रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से वर्चुअली दिखाई हरी झंडी
दक्षिण-उत्तरी कर्नाटक की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरीस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Monday 18 May 2026 03:35:59 PM
बेंगलुरु/ मुंबई। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु-मुंबई केबीच चलने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन को नई दिल्ली से वर्चुअल रूपसे हरी झंडी दिखाई। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि दक्षिण और उत्तर कर्नाटक की यह लंबे समय से मांग थी, जो अब पूरी हो गई है। उन्होंने इसे कर्नाटक और महाराष्ट्र केबीच संपर्क को और ज्यादा मजबूत करने वाला एक बड़ा कदम बताया और बेंगलुरु-मुंबई केबीच वंदे भारत स्लीपर सेवा भी जल्द शुरू करने की घोषणा की। देशभर में रेलवे के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने हाल के वर्ष में रेलवे के वित्तपोषण में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का जिक्र किया, जिससे कर्नाटकभर में परियोजनाओं के क्रियांवयन में तेजी आई है।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बतायाकि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 2160 करोड़ रुपये की लागत से 61 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, इनमें से 9 का कार्य पूरा हो चुका है। बेंगलुरु कैंटोनमेंट स्टेशन का पुनर्विकास 485 करोड़ रुपये और यशवंतपुर स्टेशन का पुनर्विकास 367 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। उन्होंने बतायाकि 2014 से कर्नाटक में लगभग 1750 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बनाई गई हैं और हसन-मंगलुरु खंड में जटिल विद्युतीकरण कार्य पूरे किए गए, साथही परीक्षण कार्य चल रहा है। बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे परियोजना पर उन्होंने कहाकि चारों कॉरिडोर पर काम प्रगति पर है, बैयप्पनहल्ली-चिक्कबनवारा और हीलालिगे-राजनुकुंटे कॉरिडोर केलिए भूमि अधिग्रहण हो चुका है और स्टेशन निर्माण कार्य चल रहा है। केएसआर बेंगलुरु-देवनहल्ली मार्ग को राज्य सरकार और रेलवे ने संयुक्त रूपसे मंजूरी दे दी है और भू-तकनीकी सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। केंगेरी-व्हाइटफील्ड मार्ग को हालही में मंजूरी मिली है और सर्वेक्षण कार्य शीघ्र ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहाकि उपनगरीय रेल नेटवर्क हवाई अड्डे, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, मराठाहल्ली और हेब्बल सहित प्रमुख केंद्रों को एकीकृत करेगा।
अश्विनी वैष्णव ने बतायाकि कर्नाटक में वंदे भारत ट्रेनों की 12 जोड़ियां चलती हैं, बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर परीक्षण जारी है, इससे जल्दही मडगांव तक तटीय संपर्क में सुधार होगा। अश्विनी वैष्णव ने बतायाकि बेंगलुरु को हैदराबाद और चेन्नई से जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहाकि मुंबई, बेंगलुरु और भी कई प्रमुख शहरों को जोड़ने की दीर्घकालिक योजना केतहत इस नेटवर्क का विस्तार 7000 किलोमीटर तक होने की उम्मीद है। रेल राज्यमंत्री वी सोमन्ना ने ट्रेन संख्या 16553/54 एसएमवीटी बेंगलुरु-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेलमंत्री को नई बेंगलुरु-मुंबई ट्रेन को मंजूरी देने केलिए आभार व्यक्त किया और कहाकि इससे सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर यात्रियों को बहुत लाभ होगा और कर्नाटक के विकास को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बतायाकि थानिसंद्रा में 270 करोड़ रुपये की लागत से एक वंदे भारत स्लीपर रखरखाव डिपो स्थापित किया जाएगा, एसएमवीटी बेंगलुरु में 52.73 करोड़ रुपये की लागत से एक चेयर कार रखरखाव सुविधा भी स्थापित की जाएगी। क्षमता बढ़ाने केलिए बैयप्पनहल्ली-होसुर (1116 करोड़ रुपये), बेट्टाहलसुरु-राजनुकुंटे (248 करोड़ रुपये) मार्गों का दोहरीकरण और बेंगलुरु के आसपास चौगुनी रेल निर्माण कार्य (1347 करोड़ रुपये) चल रहे हैं।
रेल राज्यमंत्री वी सोमन्ना ने बतायाकि यशवंतपुर, केएसआर बेंगलुरु, लोटेगोल्लाहल्ली, बैयप्पनहल्ली, पेनुकोंडा, मैसूरु, जोलारपेट्टई सहित प्रमुख खंडों में 6396 करोड़ रुपये की कुल लागत से स्वचालित सिग्नलिंग कार्य कार्यांवित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहाकि कर्नाटक को रेलवे बजट के रूपमें रिकॉर्ड 7748 करोड़ रुपये का आबंटन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहाकि 2014 से अबतक लगभग 3840 किलोमीटर रेलवे लाइन विकसित की गई है और 3742 किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया है, जिससे राज्य 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के करीब पहुंच गया है। उन्होंने कहाकि आरओबी/ आरयूबी की संख्या 2014 से पहले लगभग 150 थी, जो अब बढ़कर 707 हो गई है, अगले एकवर्ष के भीतर 146 और लेवल क्रॉसिंग पूरी की जानी हैं और अगले तीन वर्ष में सभी लेवल क्रॉसिंग को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर बेंगलुरु सेंट्रल से सांसद पीसी मोहन, राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया, बेंगलुरु साउथ से सांसद तेजस्वी सूर्या, वरिष्ठ रेलवे अधिकारी वीडियो कॉंफ्रेंसिंग से कार्यक्रम में शामिल हुए।