बीजों की गुणवत्ता पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे-कृषि मंत्री
नकली बीज बेचने वालों पर जुर्माना व कड़ी सजा का प्रावधानस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 17 January 2026 02:55:25 PM
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए सीड एक्ट-2026 की विशेषताओं और उसके किसानों पर होने वाले प्रभावों की मीडिया के जरिए विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहाकि यह विधेयक किसानों की सुरक्षा, बीज की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक एक्ट है। मीडिया के सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहाकि अब देश में बीज की ट्रेसिबिलिटी की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बतायाकि हमने ऐसा सिस्टम बनाने कोशिश की है, जिसमें यह पता चल सकेगा कि बीज कहां उत्पादित हुआ, किस डीलर ने दिया और किसने बेचा। उन्होंने बतायाकि हर बीज पर QR कोड होगा, जिसे स्कैन करते ही किसान यह जान सकेगाकि वह बीज कहां से आया है, इससे घटिया या नकली बीज न केवल रोके जा सकेंगे, बल्कि यदि वे बाजार में आएंगे भी तो जिम्मेदार व्यक्ति पर शीघ्र कार्रवाई संभव होगी।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहाकि अब हर सीड कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, जिससे यह साफ रहेगाकि कौन सी कंपनी अधिकृत है। उन्होंने कहाकि पंजीकृत कंपनियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी और कोई भी अनधिकृत विक्रेता बीज नहीं बेच पाएगा, इससे बाजार में फर्जी कंपनियां खत्म होंगी और किसानों को सही स्रोत का बीज मिलेगा। शिवराज सिंह ने कहाकि बीजों की गुणवत्ता पर अब किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहाकि अभी तक 500 रुपये तक का जुर्माना था, अब प्रस्ताव हैकि 30 लाख रुपये तक जुर्माना हो और अगर कोई जानबूझकर अपराध करता है तो सजा का भी प्रावधान है। कृषि मंत्री ने कहाकि सीड एक्ट में तीनों स्तरपर प्रावधान किए गए हैं-सार्वजनिक क्षेत्र की आईसीएआर, कृषि विश्वविद्यालय, देसी कंपनियां जो उच्च गुणवत्ता के बीज बनाती हैं, विदेशी बीजों केलिए उचित मूल्यांकन व्यवस्था। उन्होंने कहाकि विदेश से आनेवाले बीज पूरी तरह जांच और मूल्यांकन केबाद ही स्वीकृत होंगे एवं देश के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को मजबूत बनाया जाएगा, ताकि किसानों तक अच्छे बीज पहुंचें।
किसानों में अवेयरनेस की कमी पर पूछे गए सवाल पर शिवराज चौहान ने कहाकि हमने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ जैसे प्रयास शुरू किए हैं, ताकि वैज्ञानिक, अधिकारी और प्रगतिशील किसान गांवों तक जाकर किसानों को अवेयर कर सकें। उन्होंने बतायाकि देश के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को बीजों की गुणवत्ता, बीज चयन और शिकायत निवारण की जानकारी देने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहाकि 1966 का सीड एक्ट पुराने समय का था, जब न तकनीक थी न डेटा, अब आधुनिक कानून ट्रेसिबिलिटी, डिजिटल रिकॉर्ड और जवाबदेही के सिद्धांत पर आधारित है, ताकि भविष्य में कोई भी किसान ठगा न जाए। शिवराज सिंह ने यह भी कहाकि कृषि राज्य का विषय है, राज्य सरकारों के अधिकार वैसे ही बने रहेंगे, केंद्र केवल समन्वय करेगा और राज्यों के सहयोग से यह कानून लागू होगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहाकि हमारा उद्देश्य हैकि हर किसान को गुणवत्तापूर्ण बीज मिले, अच्छी कंपनियों को प्रोत्साहन और गलत करने वालों पर कड़ी कार्रवाई यही इस कानून का सार है। उन्होंने कहाकि सीड एक्ट 2026 के जरिए सरकार हर किसान को सुरक्षित, भरोसेमंद और उत्पादक बीज उपलब्ध कराने की दिशामें एक निर्णायक कदम उठा रही है।