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पश्चिम बंगाल में जल्द पीएम विश्वकर्मा योजना लागू

केंद्रीय एमएसएमई आयुक्त से मिले पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव

पश्चिम बंगाल केलिए मजबूत एमएसएमई इकोसिस्टम की रणनीतियां तैयार

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 23 May 2026 04:25:37 PM

west bengal government's chief secretary meets central msme commissioner

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना के कार्यांवयन के संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ रजनीश से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस योजना की शुरुआत एमएसएमई मंत्रालय ने 17 सितंबर 2023 को की थी और हालही में पश्चिम बंगाल सरकार ने पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू करने केलिए राज्य निगरानी समिति और जिला कार्यांवयन समितियों के गठन संबंधी अधिसूचना जारी की है। पीएम विश्वकर्मा योजना के कार्यांवयन में तेजी लाने, लाभार्थियों की पहचान में सुधार करने, कौशल विकास को सुदृढ़ करने, पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों केबीच व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।
पश्चिम बंगाल में एमएसएमई योजनाओं के कार्यांवयन, बेहतर समन्वय और संस्थागत सहयोग से एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी बैठक में विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने पश्चिम बंगाल में एमएसएमई विकास को सुदृढ़ करने केलिए केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय के निरंतर सहयोग की सराहना की एवं केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के प्रभावी कार्यांवयन केप्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। पश्चिम बंगाल सरकार के एमएसएमई एवं वस्त्र विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश पांडेय और राज्य के अधिकारियों केसाथ भी एक बैठक हुई, जिसमें पीएम विश्वकर्मा योजना के जनसंपर्क एवं कार्यांवयन की रूपरेखा राज्य अधिकारियों और बैंकरों को विस्तार से बताई गई। डॉ रजनीश ने भारत के पारंपरिक कौशल की विरासत के संरक्षण तथा आधुनिक उपकरणों, औपचारिक वित्तीय पहुंच और बेहतर बाजार अवसरों के जरिए कारीगरों को सशक्त बनाने में पीएम विश्वकर्मा योजना के महत्व पर प्रकाश डाला।
एमएसएमई मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ रजनीश ने कहाकि पारंपरिक शिल्प और कारीगर समुदायों की समृद्ध विरासत वाले पश्चिम बंगाल में इस योजना की सफलता की अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 7.79 लाख कारीगर एवं शिल्पकार पंजीकृत हैं। डॉ रजनीश ने पश्चिम बंगाल के एमएसएमई संघों केसाथ भी संवाद किया और उन्हें एमएसएमई के विकास एवं संवर्धन को प्रोत्साहित करने केलिए एमएसएमई मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी। पश्चिम बंगाल में एमएसएमई को प्रौद्योगिकी, टूलिंग, परीक्षण सहायता का विस्तार करने के उद्देश्य से कोलकाता प्रौद्योगिकी केंद्र और परीक्षण केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा की गई। डॉ रजनीश ने एमएसएमई परीक्षण केंद्र कोलकाता में ट्रांसफॉर्मर परीक्षण सुविधा का भी उद्घाटन किया।
डॉ रजनीश ने कहाकि इस आधुनिक ट्रांसफॉर्मर परीक्षण सुविधा की स्थापना से किफायती एवं विश्वसनीय परीक्षण सेवाएं एक ही स्थान पर प्रतिस्पर्धी लागत पर उपलब्ध हो सकेंगी। यह सुविधा उद्योग एवं उपयोगिता क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मरों, जिनमें स्टेप-अप तथा स्टेप-डाउन ट्रांसफॉर्मर दोनों शामिल हैं के परीक्षण में सहायता प्रदान करेगी। परियोजना से ट्रांसफॉर्मर निर्माण में लगे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को क्षेत्र के भीतर विश्वसनीय और मानकीकृत परीक्षण सुविधाओं तक पहुंच उपलब्ध होने के कारण उल्लेखनीय लाभ मिलने की संभावना है। डॉ रजनीश ने कहाकि इससे दूर प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम होगी तथा परीक्षण प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने में सहायता मिलेगी।

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