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काजीपेट रेल विनिर्माण इकाई जल्द पूरी

रेलमंत्री ने की रेल विनिर्माण इकाई योजनाओं की समीक्षा

इंटरसिटी रेलगाड़ियां यात्रा का नया व किफायती विकल्प

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 29 May 2026 01:53:17 PM

kazipet rail manufacturing unit to be completed soon

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे की काजीपेट रेल विनिर्माण इकाई जल्द ही पूरी होने वाली है। यह बहुमुखी रेलवे रोलिंग स्टॉक विनिर्माण इकाई है, शुरुआत में काजीपेट अगले 5 वर्ष में 200 इंटरसिटी रेलगाड़ियों का निर्माण करेगा। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने वरिष्ठ अधिकारियों केसाथ बैठक में काजीपेट रेल विनिर्माण इकाई को चालू करने की योजनाओं की समीक्षा की। इन रेलगाड़ियों को देशभर में कम दूरी की यात्रा केलिए तैनात किया जाएगा, इनके ठहराव (स्टॉप) बार-बार होंगे। ये रेलगाड़ियां आमतौर पर लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी, हर यात्रा में कई ठहराव होंगे, ताकि नागरिक कस्बों और शहरों केबीच आसानी से आवागमन कर सकें। चाहे वे आसपास के कस्बों में उच्चशिक्षा केलिए आनेजाने वाले विद्यार्थी हों या अपने स्वास्थ्य और काम की ज़रूरतों केलिए यात्रा करने वाले आम लोग हों, ये रेलगाड़ियां उन सभीकी सुविधा बढ़ाएंगी।
इंटरसिटी रेलगाड़ियां लोगों को इंटरसिटी यात्रा केलिए नया और किफायती विकल्प प्रदान करेंगी। ये इंटरसिटी रेलगाड़ियां शटल सेवाओं की तरह होंगी, जो देशभर में आसपास के कस्बों को आपस में जोड़ेंगी। इन रेलगाड़ियों के उत्पादन केसाथ यह संभावना हैकि सड़कों पर यात्रा करने वाला स्थानीय यातायात का बड़ा हिस्सा रेलवे की ओर स्थानांतरित हो जाएगा। ये इंटरसिटी रेलगाड़ियां आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। इनमें दरवाज़ों का अपने-आप बंद होना, बेहतर वेंटिलेशन और 20 कोचों की संरचना वाला सुरक्षित कोच डिज़ाइन शामिल हैं। हर कोच में दो शौचालय होंगे, एक कोच के इस छोर पर और दूसरा उस छोर पर। इंटरसिटी रेलगाड़ियों में झटके रहित आधुनिक कपलर और बोगियां होंगी। रेलगाड़ियों को 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलने केलिए डिज़ाइन किया जाएगा।
इंटरसिटी रेलगाड़ियों में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम भी होगा। इसका मतलब हैकि जब ट्रेन ब्रेक लगाएगी तो यह बिजली पैदा करने वाले जनरेटर की तरह काम करेगी और उस पैदा हुई बिजली को वापस ग्रिड में भेज देगी। यह ऊर्जा के मामले में बहुत कुशल है, यह परिवहन का अधिक पर्यावरण अनुकूल तरीका है और सड़क परिवहन की तुलना में इससे कार्बन उत्सर्जन काफ़ी कम होगा। रेलवे में इतनी बड़ी संख्या में इंटरसिटी रेलगाड़ियों को शामिल करने से देश में पर्यावरण अनुकूल और स्वच्छ परिवहन की क्षमता बढ़ेगी।

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