पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने अनावरण किया
मध्य प्रदेश की चंदेरी बुनाई और पूर्वोत्तर का एरी रेशम समृद्ध धरोहर!स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 2 May 2026 04:21:05 PM
नई दिल्ली। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के अधीन पूर्वोत्तर हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम की अंतर सांस्कृतिक वस्त्र पहल ‘पद्म डोरी’ का नई दिल्ली के त्रावणकोर हाउस में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने अनावरण किया। संजय जाजू ने कहाकि ‘पद्म डोरी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत दृष्टिकोण का परिणाम है। उन्होंने कहाकि पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में यह पहल साकार हुई है। उन्होंने कहाकि ‘पद्म डोरी’ विशिष्ट है, क्योंकि यह दो भिन्न वस्त्र परंपराओं मध्य प्रदेश की चंदेरी और पूर्वोत्तर भारत के एरी रेशम से उत्पन्न हुई है। संजय जाजू ने कहाकि ‘पद्म डोरी’ केवल एक विरासत को ही नहीं, बल्कि नवाचार को भी साथ लेकर आती है।
मध्य प्रदेश की चंदेरी और पूर्वोत्तर भारत के एरी सिल्क कपड़ा परंपराओं का मिलन है-पद्म डोरी। यह एक विशिष्ट अंतर सांस्कृतिक वस्त्र पहल है, जो पूर्वोत्तर भारत की एरी (अहिंसा) रेशम परंपराओं को मध्य प्रदेश की चंदेरी बुनाई की समृद्ध धरोहर केसाथ जोड़ती है। इस मौके पर एक आकर्षक फैशन शो में नैतिक और स्थायी उत्पादन केलिए प्रसिद्ध एरी रेशम को चंदेरी वस्त्रों के सूक्ष्म अलंकरणों और उत्कृष्ट बुनाई केसाथ मिश्रित रूपमें प्रदर्शित किया गया। भारतीय वस्त्र परंपरा, स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों और स्थायी विलासिता के व्यापक परिप्रेक्ष्य में स्थापित यह पहल समकालीन बाजारों में पारंपरिक शिल्पों की प्रासंगिकता को रेखांकित करती है। तीन दिवसीय कार्यक्रम को एक संवादपूर्ण और विकसित मंच के रूपमें तैयार किया गया है, जिससे आगंतुक कारीगरों केसाथ सीधे संवाद कर सकें, वस्त्र निर्माण प्रक्रियाओं को समझ सकें और रेशे से वस्त्र तककी यात्रा का अनुभव कर सकें।
पूर्वोत्तर भारत और मध्य प्रदेश के कारीगर इसमें सक्रिय रूपसे भाग ले रहे हैं, यहां वे लाइव प्रदर्शन प्रस्तुत कर रहे हैं और अपनी शिल्प परंपराओं की बारीकियां साझा कर रहे हैं। कार्यक्रम में क्षेत्रीय व्यंजनों के अनुभव को भी शामिल किया गया है, जो प्रतिभागी क्षेत्रों की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रतिबिंबित करता है। एनईएचएचडीसी की प्रबंध निदेशक मारा कोचो ने इस अवसर पर कहाकि पद्म डोरी पूर्वोत्तर की रेशा परंपराओं और एमपी की चंदेरी की हथकरघा विरासत को एकीकृत और स्थायी वस्त्र पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करती है। भारतीय फ़िल्म निर्माता और फ़ैशन डिज़ाइनर मुज़फ़्फ़र अली ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और 'पद्म डोरी' के लॉंच इवेंट में उत्साहवर्धक भाषण दिया। उन्होंने बतायाकि यह पहल आठ पूर्वोत्तर राज्यों और मध्य प्रदेश के बुनकरों, कारीगरों और उद्यमियों केलिए एक वरदान साबित होगी। अनावरण समारोह में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, मध्य प्रदेश हैंडलूम के अधिकारी, डिजाइनर और कारीगर भी उपस्थित थे।