राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन में व्यापक विचार विमर्श
एआई कौशल में दस लाख युवाओं को किया जाएगा प्रशिक्षितस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Wednesday 7 January 2026 04:36:23 PM
सीतापुरा (राजस्थान)। देशभर में युवाओं केलिए राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रम केतहत राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन हुआ, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेतृत्वकर्ता, नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों, स्टार्टअप्स और शिक्षाविदों ने एक मंच पर शासन, बुनियादी ढ़ांचे, नवाचार और कार्यबल विकास में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका पर व्यापक विचार विमर्श किया। यह सम्मेलन 15-20 फरवरी 2026 को होनेवाले इंडिया एआई प्रभाव सम्मेलन का पूर्वाभ्यास था। सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, वर्चुअल रूपसे केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, राजस्थान सरकार के सूचना एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर, एमईआईटीवाई और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उनकी भागीदारी ने भारत की एआई आधारित विकास यात्रा में राजस्थान को एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूपमें स्थापित करने में केंद्र और राज्य के मजबूत सहयोग को रेखांकित किया।
अश्विनी वैष्णव ने कहाकि औद्योगिक क्रांति, बिजली, कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर, इंटरनेट और मोबाइल प्रौद्योगिकी के जरिए जिस प्रकार का विकास का क्रांतिकारी परिवर्तन आया है, वैसा ही परिवर्तन अब एआई से होनेवाला है। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री का स्पष्ट लक्ष्य प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण करना है, ताकि एआई से संचालित ज्ञान कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित न रहकर प्रत्येक व्यक्ति, घर और उद्यमी तक पहुंचे। उन्होंने कहाकि इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत दस लाख युवाओं को एआई कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे भारत के युवा एआई युग केलिए पूरी तरह से तैयार हो सकें। राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृढ़ विश्वास हैकि प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण होना चाहिए, इसी सोच से प्रेरित होकर सरकार ने कृषि, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और पर्यावरण जैसे विभिन्न क्षेत्रोंमें एआई का लाभ उठाने केलिए इंडिया एआई मिशन केतहत 10000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उन्होंने कहाकि इसका उद्देश्य नागरिकों की आय बढ़ाना, जीवनस्तर में सुधार करना और एआई के जिम्मेदार एवं समावेशी उपयोग से राष्ट्र की समग्र उत्पादकता को बढ़ावा देना है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहाकि राजस्थान ई-गवर्नेंस और समावेशन से आगे बढ़कर एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्रमें अग्रणी बनने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है। उन्होंने कहाकि एआई देश की प्रगति का अगला महत्वपूर्ण चरण है, इस दिशामें और आगे बढ़ते हुए हमने एक एआई और मशीन लर्निंग नीति लागू की है, यह नीति सुनिश्चित करेगीकि एआई प्रणालियां अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सत्यनिष्ठा के सिद्धांतों केप्रति जवाबदेह बनें। उन्होंने कहाकि एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग से सार्वजनिक सेवाओं का वितरण तेज, अधिक पारदर्शी और अधिक नागरिक केंद्रित बनाया जा सकता है। भजनलाल शर्मा ने कहाकि इससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी और नवाचार आधारित आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय कई एआई पहलों की घोषणा और शुभारंभ था, जिसने एआई आधारित नवाचार और शासन केलिए एक प्रमुख केंद्र के रूपमें राजस्थान की भूमिका को मजबूत किया। ये कार्यक्रम और पहलें इस प्रकार हैं-सभी केलिए युवा एआई-राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रम भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका नेतृत्व एमईआईटीवाई के अंतर्गत इंडियाएआई मिशन कर रहा है। इसका उद्देश्य देशभर के छात्रों और युवाओं में एआई की बुनियादी जानकारी का विकास करना है।
राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी को शुरू किया गया यह अभियान लाखों शिक्षार्थियों को एक संक्षिप्त, स्वगति से संचालित बुनियादी एआई (एआई 101) पाठ्यक्रम पूरा करने केलिए प्रेरित करना चाहता है, जिससे विकसित भारत की परिकल्पना और समावेशी, लोकतांत्रिक एआई अपनाने के अनुरूप सामूहिक एआई शिक्षण का राष्ट्रव्यापी माहौल तैयार हो सके। राजस्थान एआई/ एमएल नीति 2026 का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य शासन को सुदृढ़ करना, आर्थिक विकास को गति देना, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना और उच्च मूल्य वाले रोजगार सृजित करना है। इस नीति के शुभारंभ केसाथ ही राजस्थान के एआई पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया। राज्यभर में कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने केलिए आईस्टार्ट लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। राजस्थान एवीजीसी-एक्सआर पोर्टल का उद्देश्य राज्य में एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करना है। भारत और राजस्थान के एआई विजन को प्रदर्शित करने वाला एक एआई थीम वाला वीडियो भी जारी किया गया।
संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से गूगल, आईआईटी दिल्ली, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर और स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क (वाधवानी फाउंडेशन) केसाथ एआई अनुसंधान, कौशल विकास, नैतिक ढांचे और नवाचार संस्कृति को आगे बढ़ाने केलिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। भारत में एक उच्चस्तरीय रणनीतिक सत्रमें एमईआईटीवाई के अतिरिक्त सचिव, इंडियाएआई मिशन के सीईओ और एनआईसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने एनवीडिया के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक विशाल धूपर केसाथ वार्तालाप किया। सत्र का संचालन प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक समीर जैन ने किया। चर्चा में एआई अवसंरचना के लोकतांत्रिकरण, सार्वजनिक-निजी सहयोग को बढ़ाने, बड़े पैमाने पर नवाचार को सक्षम बनाने और जिम्मेदार एवं विश्वसनीय एआई केलिए सार्वजनिक क्षेत्र की क्षमता निर्माण केसाथ वैश्विक एआई सुरक्षा कॉमन के निर्माण को आगे बढ़ाने की भारत की रणनीति का विश्लेषण किया गया। कविता भाटिया वैज्ञानिक 'जी' समूह समन्वयक एमईआईटीवाई भारत एआई मिशन की सीओओ ने भारत एआई मिशन का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया और इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 के विजन और प्राथमिकताओं की रूपरेखा बताई।
एआई सम्मेलन में आईआईटी जोधपुर के प्रोफेसर अविनाश शर्मा ने ‘वैश्विक एआई, राष्ट्रीय एआई और क्षेत्रीय एआई पर परिप्रेक्ष्य’ विषय पर एक सत्र आयोजित किया, जिसमें क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान वैश्विक स्तरपर प्रासंगिक, संदर्भ जागरुक एआई समाधानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, प्रकाश डाला गया। समानांतर विषयगत सत्रों में शासन, बुनियादी ढ़ांचे, नवाचार, नैतिकता और रोज़गार के क्षेत्रों में एआई के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों की जांच की गई। राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन ने इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 की तैयारी में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय उपलब्धि हासिल किया, जिससे सार्वजनिक भलाई, समावेशी विकास और क्षेत्रों में सतत विकास केलिए एआई का लाभ उठाने की भारत की प्रतिबद्धता को बल मिला।