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भारत दक्षिण कोरिया सशक्त लोकतंत्र-हरिवंश

दक्षिण कोरिया गणराज्य के संसदीय प्रतिनिधियों का भारत दौरा

'भारत का संसदीय सहयोग को मजबूत करने का पूर्ण समर्थन'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 30 January 2026 06:17:23 PM

parliamentary representatives from the republic of south korea visit india

नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया गणराज्य की राष्ट्रीय सभा के उपाध्यक्ष ली हैक यंग के नेतृत्व में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने आज संसद भवन में राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश से मुलाकात की। दक्षिण कोरिया के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में हरिवंश ने कहा हैकि भारत और दक्षिण कोरिया सशक्त एवं प्रगतिशील लोकतंत्र हैं और संसदीय आदान प्रदान की एक मजबूत परंपरा को साझा करते हैं। उन्होंने कहाकि दोनों संसदों केबीच नियमित संवाद और बातचीत ने भारत-कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
भारत और कोरिया केबीच द्विपक्षीय सहयोग के बहुआयामी स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए हरिवंश ने कहाकि भारत कोरिया व्यापार और निवेश, रक्षा, संस्कृति और जन संबंधों जैसे क्षेत्रों में घनिष्ठ साझेदारी साझा करते हैं, जो लोकतंत्र, कानून के शासन, वैश्विक शांति और समृद्धि केप्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। हरिवंश ने कहाकि भारत और कोरिया गणराज्य भारत में अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और गिम्हे के राजा किम सूरो केबीच वैवाहिक गठबंधन के माध्यम से जुड़े हुए हैं, जो दोनों राष्ट्रों केबीच गहरे सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने कहाकि यह गर्व की बात हैकि 2011 में दक्षिण कोरिया की सरकार ने नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती पर सियोल में उनकी प्रतिमा स्थापित की। हरिवंश ने दक्षिण कोरिया के सांसदों को याद दिलायाकि गुरुदेव टैगोर ने 1929 में 'पूर्व का दीपक' कविता लिखी थी, जिसमें उन्होंने कोरिया के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य को श्रद्धांजलि अर्पित की थी, जिसे कोरियाई लोग आजभी स्नेहपूर्वक याद करते हैं।
सभापति हरिवंश ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश प्रवाह में निरंतर वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया और बतायाकि द्विपक्षीय व्यापार लगभग 27 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। भारत में कोरियाई कंपनियों की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहाकि हुंडई, सैमसंग और एलजी देश में घर-घर में जाने-माने नाम बन गए हैं। हरिवंश ने साझा दृष्टिकोण को ठोस कार्रवाई में बदलने में सांसदों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए भारत आए प्रतिनिधिमंडल को संसदीय सहयोग को मजबूत करने में अपने पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि निरंतर संवाद और आदान प्रदान से भारत और दक्षिण कोरिया के संबंधों की पूरी क्षमता का एहसास होगा और प्रतिनिधिमंडल को भारत में सुखद और फलदायी प्रवास की शुभकामनाएं दीं। राज्यसभा की संसद सदस्य रेखा शर्मा, मुजीबुल्ला खान, डॉ परमार जसवंतसिंह सलामसिंह, राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी, राज्यसभा सचिवालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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