राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए निर्भरता के बजाय आत्मनिर्भरता पर फोकस!
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने की शुरूआतस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 15 May 2026 06:09:57 PM
अमरावती। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के श्रीसत्य साई जिले के पुट्टपर्थी में आज कई रणनीतिक एयरोस्पेस और रक्षा परियोजनाओं के विकास की शुरूआत करदी है। इनमें प्रमुख है-पुट्टपर्थी में कोर इंटीग्रेशन एंड फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर का उद्देश्य पांचवीं पीढ़ी के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान और भविष्य के स्वदेशी प्लेटफार्मों के विकास में तेजी लाना है। अनाकापल्ली जिले के टी सिरासापल्ली गांव में नौसेना प्रणाली विनिर्माण सुविधा का उद्देश्य उन्नत पनडुब्बी हथियार और नौसैनिक युद्ध प्रणालियों की आवश्यकताओं को पूरा करना है। श्रीसत्य साई जिले के मदाकासिरा में रक्षा ऊर्जा संयंत्र और गोला बारूद एवं विद्युत फ्यूज संयंत्र होगा। ड्रोन कंपनियों के एक संघ ने कुरनूल में ड्रोन सिटी केलिए हाथ मिलाया है और ऐसी कई कंपनियों ने राज्य में रक्षा इकाइयां स्थापित करने केलिए आंध्र प्रदेश सरकार केसाथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षामंत्री ने परियोजनाओं के प्रारंभ को ऐतिहासिक बताया और कहाकि वैश्विक उथल-पुथल के दौर में राष्ट्रीय हितों की रक्षा केलिए रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहाकि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में लक्ष्य दूसरे देशों पर निर्भरता के बजाय आत्मनिर्भरता प्राप्त करना होना चाहिए।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहाकि ये परियोजनाएं रक्षाबलों की शाखाओं की जरूरतों को पूरा करेंगी। उन्होंने कहाकि यह रणनीतिक विविधीकरण संयोगवश नहीं है, हमारा उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट हैकि हम रक्षा क्षेत्रमें आत्मनिर्भरता हासिल करने के दृढ़ लक्ष्य केसाथ आगे बढ़ रहे हैं, यह सुनिश्चित करते हुएकि तीनों सेनाएं भविष्य केलिए तैयार हों। उन्होंने कहाकि ये परियोजनाएं राष्ट्र की आत्मनिर्भरता की राह और आंध्र प्रदेश के विकास पथ में मील का पत्थर साबित होंगी। रक्षामंत्री ने कहाकि ये परियोजनाएं शक्तिशाली विकास केंद्र के रूपमें काम करेंगी, जिससे बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन होगा। उन्होंने कहाकि इंजीनियरिंग कॉलेजों और आईटीआई सहित स्थानीय शैक्षणिक संस्थान इसका अभिन्न अंग बनेंगे, मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं स्थापित होंगी और लघु उद्योग फले-फूलेंगे, स्थानीय युवाओं को उच्चस्तरीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्रमें काम करने, सीखने और आगे बढ़ने का मंच मिलेगा, इससे एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का विकास होगा, जो राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बतायाकि एएमसीए कार्यक्रम केलिए कुल व्यय लगभग 15,000 करोड़ रुपये है और डीआरडीओ की सहयोगी संस्था वैमानिकी विकास एजेंसी का कोर इंटीग्रेशन और फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसकी स्थापना लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत से की जा रही है। राजनाथ सिंह ने कहाकि पुट्टापर्थी उन चुनिंदा वैश्विक स्थलों में शामिल होने जा रहा है, जहां से पांचवीं पीढ़ी का विमान उड़ान भरेगा, यह एक ऐसे विमान का जन्मस्थान बनेगा, जो पलक झपकते ही दुश्मन को नष्ट करने में सक्षम होगा।
राजनाथ सिंह ने कहाकि भारत डायनेमिक्स लिमिटेड की 480 करोड़ रुपये की परियोजना, नौसेना प्रणाली निर्माण सुविधा, स्वायत्त जलमग्न वाहनों, जलमग्न प्रतिवाद प्रणालियों और अगली पीढ़ी के टॉरपीडो पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहाकि यह कई महत्वपूर्ण घटकों और उप-प्रणालियों का निर्माण करेगी, जिन्हें देश अबतक विदेशों से आयात करता रहा है। रक्षामंत्री ने विश्वास व्यक्त कियाकि यह परियोजना भारतीय नौसेना की क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूपसे बढ़ाएगी और देश की नीली अर्थव्यवस्था और समुद्री सुरक्षा केलिए क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी। उन्होंने बतायाकि भारत फोर्ज लिमिटेड की सहायक कंपनी अग्नेयास्त्र एनर्जेटिक्स लिमिटेड की डिफेंस एनर्जेटिक्स फैसिलिटी 1500 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित की जा रही है। राजनाथ सिंह ने आशा व्यक्त कीकि यह सुविधा ऐसे हथियारों का उत्पादन करेगी, जो भविष्य के युद्धों केलिए भारत की तैयारियों को मजबूत करेंगे। राजनाथ सिंह ने कहाकि एचएफसीएल लिमिटेड का गोला-बारूद और इलेक्ट्रिक फ्यूज संयंत्र लगभग 1200 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया जा रहा है। रक्षामंत्री ने फ्यूज को किसी भी गोला-बारूद का सबसे महत्वपूर्ण घटक बताते हुए कहाकि यह परियोजना गोला-बारूद निर्माण में आत्मनिर्भरता में देश के सफर में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहाकि इस संयंत्र में निर्मित अत्याधुनिक फ्यूज हमारी रक्षाबलों की क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूपसे मजबूत करेंगे।
राजनाथ सिंह ने युवा उद्यमियों की सहयोगात्मक सोच की सराहना करते हुए कहाकि ये ड्रोन सिटी इकाइयां भलेही व्यक्तिगत रूपसे छोटे पैमाने पर हों, मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहाकि ड्रोन तकनीक आधुनिक युद्ध में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है, कई क्षेत्रों में इसकी भूमिका तेजीसे बढ़ रही है, यहां उत्पादित ड्रोन वैश्विक स्तरपर भारत की उत्कृष्टता का झंडा बुलंद करेंगे। उन्होंने कहाकि जिस प्रकार सूरत को 'डायमंड सिटी' और बेंगलुरु को भारत की 'सिलिकॉन वैली' के रूपमें जाना जाता है, उसी प्रकार यह क्षेत्र जल्द ही देश के ड्रोन हब के रूपमें पहचाना जाएगा। रक्षामंत्री ने कहाकि बीते दस वर्ष में नरेंद्र मोदी सरकार ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों केबीच की खाई को पाटने का प्रयास किया है। उन्होंने कहाकि आज देश न केवल समग्र सरकारी दृष्टिकोण, बल्कि समग्र राष्ट्र और समग्र जन दृष्टिकोण से आगे बढ़ रहा है, चाहे कोई व्यक्तिगत नवप्रवर्तक हो, कोई बड़ा निगम हो, कोई स्टार्टअप हो या कोई लघु एवं मध्यम उद्यम हो हर कोई राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहाकि सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मॉडल ने रक्षा विनिर्माण को सफलतापूर्वक एक जनआंदोलन में बदल दिया है।
रक्षामंत्री ने लोगों से गलत सूचनाओं के इस दौर में सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहाकि यह जरूरी नहीं हैकि हमारे शत्रु हमपर केवल हथियारों से ही हमला करें, वे अफवाहें या गलत सूचनाएं फैलाकर भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर सकते हैं, वे ऐसी अफवाहें फैला सकते हैं कि देश में तेल खत्म हो गया है या कोई आपदा आने वाली है, यह सब देश में अराजकता और अव्यवस्था फैलाने के विशिष्ट इरादे से किया जाता है। उन्होंने कहाकि हमें अत्यंत सतर्क रहना है, क्योंकि गलत सूचना का एक छोटा सा अंश भी हानिकारक साबित हो सकता है। उन्होंने कहाकि यदि प्रधानमंत्री ने हमें सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने या ईंधन बचाने की सलाह दी है तो इसे सलाह के रूपमें ही लेना चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहाकि राष्ट्र निर्माण का कार्य सामूहिक प्रयासों से ही पूरा होता है, आइए हम सब मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करें, जो न केवल स्वयं की रक्षा करे, बल्कि सार्वभौमिक बंधुत्व की भावना से संपूर्ण विश्व को सहायता प्रदान करने में भी सक्षम हो। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और स्वदेशीकरण एवं आत्मनिर्भरता पर निरंतर ध्यान केंद्रित करते हुए सेना के आधुनिकीकरण केलिए प्रधानमंत्री मोदी और रक्षामंत्री के प्रयासों की सराहना की।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहाकि सुधारों, निवेश और नवाचार पर निरंतर जोर देने के कारण रक्षा एवं अंतरिक्ष क्षेत्रों में राष्ट्र की तैयारी और वैश्विक स्तर पर उसकी स्थिति में वृद्धि हुई है। एन चंद्रबाबू नायडू ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की बढ़ती शक्ति और तकनीकी प्रगति का गौरवपूर्ण उदाहरण और रक्षा क्षेत्रमें आत्मनिर्भरता की सफलता बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि जिन सुविधाओं की आधारशिला रखी गई है, वे देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करेंगी और क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देंगी। मुख्यमंत्री ने उद्योगों और उद्यमियों से ‘आंध्र प्रदेश में डिजाइन करें, आंध्र प्रदेश में निर्माण करें, आंध्र प्रदेश से नेतृत्व करें’ का आह्वान किया और राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहाकि नया आंध्र प्रदेश तीन मजबूत स्तंभों-नवाचार, अवसंरचना और औद्योगीकरण के बलपर निर्मित हो रहा है। उन्होंने कहाकि जैसे-जैसे भारत विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहा है, आंध्र प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्रीगण, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योगजगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।