'शिक्षा जीवन में सफलता प्राप्त करने का सशक्त माध्यम'
'सांसद और विधायक सरकारी स्कूलों को अधिक महत्व दें'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 22 May 2026 01:02:45 PM
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से आंध्रप्रदेश में गुंटूर जिले के स्कूली छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। गौरतलब हैकि सरकारी स्कूलों के 27 लड़कियों सहित 41 मेधावी छात्रों के इस समूह ने कक्षा 10 की परीक्षाओं में असाधारण रूपसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और इस समय वे दिल्ली के शैक्षिक दौरे पर हैं। सरकारी स्कूल के ग़रीब और वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों को शैक्षिक दौरे पर राजधानी दिल्ली लाने की पहल की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहाकि ऐसे दौरे छात्रों को कक्षा से बाहर सीखने और उनके ज्ञान का विस्तार करने में मदद करते हैं। उन्होंने छात्रों से बातचीत करके खुशी व्यक्त की और उनसे प्रेरक उद्गारों में कहाकि सभी सफल लोगों को जीवन में संघर्ष, असफलता और बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि कठिनाइयां किसी व्यक्ति को अधिक मजबूत, अधिक आत्मविश्वासी और सफलता केप्रति अधिक दृढ़ संकल्पित बनाती हैं। छात्रों को अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति से निराश न होने की सलाह देते हुए उन्होंने कहाकि शिक्षा उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त करने केलिए सशक्त बनाएगी। उपराष्ट्रपति ने छात्रों को याद दिलायाकि देश के कई महान वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षक, नवप्रवर्तक, उद्यमी और राजनीतिज्ञ सरकारी स्कूलों एवं सार्वजनिक संस्थानों से ही निकले हैं। सीपी राधाकृष्णन ने बतायाकि उन्होंने भी सरकारी स्कूल में तमिल माध्यम में पढ़ाई की थी और कहाकि शिक्षा जीवन को बदलने, परिवारों को ऊपर उठाने, समुदायों को मजबूत करने और राष्ट्रीय प्रगति में योगदान देने का सबसे शक्तिशाली साधन है। उपराष्ट्रपति ने कहाकि सरकारी स्कूलों को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने केलिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने सांसदों और विधायकों से सरकारी स्कूलों के सुधार और सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति ने कहाकि भारत विश्व की सबसे तेजीसे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं मेंसे एक बनकर उभरा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के सपने की ओर आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहाकि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की यात्रा में छात्रों के सपने और आकांक्षाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। सीपी राधाकृष्णन ने इस बात पर खुशी व्यक्त कीकि 41 मेधावी छात्रों में से 27 लड़कियां थीं। उन्होंने कहाकि यह देश में नारी सशक्तिकरण को दर्शाता है। उपराष्ट्रपति ने छात्रों को मादक पदार्थों और हानिकारक व्यसनों से दूर रहने की सलाह दी, जिनमें सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग भी शामिल है। उन्होंने छात्रों से खेलकूद, पठन-पाठन और रचनात्मकता को प्राथमिकता देने तथा अपनी पढ़ाई, लक्ष्यों और परिवार एवं राष्ट्र केप्रति अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उपराष्ट्रपति ने छात्रों को तीन सिद्धांतों को हमेशा याद रखने की सलाह दीकि वे ईमानदारी से कड़ी मेहनत करें, सफलता में विनम्र रहें और ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण केलिए करें। इस अवसर पर संचार एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर और पश्चिम गुंटूर विधानसभा की सांसद गल्ला माधवी भी उपस्थित थीं।