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भारत भूटान ने विद्युत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया

दोनों देशों के विद्युत मंत्रियों की मौजूदगी में महत्वपूर्ण समझौते

चार दिनी भूटान यात्रा पर हैं केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल

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Thursday 9 April 2026 06:05:48 PM

india and bhutan have enhanced cooperation in the power sector

थिम्पू/ नई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत एवं आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर चार दिन की यात्रा पर आज भूटान पहुंचे, उनकी यह यात्रा भारत-भूटान द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गौरतलब हैकि भारत और भूटान केबीच परस्पर विश्वास, समझ और विभिन्न क्षेत्रोंमें घनिष्ठ सहयोग पर आधारित दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंध हैं। केंद्रीय विद्युत मंत्री की यह भूटान यात्रा ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास सहयोग के साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है। मनोहर लाल खट्टर ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात की और उनके साथ स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्रमें सहयोग बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
भूटान के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग केसाथ बैठक में विद्युत मंत्री ने जलविद्युत क्षेत्रमें सहयोग मजबूत करने, नवीकरणीय ऊर्जा और क्षेत्रीय विद्युत व्यापार में भविष्य के अवसरों पर चर्चा की। विद्युत क्षेत्रमें सहयोग का दायरा विस्तृत करते हुए भारत और भूटान ने द्विपक्षीय संस्थागत ढांचागत स्थापित किया है। यह तंत्र परस्पर सहयोग अधिक सुदृढ़ बनाने में दोनों देशों केबीच मौजूदा और भविष्य योजनाओं की नियमित समीक्षा और समन्वय में सक्षम बनाएगा। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रोंमें गैर जल विद्युत ऊर्जा, सीमापार पारेषण, परियोजना वित्तपोषण, क्षमता निर्माण और संस्थागत साझेदारी शामिल है। दोनों पक्षों ने सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने पुनात्सांगचू-II जलविद्युत परियोजना के दर संबंधी नियम पर हस्ताक्षर किए, जो पारस्परिक लाभकारी जलविद्युत सहयोग की दिशामें बढ़ता कदम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने 1020 मेगावाट की पुनात्सांगचू-II जलविद्युत परियोजना का संयुक्त रूपसे 11 नवंबर 2025 को उद्घाटन किया था। इससे 19 सितंबर 2025 से ही पारस्परिक तौरपर सहमत आरंभिक दर पर भारत को अधिशेष विद्युत का निर्यात शुरू हो गया था। प्रतिक्रियाशील ऊर्जा (वह विद्युत शक्ति, जो तीन चरण नेटवर्क के फेस कंडक्टरों और न्यूट्रल केबीच प्रवाहित होती है पर यांत्रिक कार्य में सहायक नहीं होती) लेनदेन संबंधी ऊर्जा लेखांकन कार्यप्रणाली संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस तकनीकी ढांचे का उद्देश्य ग्रिड स्थिरता बढ़ाना, सीमापार बिजली विनिमय दक्षता में सुधार और द्विपक्षीय बिजली व्यापार को सुव्यवस्थित करना है। आशा की गई हैकि केंद्रीय विद्युत मंत्री की भूटान में इन बैठकों और बातचीत से सहयोग के नए मार्ग प्रशस्त होने की संभावना है, जिससे दोनों देशों में निरंतर समृद्धि और खुशहाली बढ़ेगी।
विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इससे पूर्व भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भारत और भूटान केबीच प्रगाढ़ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा जनस्तरीय संबंधों को और सशक्त बनाने पर चर्चा की। मनोहर लाल खट्टर ने कहाकि भारत और भूटान केबीच एक अद्वितीय और अनुकरणीय साझेदारी है, जोकि गहरे पारस्परिक विश्वास, सद्भावना और एकदूसरे केप्रति सम्मान पर आधारित हैं। उन्होंने कहाकि साझा आध्यात्मिक विरासत और लोगों केबीच मधुर संबंध इस विशेष साझेदारी की पहचान रही है। मनोहर लाल खट्टर ने कहाकि 'पड़ोसी प्रथम' नीति के अनुरूप भारत सरकार भूटान केसाथ हर स्तरपर सहयोग केलिए पूर्ण रूपसे प्रतिबद्ध है।

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