'साइप्रस की कंपनियों और निवेशकों केलिए भारत में अपार अवसर'
भारत साइप्रस के द्विपक्षीय संबंध रणनीतिक साझेदारी से और समृद्धस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 23 May 2026 12:32:35 PM
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस और उनके प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक रूपसे स्वागत किया और उनके सम्मान में भोज भी आयोजित किया। राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस से बातचीत में कहाकि भारत और साइप्रस केबीच विश्वास और सद्भावना पर आधारित घनिष्ठ संबंध हैं। उन्होंने कहाकि हमारे द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया है, जो भारत-साइप्रस संबंधों की बढ़ती परिपक्वता, गहराई और पारस्परिक विश्वास को दर्शाता है। राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त कीकि भारत-साइप्रस संबंध एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं, जिसमें रक्षा और सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं, कनेक्टिविटी तथा समुद्री सहयोग जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि साइप्रस भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रमुख स्रोतों में बना हुआ है और साइप्रस की कंपनियां भारत केसाथ व्यापार और निवेश संबंधों के विस्तार में लगातार बढ़ती दिलचस्पी दिखा रही हैं। उन्होंने कहाकि भारत का विशाल बाजार, डिजिटल परिवर्तन, अवसंरचना और विनिर्माण क्षमताएं साइप्रस की कंपनियों और निवेशकों केलिए अपार अवसर प्रदान करती हैं। राष्ट्रपति ने कहाकि प्रौद्योगिकी और नवाचार भारत-साइप्रस संबंधों के सबसे दूरदर्शी क्षेत्रों के रूपमें उभरकर सामने आए हैं। राष्ट्रपति ने कहाकि भारत की युवा प्रतिभा, तकनीकी क्षमताएं और स्टार्टअप इकोसिस्टम, साइप्रस के नवाचार इकोसिस्टम के पूरक बन सकते हैं। उन्होंने कहाकि सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित ऊर्जा, अंतरिक्ष, सतत विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।
राष्ट्रपति ने कहाकि यूरोपीय संघ परिषद की अपनी अध्यक्षता के दौरान साइप्रस विशेष रूपसे भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने केबाद भारत और यूरोप केबीच आर्थिक सहयोग को और अधिक बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राष्ट्रपति ने सीमापार आतंकवाद और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर साइप्रस के समर्थन की सराहना की। उन्होंने साइप्रस की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता केप्रति भारत के अटूट समर्थन को दोहराया। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त कीकि भारत और साइप्रस केबीच घनिष्ठ सहयोग दोनों देशों के लोगों केलिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है।