अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोहण के क्षेत्रमें भारतीय पर्वतारोहण की प्रतिष्ठा बढ़ी
असाधारण साहस व आपसी तालमेल के साथ पेशेवर क्षमता का प्रदर्शनस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 24 February 2026 03:04:37 PM
नई दिल्ली। भारतीय पर्वतारोहण के इतिहास में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी और जवाहर पर्वतारोहण और शीतकालीन खेल संस्थान पहलगाम के छह सदस्यीय दल ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करा दी है। इस संयुक्त दल ने दक्षिण अमेरिका के सबसे ऊंचे शिखर और एशिया के बाहर दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी माउंट एकांकागुआ पर 22 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक चढ़ाईकर भारत का परचम लहराया। गौरतलब हैकि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नल हेमचंद्र सिंह प्रधानाचार्य एनआईएम और जेआईएम एंड डब्ल्यूएस के नेतृत्व में पर्वतारोहण दल को 5 फरवरी 2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। प्रस्थान केबाद यह दल 8 फरवरी 2026 को अर्जेंटीना पहुंचा और वहां से अपनी चढ़ाई शुरू की।
भारतीय पर्वतारोहियों के दल ने माउंट एकांकागुआ की बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करने से पहले वातावरण के अनुकूल ढलने केलिए बोनेट पीक (5,050 मीटर) पर विजय प्राप्त की। कैप्टन जी संतोष कुमार, दीप बहादुर साही, विनोद गुसाई, नायब सिपाही भूपिंदर सिंह और हवलदार रमेश कुमार सहित दल के सदस्यों ने तेज हवाओं और -20 डिग्री सेंटीग्रेड से -30 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान की चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करते हुए असाधारण साहस, आपसी सहयोग और तालमेल केसाथ पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोहण के क्षेत्रमें भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और विश्वस्तरीय मानकों पर देश के प्रमुख पर्वतारोहण संस्थानों के प्रशिक्षण को रेखांकित करती है।