पुरानी सुरंग का रूट लगभग 15-20 मिनट लेता था, अब नई सुरंग के कारण यह केवल 5-10 मिनट में हो जाता है। जो कभी गतिरोध था, वह अब राजमार्ग का सबसे तेज और सबसे सुगम खंड बन गया है।
खंडाला और सतारा केबीच रोजाना यात्रा करने वाले नजदीकी गांव के लोग कहते हैंकि इस सुरंग ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बदल दी है, यह उन्हें यात्रा करने में बहुत अच्छी और बहुत सुरक्षित लगती है। पुरानी सुरंग में यात्रा का समय लंबा था और दुर्घटना का जोखिम भी बहुत अधिक था। वे कहते हैंकि सुरंग के अंदर लाइटिंग उत्कृष्ट है, जो इसे और सुरक्षित बनाती है। खंबटकी घाट खंड मुंबई-पुणे-बेंगलुरु कॉरिडोर की महत्वपूर्ण कड़ी है, जो पुणे, सतारा, कोल्हापुर और बेलगाम जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है, साथही पंचगनी, महाबलेश्वर, कास पठार जानेवाले हजारों पर्यटकों और सज्जनगढ़ आनेवाले भक्तों की सेवा करता है। ट्विन सुरंग से पुणे-सतारा केबीच यात्रा समय, दुर्घटना जोखिम, ईंधन खपत और वाहन रखरखाव लागत कम होगी, वाहनों की घिसावट कम होगी, स्थानीय यात्रियों, व्यापार और पर्यटन केलिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।