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कारीगर और बुनकर राष्ट्र की विरासत-राष्ट्रपति

राष्ट्रपति से मिला उत्तर पूर्वी क्षेत्र का कारीगर एवं बुनकरों का समूह

'इन अमूल्य कलात्मक ज्ञान परंपराओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाएं'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 20 May 2026 12:02:43 PM

group of artisans and weavers from the north-eastern region meets the president

नई दिल्ली। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगरों और बुनकरों के एक समूह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। गौरतलब हैकि इन कारीगर और बुनकरों ने 26 जनवरी 2026 को 'एट होम' रिसेप्शन के दौरान निमंत्रण किट तैयार करने और भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र की विविध कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी, उदाहरण केलिए नागालैंड के कारीगरों ने केले के रेशे और बांस का उपयोग करके टोकरियां बनाईं, असम के बुनकरों ने शॉल बनाए, मणिपुर के कारीगरों ने काली मिट्टी के बर्तन बनाए और सिक्किम के कारीगरों ने प्राकृतिक रेशों का उपयोग करके उत्पाद तैयार किए थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से इस दौरान कारीगर और बुनकरों ने 'एट होम' रिसेप्शन के अपने अनुभव साझा किए और अपनी प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करने केलिए उनको आभार व्यक्त किया। असम, नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के कारीगरों और बुनकरों से उन्होंने कहाकि पूर्वोत्तर में प्राकृतिक सुंदरता का भंडार है। उन्होंने कारीगरों और बुनकरों को सहयोग प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उनका कलात्मक ज्ञान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और सुरक्षित रखने केलिए कारीगरों और बुनकरों की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहाकि वे राष्ट्र की जीवंत विरासत का ज्वलंत उदाहरण हैं और उनसे आग्रह कियाकि वे इन अमूल्य परंपराओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाएं। इस अवसर पर कारीगरों और बुनकरों ने अमृत उद्यान सहित राष्ट्रपति भवन का भ्रमण किया।

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