काशी से सांसद नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों का स्वागत और अभिनंदन किया
देश के 28 राज्यों की टीमें 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का सुंदर चित्र-मोदीस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Sunday 4 January 2026 06:08:03 PM
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉंफ्रेंसिंग से वाराणसी में 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने काशी के सांसद के नाते खिलाड़ियों का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहाकि राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप केलिए खिलाड़ी अथक परिश्रम केबाद पहुंचे हैं, आनेवाले दिनों में वाराणसी के मैदान पर उनके परिश्रम की परीक्षा होगी। उन्होंने कहाकि देश के 28 राज्यों की टीमें एकत्रित हुई हैं, जो एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सुंदर चित्र प्रस्तुत करती हैं। प्रधानमंत्री ने बनारसी की एक स्थानीय कहावत का उल्लेख करते हुए कहाकि खिलाड़ी अब वाराणसी पहुंच चुके हैं और शहर को अच्छी तरह जान लेंगे। उन्होंने कहाकि वाराणसी खेल प्रेमियों का शहर है, यहां कुश्ती, कुश्ती के अखाड़े, मुक्केबाजी, नौका दौड़ और कबड्डी बहुत लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहाकि वाराणसी ने कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, यूपी कॉलेज और काशी विद्यापीठ जैसे संस्थानों के खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तरपर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि हजारों वर्ष से वाराणसी ज्ञान और कला की खोज में आनेवाले लोगों का स्वागत करता आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप के दौरान वाराणसी का उत्साह बरकरार रहेगा, खिलाड़ियों को उनका उत्साहवर्धन करने केलिए दर्शक मिलेंगे और वे वाराणसी की समृद्ध आतिथ्य सत्कार की परंपरा का अनुभव भी करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहाकि वॉलीबॉल कोई साधारण खेल नहीं है, बल्कि यह संतुलन और सहयोग का खेल है, जहां गेंद को हमेशा हवा में रखने के प्रयास में दृढ़ संकल्प झलकता है। उन्होंने कहाकि वॉलीबॉल खिलाड़ियों को टीम भावना से जोड़ता है, जहां हर खिलाड़ी ‘टीम पहले’ के मंत्र से प्रेरित होता है। उन्होंने कहाकि भलेही प्रत्येक खिलाड़ी केपास अलग-अलग कौशल हों, लेकिन सभी अपनी टीम की जीत केलिए खेलते हैं। नरेंद्र मोदी ने भारत के विकास की कहानी और वॉलीबॉल केबीच समानताओं का उल्लेख करते हुए कहाकि यह खेल सिखाता हैकि कोईभी जीत अकेले प्राप्त नहीं होती, बल्कि जीत समन्वय, विश्वास और टीम की तैयारी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहाकि हर किसीकी अपनी भूमिका और जिम्मेदारी होती है और सफलता तभी मिलती है, जब हर कोई गंभीरता से अपनी जिम्मेदारी को निभाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत भी इसी तरह प्रगति कर रहा है, स्वच्छता से डिजिटल भुगतान तक, ‘एक पेड़ मां के नाम’ से विकसित भारत अभियान तक, हर नागरिक, हर वर्ग और हर प्रांत सामूहिक चेतना और ‘भारत पहले’ की भावना से काम कर रहा है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज दुनिया भारत की विकास और अर्थव्यवस्था की सराहना कर रही है, यह प्रगति केवल आर्थिक मोर्चे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि खेल जगत में दिख रहे आत्मविश्वास में भी झलकती है। उन्होंने कहाकि हाल के वर्ष में 2014 से विभिन्न खेलों में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और उन्हें जेन-जेड खिलाड़ियों को मैदान पर तिरंगा फहराते देखकर गर्व महसूस होता है। प्रधानमंत्री ने याद दिलायाकि एक समय ऐसा था, जब सरकार और समाज दोनों ही खेलों केप्रति उदासीन थे, जिससे खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती थी और बहुत कम युवा खेलों को अपना करियर बनाते थे। उन्होंने कहाकि इस एक दशक में सरकार ने खेल के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है और आज भारत का खेल मॉडल ‘खिलाड़ी केंद्रित’ हो गया है, जिसमें प्रतिभा की पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पोषण और पारदर्शी चयन पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता हैकि खिलाड़ियों के हितों को हर स्तरपर प्राथमिकता दी जाए।
प्रधानमंत्री ने कहाकि सरकार ने खेल के क्षेत्रमें कई बड़े सुधार किए हैं, इनमें राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम और खेलो भारत नीति-2025 प्रमुख हैं, इनसे प्रतिभाओं को अवसर मिलेंगे और खेल संगठनों में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने कहाकि इन प्रावधानों से युवाओं को खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में एकसाथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। नरेंद्र मोदी ने कहाकि टीओपी जैसी पहल भारत में खेल जगत को बदल रही हैं, जिनमें मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने, वित्तपोषण तंत्र विकसित करने और युवा खिलाड़ियों को वैश्विक स्तरपर पहचान दिलाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहाकि भारत ने कई शहरों में 20 से अधिक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की है, जिनमें फीफा अंडर-17 विश्व कप, हॉकी विश्व कप और प्रमुख शतरंज टूर्नामेंट शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि 2030 के राष्ट्रमंडल खेल भारत में आयोजित किए जाएंगे और देश 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी केलिए भी प्रयासरत है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करने के बेहतर अवसर प्रदान करना है।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, विभिन्न खेलों केलिए स्टेडियम बन रहे हैं, नए खेल परिसर आसपास के जिलों के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि सिगरा स्टेडियम, जहां यह आयोजन हो रहा है, अब कई आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। प्रधानमंत्री ने वाराणसी की बड़े आयोजनों केलिए तैयारियों पर खुशी व्यक्त करते हुए कहाकि राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के जरिए देश के खेल नक्शे पर स्थान बनाना शहर केलिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने याद दिलायाकि वाराणसी ने कई महत्वपूर्ण आयोजनों की मेजबानी की है, जिनसे स्थानीय लोगों को अवसर मिले और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला, इनमें जी-20 की बैठकें, काशी तमिल संगमम और काशी तेलुगु संगमम जैसे सांस्कृतिक उत्सव, प्रवासी भारतीय सम्मेलन और शंघाई सहयोग संगठन की सांस्कृतिक राजधानी के रूपमें वाराणसी का नाम शामिल है। उन्होंने कहाकि ऐसे आयोजन वाराणसी को बड़े मंचों केलिए एक प्रमुख गंतव्य के रूपमें स्थापित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उल्लेख कियाकि वाराणसी में इस समय सुहावना ठंडा मौसम रहता है, साथही स्वादिष्ट मौसमी व्यंजन भी उपलब्ध होते हैं, उन्होंने मलाइयो का आनंद लेने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने, गंगा में नौका विहार करने और शहर की विरासत का अनुभव करने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने केलिए प्रोत्साहित किया और आशा व्यक्त कीकि वाराणसी से लगाया गया हर स्पाइक, ब्लॉक और पॉइंट भारत की खेल आकांक्षाओं को और ऊंचा करेगा। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, यूपी सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर, गिरीश यादव, बनारस के मेयर अशोक तिवारी, जनप्रतिनिधि, वॉलीबॉल एसोसिएशन के पदाधिकारी, देशभर से आए खिलाड़ी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।