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शिवराज सिंह ने 'जी राम जी' की खूबियां गिनाईं

विकसित भारत-जी राम जी क़ानून आत्मनिर्भर गांवों की आधारशिला

हल्दी नगरी इरोड में मजदूरों, श्रमिकों और किसानों के साथ बातचीत

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 6 January 2026 04:50:14 PM

agriculture and rural development minister shivraj singh

इरोड (तमिलनाडु)। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इरोड में श्रमिकों और मज़दूरों को संबोधित करते हुए कहाकि ‘विकसित भारत-जी राम जी’ क़ानून भारत में आत्मनिर्भर गांवों के विकास और समृद्धि केलिए एक बड़ा महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी पहल के विभिन्न प्रावधानों को समझाया और कहाकि यह कानून रोज़गार सृजन, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और गांवों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहाकि विकसित और समृद्ध गांवों का लक्ष्य केवल जनभागीदारी से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहाकि पहले की व्यवस्था में मनरेगा केतहत 100 दिन के रोज़गार की गारंटी तो थी, लेकिन कई स्थानों पर न तो समय पर काम मिल पाता था और न ही मज़दूरी का भुगतान समय पर हो पाता था। इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने कहाकि ऐसी कमियों और भ्रष्टाचार समाप्त करने केलिए नरेंद्र मोदी सरकार ने ‘विकसित भारत-जी राम जी’ क़ानून के माध्यम से सुधार किए हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने बतायाकि नए क़ानून में रोजगार गारंटी 125 दिन कर दी गई है, यदि निर्धारित अवधि के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो मज़दूरों को बेरोज़गारी भत्ता दिया जाएगा, इसी प्रकार यदि मज़दूरी के भुगतान में 15 दिन से अधिक की देरी होती है तो उसपर ब्याज भी दिया जाएगा। शिवराज सिंह ने कहाकि फील्ड स्तर के कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने केलिए प्रशासनिक व्यय 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहाकि नए क़ानून केतहत ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया गया है और अब गांव की सभाएं स्वयं तय करेंगीकि उनके गांव में कौनसे विकास कार्य कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कियाकि विकास से संबंधित निर्णय अब चेन्नई या दिल्ली में नहीं, बल्कि गांव स्तरपर ही लिए जाएंगे। शिवराज सिंह ने कहाकि कुछ लोग जानबूझकर इस योजना के बारेमें भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने इस मौके पर इरोड के प्रसिद्ध हल्दी बाजार जाकर वहां हल्दी उत्पादक किसानों और व्यापारियों से भी बातचीत की। उन्होंने 'हल्दी नगरी' इरोड में परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की घोषणा की और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को निर्देश जारी किए। उन्होंने कहाकि यह सुविधा गुणवत्ता परीक्षण, प्रमाणन और हल्दी के बेहतर विपणन से किसानों की मदद करेगी।
कृषिमंत्री ने इरोड में हल्दी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहाकि यह विषय वाणिज्य मंत्रालय के अधीन आता है, लेकिन कृषिमंत्री के रूपमें वे इस संबंध में स्वयं पहल करेंगे। उन्होंने कहाकि इससे हल्दी किसानों को नीतिगत समर्थन, बेहतर बाजार पहुंच और नए निर्यात अवसर मिलेंगे। शिवराज सिंह चौहान ने कहाकि इरोड क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की अत्यंत आवश्यकता है, कोल्ड स्टोरेज विभिन्न केंद्रीय योजनाओं केतहत स्थापित किए जा सकते हैं और तमिलनाडु सरकार से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना कोष के उपयोग की अपील की जाएगी। उन्होंने तस्करी करके लाई जानेवाली हल्दी पर रोक लगाने केलिए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया और इन सभी मुद्दों के ठोस समाधान केलिए दिल्ली में बैठक बुलाने की बात कही। उन्होंने अच्छे गुणवत्ता वाले बीज को कृषि की नींव बताते हुए आईसीएआर के माध्यम से बीज विकास की आवश्यकता पर भी बल दिया। शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में हो रही नवाचारों की समीक्षा की। उनसे महिला किसानों, विभिन्न किसान संगठनों व प्रगतिशील किसान प्रतिनिधियों ने भी मुलाकात की।

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