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पूर्वोत्तर के युवा कुशल कार्यबल के नेतृत्वकर्ता-जयंत

असम में पूर्वोत्तर के लिए इंडियास्किल्स क्षेत्रीय प्रतियोगिता का उद्घाटन

विजेताओं को वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता शंघाई में शामिल होने का मौका

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 19 January 2026 04:32:45 PM

jayant chaudhary in gauhati university

गुवाहाटी। भारत सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय में पूर्वोत्तर केलिए इंडियास्किल्स क्षेत्रीय प्रतियोगिता 2025-26 की शुरूआत कर दी है, जहां आठों पूर्वोत्तर राज्यों के युवा 26 कौशल श्रेणियों में एकदूसरे केसाथ प्रतिस्पर्धा करेंगे। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम केसाथ देश की प्रमुख कौशल प्रतियोगिता की पहलीबार पूर्वोत्तर राज्यों शुरूआत की गई है, जिससे इस क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं को अपने घर के करीब राष्ट्रीय स्तर की कौशल प्रतियोगिता में भाग लेने का मूल्यवान अवसर मिले। जयंत चौधरी ने इस अवसर पर कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर पर निरंतर ध्यान ने इस क्षेत्र के युवाओं में नए सिरे से आत्मविश्वास और अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहाकि इंडियास्किल्स जैसी पहलें इस दृष्टिकोण को और मजबूत करती हैं, क्योंकि ये राष्ट्रीय मंचों को सीधे इस क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं तक पहुंचाती हैं।
जयंत चौधरी ने कहाकि इंडियास्किल्स महज एक प्रतियोगिता नहीं है, यह उत्कृष्टता, अनुशासन और कार्य की गरिमा का उत्सव है। उन्होंने कहाकि पूर्वोत्तर में अपार प्रतिभा और आकांक्षाएं हैं, यह मौका हमारे विश्वास को दर्शाता हैकि इस क्षेत्र के युवा देश के कुशल कार्यबल के नेतृत्वकर्ता और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदानकर्ता हैं। जयंत चौधरी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप औपचारिक शिक्षा केसाथ कौशल विकास को एकीकृत करने के महत्व पर देते हुए कहाकि शिक्षा व कौशल विकास केबीच घनिष्ठ समन्वय रोज़गार, उद्यमिता और आजीवन सीखने के रास्ते खोलता है, साथही युवाओं को तेजीसे भविष्य केलिए तैयार करता है। उन्होंने कहाकि यह क्षेत्रीय आयोजन स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत पूर्वोत्तर क्षेत्र में कौशल विकास प्रणाली के निरंतर सुदृढ़ीकरण को दर्शाता है। जयंत चौधरी ने कहाकि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) सहित प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) के संस्थानों के छात्र विभिन्न कौशल श्रेणियों में भाग ले रहे हैं, जो दीर्घकालिक व्यावसायिक शिक्षा और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धी मंचों केबीच बढ़ते तालमेल को प्रदर्शित करता है।
पूर्वोत्तर क्षेत्रीय प्रतियोगिता ऑटोमोबाइल प्रौद्योगिकी, क्लाउड कंप्यूटिंग, मोबाइल एप्लिकेशन विकास, सॉफ्टवेयर और वेब प्रौद्योगिकी, डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीएनसी मिलिंग और टर्निंग, वेल्डिंग, विद्युत प्रतिष्ठान, फैशन प्रौद्योगिकी, बेकरी और पेस्ट्री, होटल रिसेप्शन, रेस्तरां सेवा, स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल, खुदरा बिक्री और दृश्य विपणन सहित समकालीन और पारंपरिक कौशल क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करती है। प्रतियोगिता में प्रदर्शित कौशल विविधता ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीएनसी, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन और वेल्डिंग जैसे प्रमुख तकनीकी और परंपरागत रूपसे पुरुष-प्रधान व्यवसायों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को उजागर करती है। यह विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों केसाथ डिजिटल कौशल के मजबूत समन्वय को भी दर्शाती है, जो युवाओं को उद्योग 4.0 से जुड़ी भूमिकाओं केलिए तैयार कर रही है। यह आतिथ्य, स्वास्थ्य और खुदरा कौशल की उपस्थिति पूर्वोत्तर के प्रमुख विकास क्षेत्रों, विशेष रूपसे पर्यटन और सेवा क्षेत्रों के साथ कौशल विकास प्रयासों के तालमेल को रेखांकित करती है। इंडियास्किल्स जैसे प्लेटफॉर्म क्षेत्रीय प्रतिभा को उद्योग की मांग और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं केसाथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इंडियास्किल्स प्रतियोगिता में देशभर की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें निखारने केलिए एक संरचित, बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जाती है। उम्मीदवारों का मूल्यांकन सबसे पहले जिला स्तरपर किया जाता है, उसके बाद राज्यस्तरीय प्रतियोगिताएं होती हैं, जिसके बाद चयनित प्रतिभागी क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं। क्षेत्रीय स्तरपर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी इंडियास्किल्स राष्ट्रीय प्रतियोगिता केलिए अर्हता प्राप्त करते हैं, जहां उनका मूल्यांकन राष्ट्रीय मानकों के आधार पर किया जाता है और चयनित विजेताओं को 22-27 सितंबर 2026 केबीच शंघाई में होनेवाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। उद्घाटन समारोह में गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ नानी गोपाल महंत, असम सरकार के प्रधान सचिव ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की संयुक्त सचिव हेना उस्मान, कौशल विकास इकोसिस्टम के वरिष्ठ अधिकारी और हितधारक उपस्थित थे।

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