वीएसएचओआरएडीएस डीआरडीओ की मानवचालित रक्षा प्रणाली
विभिन्न गति, दूरी एवं उच्चगति वाले खतरों को बेअसर करने में सक्षमस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 28 February 2026 03:49:53 PM
भुवनेश्वर। भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट से दूर चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज से अत्यंत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली यानी वीएसएचओआरएडीएस के तीन सफल उड़ान परीक्षण पूरे कर लिए हैं। ये परीक्षण विभिन्न गति, दूरी और ऊंचाई पर उड़ने वाले उच्चगति वाले खतरों को बेअसर करने में वीएसएचओआरएडीएस मिसाइल प्रणाली की क्षमता को पुनः सत्यापित करने केलिए किए गए थे। इन परीक्षणों में यह देखा गयाकि टेस्ट मिसाइल तेज रफ्तार से उड़ने वाले दुश्मन के विमानों व अन्य लक्ष्यों को अलग-अलग दूरी और ऊंचाई पर कितने प्रभावी तरीके से मार गिरा सकती है। हरबार मिसाइल ने अपने निशाने पर सटीक वार किया और लक्ष्य को हवा में ही नष्ट कर दिया।
खास बात यह रहीकि ये परीक्षण उसी अंतिम तैनाती रूपमें किए गए, जिसमें सेना के जवान खुद लक्ष्य साधने और मिसाइल दागने की प्रक्रिया में शामिल थे। चांदीपुर आईटीआर में तैनात टेलीमेट्री, इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और रडार जैसे विभिन्न उपकरणों से प्राप्त उड़ान डेटा ने हवाई खतरों की एक विस्तृत श्रृंखला के खिलाफ वीएसएचओआरएडीएस की प्रभावशीलता को प्रमाणित किया। परीक्षण के दौरान संयुक्त बलों के प्रतिनिधि, डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी और इस सिस्टम के उत्पादन से जुड़े हितधारक भी मौजूद थे। वीएसएचओआरएडीएस एक मानवचालित वायुरक्षा प्रणाली है, जिसे अनुसंधान केंद्र इमारत में अन्य डीआरडीओ प्रयोगशालाओं और विकास सह उत्पादन भागीदारों के सहयोग से स्वदेशी रूपसे डिजाइन और विकसित किया गया है। यह मिसाइल प्रणाली सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं जैसे भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता रखती है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की शक्ति में और इजाफा करने वाली मानवचालित रक्षा प्रणाली वीएसएचओआरएडीएस के सफल उड़ान परीक्षणों पर डीआरडीओ, सशस्त्र बलों और उद्योग जगत को बधाई दी है। उन्होंने कहाकि वीएसएचओआरएडीएस के लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण एक बड़ी सफलता है और इस प्रणाली को जल्दही सशस्त्र बलों में शामिल किया जा सकता है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने सिस्टम के डिजाइन और विकास में शामिल संपूर्ण डीआरडीओ टीम, सशस्त्र बलों और उद्योग भागीदारों को बधाई दी।