राष्ट्रपति ने नर्सिंग कर्मियों और स्वास्थ्य पेशेवरों की सेवाएं सराहीं
समारोहपूर्वक प्रदान किए गए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 12 May 2026 03:58:20 PM
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में नर्सिंग कर्मियों को वर्ष 2026 केलिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित किया। राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार-2026 केलिए अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहाकि यह अवसर उन नर्सिंगकर्मियों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के अमूल्य योगदान को यथोचित सम्मान है, जो करुणा और अथक समर्पण केसाथ राष्ट्र की सेवा करते हैं। उन्होंने कहाकि नर्सिंगकर्मी सेवा के उच्चतम मानकों का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और अक्सर सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रपति ने पुरस्कृत नर्सिंगकर्मियों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को उनकी प्रेरणादायक निष्ठा और रोगी देखभाल के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के अथक प्रयासों केलिए बधाई दी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगतप्रकाश नड्डा और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव भी इस अवसर पर उपस्थित थे। जगतप्रकाश नड्डा ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सों में करुणा, दृढ़ता और समर्पण की अडिग भावना के सम्मान में इस वर्ष के विषय 'हमारी नर्सें हमारा भविष्य सशक्त नर्सें जीवन की रक्षा करती हैं' को दोहराते हुए कहाकि नर्सें हमारी स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को मजबूत करती हैं और राष्ट्रीय प्रगति को गति प्रदान करती हैं। आइए उनका सम्मान करें, उनकी रक्षा करें और उनका उत्थान करें, जो नि:स्वार्थ भाव से हम सभीकी देखभाल करते हैं। ज्ञातव्य हैकि राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 1973 में भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने समाज को नर्सिंग कर्मियों की गई अनुकरणीय सेवाओं की मान्यता के प्रतीक के रूपमें की थी। यह पुरस्कार नर्सिंग पेशे में निष्ठा, करुणा और दृढ़ता के सम्मान में प्रदान किया जाता है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों और स्वयंसेवी संगठनों में कार्यरत पंजीकृत नर्सों, प्रसूति सहायिकाओं, सहायक नर्स प्रसूति सहायिकाओं और महिला स्वास्थ्य परिचारिकाओं को प्रदान किए जाते हैं। प्रत्येक पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र, 1,00,000 रुपये का नकद पुरस्कार और एक पदक शामिल है, जो इन स्वास्थ्य योद्धाओं की अमूल्य सेवा केलिए राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है।
स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान करने और व्यक्तियों, समुदायों तथा विश्व की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में नर्सिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। नर्सों की ओर से कार्यक्षेत्र के अनुसार उचित, सुलभ और साक्ष्य आधारित देखभाल प्रदान की जाती है। रोगी के हितैषी के रूपमें अपनी प्रमुख भूमिका, वैज्ञानिक तर्क क्षमता, आंकड़ों और देखभाल संबंधी व्यापक ज्ञान के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित निर्णय लेने और नीति विकास के संबंध में नेतृत्व करने और जानकारी देने केलिए नर्सों की आदर्श स्थिति होती है। रोगियों के सबसे निकट होने के कारण उनकी ओर से नीति निर्माण में अपनी बात रखी जा सकती है। भारत सरकार ने स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की व्यवस्था मजबूत करने में नर्सों और प्रसूति सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवाइफरी आयोग अधिनियम से प्रशिक्षण क्षमता का विस्तार करने, नर्सिंग शिक्षा, नियामक ढांचे का आधुनिकीकरण करने और चिकित्सा महाविद्यालयों केसाथ 157 नर्सिंग महाविद्यालयों की स्थापना करने केलिए परिवर्तनकारी पहल की है, ताकि बेहतर स्वास्थ्य परिणामों और मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली केलिए कुशल, सक्षम और सशक्त नर्सिंग कार्यबल का निर्माण किया जा सके।