स्वतंत्र आवाज़
word map

राजस्थान रेलवे स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस

रेलवे प्रगति विश्वास और विकसित नए भारत का प्रतीक-अश्विनी वैष्णव

राजस्थान को 400 करोड़ रूपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं सौंपी

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 16 May 2026 02:15:47 PM

rajasthan railway stations equipped with world-class facilities

जयपुर। भारतीय रेलवे 'प्रगति, विश्वास और विकसित नए भारत' के प्रतीक के रूपमें लगातार आगे बढ़ रहा है, यह हर यात्री केलिए सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने केलिए यात्री सुविधाओं को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने ये उद्गार राजस्थान को 400 करोड़ रूपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं सौंपते हुए व्यक्त किए। रेलमंत्री ने कहाकि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अलवर रेलवे स्टेशन पर 112 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास हो रहा है। उन्होंने कहाकि दिल्ली-जयपुर मार्ग पर अलवर स्टेशन एक प्रमुख केंद्र है, यहां प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। उन्होंने कहाकि यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए स्टेशन को बेहतर यातायात प्रबंधन प्रणालियों, पर्याप्त पार्किंग सुविधाओं, व्यवस्थित आगमन प्रस्थान और आधुनिक यात्री सुविधाओं केसाथ उन्नत किया जा रहा है।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहाकि अलवर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसके अनुसार रेलवे स्टेशनों को शहरों को जोड़ने के रूपमें कार्य करना चाहिए। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि शहरी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने केलिए स्टेशन के दोनों ओर प्रवेश द्वारों का विकास हो रहा है और स्टेशन भवनों का निर्माण राजस्थान की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के अनुरूप हो रहा है। अश्विनी वैष्णव ने बतायाकि आधुनिक प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, पार्किंग व्यवस्था और यात्रियों की आवाजाही सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने बतायाकि लगभग 16000 वर्ग मीटर के क्षेत्रमें बन रहे नए स्टेशन कॉम्प्लेक्स में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों केलिए खास सुविधाएं होंगी। यात्रियों के आनेजाने को आसान बनाने केलिए प्राइवेट गाड़ियों, टैक्सियों और ऑटो रिक्शा केलिए अलग से पिकअप और ड्रॉप ऑफ ज़ोन भी बनाए जा रहे हैं। लगभग 4500 वर्ग मीटर में फैली नई पार्किंग सुविधा से स्टेशन के अंदर और आसपास के एरिया में पहुंचने में आसानी होगी और भीड़ कम होगी। स्टेशन के बाहरी एरिया में गाड़ियों की आवाजाही और आसान बनाने केलिए एक पूरा ट्रैफिक सर्कुलेशन प्लान तैयार है।
रेलमंत्री ने कहाकि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अलवर क्षेत्र के तीन स्टेशन-गोविंदगढ़, राजगढ़ और खैरथल का काम पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने कहाकि राजस्थान में 85 स्टेशनों पर पुनर्विकास का कार्य चल रहा है, जिनमें से अबतक 15 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है, इनमें बाड़मेर, बूंदी, दौसा, डीग, देशनोक, फतेहपुर शेखावाटी, गंगापुर सिटी, गोगामेड़ी, गोविंदगढ़, राजगढ़, खैरथल, जैसलमेर, मंडल गढ़, मंडावर महवा रोड और सोमेश्वर शामिल हैं। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि राजस्थान में अभी पांच वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़िया चल रही हैं, जबकि एक अमृत भारत एक्सप्रेस भी शुरू की गई है। उन्होंने बतायाकि एक साल में राजस्थान केलिए कई नई रेलगाड़िया भी शुरू की गई हैं, इनमें दिल्ली से जोधपुर और दिल्ली से बीकानेर केबीच वंदे भारत एक्सप्रेस, उदयपुर सिटी से अहमदाबाद केबीच वंदे भारत एक्सप्रेस, जैसलमेर को दिल्ली से जोड़ने वाली स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस, हैदराबाद-जोधपुर भगत की कोठी एक्सप्रेस और पुणे-जोधपुर एक्सप्रेस प्रमुख हैं। उन्होंने कहाकि हालके वर्ष में राजस्थान को कुल 46 नई रेलगाड़िया दी गई हैं, जिससे पूरे राज्य में आवाजाही सुविधा में काफी सुधार हुआ है।
अश्विनी वैष्णव ने बतायाकि राजस्थान के रेलवे बजट का आवंटन ₹10,228 करोड़ हो गया है, राजस्थान में लगभग 3900 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बिछाए जा चुके हैं, मारवाड़ मुंडवा, खेमली, भूपाल सागर, सोनू, हनवंत, सुंदलक, मंडल गढ़, न्यू सरधना, हिरनोदा और कैरला जैसे स्थानों पर दस गति शक्ति कार्गो टर्मिनल पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। उन्होंने बतायाकि जोगी मगरा, लनेला, धानक्या, कोटा जंक्शन, नवलगढ़ और बिराधवाल में छह और कार्गो टर्मिनल निर्माणाधीन हैं, जबकि आठ अतिरिक्त टर्मिनलों केलिए भी मंज़ूरी दे दी गई है। रेलमंत्री ने कहाकि भारतीय रेलवे सीमेंट और टेक्सटाइल से लेकर हस्तशिल्प सेमीकंडक्टर और इंजीनियरिंग उत्पादों जैसे विभिन्न क्षेत्रों केलिए देशभर के बंदरगाहों तक माल ढुलाई की निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करके राजस्थान के उद्योगों को सहयोग देने केलिए प्रतिबद्ध है। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि राजस्थान में कई बड़े रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट एकसाथ चालू हैं, इनमें आगरा-बांदीकुई, अजमेर-चित्तौड़गढ़, बीकानेर-लाल गढ़, चुरू-सादुलपुर और लूणी-भीलड़ी सेक्शन पर दोहरीकरण का काम, धौलपुर-सिरमथुरा-गंगापुर सिटी और देवगढ़ मदारिया-नाथद्वारा, गेज परिवर्तन परियोजनाएं, मथुरा और झांसी केबीच तीसरी लाइन, मथुरा नागदा केबीच तीसरी और चौथी लाइनें और नीमच-बड़ी सादड़ी तथा पुष्कर-मेरता सिटी जैसी नई लाइनें हैं।
अश्विनी वैष्णव ने कहाकि रेवाड़ी-खाटूवास और रींगस-सीकर सेक्शन पर दोहरीकरण का कार्य भी तेज है। उन्होंने कहाकि श्योपुर कलां-कोटा नई लाइन और तारंगा हिल-आबू रोड नई लाइन परियोजना, उमरा-देबारी दोहरीकरण से सुनिश्चित हो रहा हैकि रेलवे का विकास राजस्थान के सभी क्षेत्रों तक पहुंचे। इस अवसर पर वनमंत्री भूपेंद्र यादव भी मौजूद थे। उन्होंने अलवर क्षेत्रमें रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने केलिए अश्विनी वैष्णव को धन्यवाद दिया और कहाकि यात्रियों केहलए कई और ट्रेन सेवाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने कहाकि अलवर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास राजस्थान की भव्यता और स्थापत्य पहचान को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि आधुनिक सुविधाओं से लैस अलवर स्टेशन राज्य के बेहतरीन रेलवे स्टेशनों में से एक बनकर उभरेगा। भूपेंद्र यादव ने इस क्षेत्रमें कई रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास परियोजनाओं को मंजूरी देने और पूरा करने केलिए रेल मंत्रालय को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहाकि इससे कनेक्टिविटी में सुधार और परिवहन में आसानी होने से खैरथल, किशनगढ़ बास, बहरोड़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बहुत लाभ होगा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने खुशी जताते हुए कहाकि राजस्थान को दिल्ली से अपनी निकटता का लाभ मिल रहा है, इससे राज्य में औद्योगिक और परिवहन कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। उन्होंने कहाकि भिवाड़ी, नीमराना और खुशखेड़ा जैसे औद्योगिक केंद्रों को बेहतर रेलवे और परिवहन बुनियादी ढांचे से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहाकि इस क्षेत्र केलिए दो प्रमुख रेल कनेक्टिविटी कॉरिडोर की योजना बनाई जा रही है, इसमें अलवर की ओर एक रेलवे लाइन और बहरोड़ की ओर एक आरआरटीएस कॉरिडोर शामिल है। उन्होंने कहाकि ये परियोजनाएं पारंपरिक रेलवे बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के एकीकरण में सुधार करेंगी और राज्य सरकार इनके कार्यांवयन में तेजी लाने केलिए प्रतिबद्ध है। राजस्थान के राज्यमंत्री संजय शर्मा और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]