भारत में पहलीबार तकनीकी उपकरणों से संचालित जनगणना होगी
गृहमंत्री अमित शाह ने लॉंच किए डिजिटल उपकरण और शुभंकरस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 6 March 2026 12:24:39 PM
नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने देश में जनगणना-2027 केलिए चार डिजिटल उपकरण एवं शुभंकर ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) लॉंच कर दिए हैं। देशभर में जनगणना कार्यों को सुगम बनाने केलिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) ने ये एडवांस डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। गौरतलब हैकि केंद्र सरकार ने 16 जून 2025 कोही राजपत्र में जनगणना-2027 की अधिसूचना जारी करदी थी। दो चरणों में होनेवाली जनगणना-2027 दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना कार्य है, जिसमें पहलीबार डिजिटल माध्यम से जनगणना की जाएगी, साथही स्वगणना का विकल्प भी दिया गया है। जनगणना-2027 के शुभंकर को मैत्रीपूर्ण और सहज प्रतीक के रूपमें प्रस्तुत किया गया है, ये भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में महिला-पुरुष की बराबर की भागीदारी के भी प्रतीक हैं।
जनगणना 2027 से संबंधित जानकारी उद्देश्य एवं प्रमुख संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक शुभंकरों के जरिए प्रभावी और जन सुलभ रूपमें पहुंचाए जाएंगे। जनगणना-2027 भारत की पहली तकनीकी उपकरणों से संचालित जनगणना होगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर वेब एप्लिकेशन अधिकारियों को उपग्रह चित्रों की सहायता से तकनीकी रूपसे मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाने में सक्षम बनाता है, जिससे देशभर में भौगोलिक कवरेज का मानकीकरण सुनिश्चित होता है। एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल एप्लिकेशन से प्रगणक मकान सूचीकरण डेटा एकत्र एवं अपलोड कर सकते हैं। केवल जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली पोर्टल पर पंजीकृत प्रगणक ही इसका उपयोग कर सकते हैं। यह एप्लिकेशन सीधे क्षेत्र से सर्वर तक डेटा प्रेषण की सुविधा प्रदान करता है, जिससे पारंपरिक कागजी कार्य समाप्त हो जाता है। यह एंड्रॉयड एवं आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और 16 भाषाओं में संचालित किया जा सकता है।
पहलीबार स्वगणना का विकल्प प्रदान किया जा रहा है, यह सुरक्षित वेब आधारित सुविधा है, जिससे पात्र उत्तरदाता घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। सफल पंजीकरण केबाद एक विशिष्ट स्वगणना आईडी जारी की जाएगी, इस स्वगणना आईडी को प्रगणक केसाथ साझा किया जाएगा, जिसके आधार पर दर्ज की गई सूचना की प्रगणक से पुष्टि की जा सकेगी। जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली पोर्टल एक केंद्रीकृत वेबआधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिससे जनगणना संबंधित गतिविधियों की योजना, प्रबंधन, क्रियांवयन और निगरानी की जाएगी। राज्य, जिला एवं तहसील स्तर के अधिकारी एकीकृत डैशबोर्ड से वास्तविक समय में प्रगति और कार्यस्थिति का अवलोकन कर सकेंगे। जनगणना-2027 में घर-घर जाकर सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमालकर डेटा एकत्रित किया जाएगा और पूरी कवरेज को सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए देशभर में 30 लाख से ज़्यादा प्रगणक, पर्यवेक्षक और अधिकारी जनगणना 2027 में कार्य करेंगे।
जनगणना-2027 तकनीक को अपनाते हुए इनोवेशन और सबको साथ लेकर चलने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगाकि सही, सुरक्षित और व्यापक हो। जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी-प्रथम चरण में आवास की स्थिति एवं घरेलू सुविधा संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में देश के प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक एवं आर्थिक विवरण दर्ज किए जाएंगे। प्रथम चरण केलिए अधिसूचना 7 जनवरी 2026 को जारी की जा चुकी है। मकान-सूचीकरण एवं मकान गणना 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 केबीच प्रत्येक राज्य व संघ राज्यक्षेत्र में अधिसूचित 30 दिन की सतत अवधि में संचालित की जाएगी। घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व 15 दिन की वैकल्पिक स्वगणना अवधि भी होगी। द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में भारतभर में की जाएगी। लद्दाख संघ राज्यक्षेत्र, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गणना सितंबर 2026 में संपन्न हो जाएगी। जनगणना के द्वितीय चरण में जाति संबंधित प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे। जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि सभी राज्यों एवं संघ राज्यक्षेत्रों केलिए 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि होगी। लद्दाख, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड केलिए तिथि 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि होगी। लॉंच कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव, भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।