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बीएसएफ के पराक्रम पर देश को गर्व-गृहमंत्री

बीएसएफ का सीमा पर वाघा जैसा अभेद्य सुरक्षा सुदर्शनचक्र

गुजरात के पहले भारत-पाक सीमा व्यूइंग पॉइंट का उद्घाटन

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 10 April 2022 05:29:10 PM

country proud of bsf's valor: home minister

बनासकांठा (गुजरात)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा हैकि कोई भी सीमा सुरक्षा बल हो विशेषकर बीएसएफ़ उसका काम बहुत कठिन है, रेतीली आंधियां, चिलचिलाती गर्मी, हाड़ कंपा देनेवाली ठंड, इन सबके बीच एकाग्रता केसाथ जीवनपर्यंत कर्तव्य के मंत्रको साकार करते हुए बीएसएफ़ के जवान देश की 6385 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि बीएसएफ का इतिहास अनेक बलिदानियों की अमर गौरवगाथाओं से भरा है, जबभी देश पर संकट आया बीएसएफ ने हमेशा साहस और वीरता से देश की सुरक्षा की है। गृहमंत्री ने कहाकि परिवार से दूर सरहद पर रहकर राष्ट्र की सुरक्षा में अहर्निष जुटे बीएसएफ के सभी कर्मियों के पराक्रम एवं समर्पण पर पूरा देश गर्व करता है। उन्होंने कहाकि जबसे नरेंद्र मोदी देशके प्रधानमंत्री बने तबसे देशको दुनियामें हर क्षेत्रमें सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाने का आयोजनबद्ध तरीक़े से प्रयास हो रहा है और ये प्रयास इसीलिए सफल होगा, क्योंकि हमारे सीमा सुरक्षा बल के जवान सीमा पर अभेद्य सुरक्षा का सुदर्शनचक्र लिए हुए खड़े हैं, इसीलिए सीमाओं पर विकास संभव हो रहा है।
गृहमंत्री अमित शाह ने बनासकांठा जिले के नादाबेट में गुजरात के पहले भारत-पाक सीमा व्यूइंग पॉइंट का उद्घाटन किया और कहाकि गुजरात में भारत-पाक बॉर्डर पर नादाबेट सीमादर्शन के शुभारंभ केसाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देनेकी दिशामें एक अहम पड़ाव तय होगा, यहां पर्यटकों को सीमा पर जीरो पॉइंट तक जाकर वीर सीमा प्रहरियों के साहस एवं पराक्रम को नजदीक से देखकर देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। गृहमंत्री ने कहाकि नादाबेट सीमा दर्शन परियोजना न सिर्फ पर्यटकों को बीएसएफ के गौरवशाली इतिहास एवं शहीदों की शौर्यगाथाओं का सचित्र दर्शन कराएगी, बल्कि बॉर्डर टूरिज्म विकास को भी बढ़ावा देगी, जिससे नए रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने नादाबेट बॉर्डर आउटपोस्ट सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया और जवानों केसाथ बड़ा खाना एवं संवाद भी किया। गृहमंत्री ने कहाकि ये तो वो सीमा है, जहां बीएसएफ़ और सेना के जवानों ने उत्कृष्ट पराक्रम दिखाया है, लगभग 1000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को पाकिस्तान से छीनकर विजय पताका फहराने का काम बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स ने किया।
गृहमंत्री ने कहाकि बहुत लंबे समय तक जबतक समझौता नहीं हुआ था, बीएसएफ़, एडमिनिस्ट्रेशन में भी लगी रही और 1965 में 25 बटालियनों केसाथ शुरू हुआ ये संगठन आज 193 बटालियन और 60 आर्टिलरी रेजीमेंट की 2,65,000 जवानों की नफ़री केसाथ है। उन्होंने कहाकि पूरा देश और देश का हर नागरिक मानता हैकि ये संगठन और 2,65,000 की ये नफ़री भारत की सुरक्षा की गारंटी है। गृहमंत्री ने कहाकि कश्मीर घाटी में घुसपैठ रोकनी हो, नॉर्थ-ईस्ट और कुछ वामपंथी उग्रवाद वाले क्षेत्रों में आंतरिक सुरक्षा को संभालना हो, भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दोनों देशों के रिश्तों में सौहार्द बनाए रखते हुए देशके सभी हिस्सों की सुरक्षा करनी हो, क्रीक के कठिन क्षेत्रमें भी घुटनों तक दलदल में घंटों तक चलकर वहां सजग रहना हो, विश्व में इतनी कठिन परिस्थितियों में काम करने वाला बीएसएफ़ के सिवा कोई और सीमा सुरक्षा बल नहीं होगा। अमित शाह ने कहाकि गुजरात सरकार ने नादाबेट में सीमा दर्शन कार्यक्रम पर 125 करोड़ रूपये ख़र्च किए हैं और यहां बीएसएफ़ की वीरगाथाओं को देखकर छोटे-छोटे बच्चे बॉर्डर गार्डिंग फ़ोर्स केप्रति सम्मान की भावना को संस्कार के रूपमें आत्मसात करेंगे, वेभी निश्चय कर पाएंगे कि देशकी सुरक्षा में उन्हें भी कुछ करना चाहिए।
गृहमंत्री ने कहाकि गुजरात सरकार अब यह आयोजन भी करने वाली हैकि पांचवी से आठवीं कक्षा तकके हर छात्र के स्कूल के पर्यटन का सेंटर अब नादाबेट बनने जा रहा है, इससे छात्र बीएसएफ़ के त्याग, समर्पण, बलिदान और वीरता सबको अपने साथ लेकर सिविल सोसायटी में जाएगा और जबवह नागरिक बनेगा, तब उसके जीवन के अंतिम साल तक यह सम्मान बना रहेगा। उन्होंने कहाकि गुजरात सरकार आसपास के क्षेत्रमें रहने की सुविधा केलिए भी अच्छी प्लानिंग कर रही है और कम से कम 2 दिन बनासकांठा की सरहद पर गुजरात का हर नागरिक बिताए तभी वो सरहद की कठिनाइयों केसाथ जुड़ पाएगा और सरहद की सुरक्षा चुनौतियों से रूबरू हो पाएगा। गृहमंत्री ने कहाकि सीमा सुरक्षा बल के जवान -40 डिग्री टेंपरेचर से लेकर 45 डिग्री टेंपरेचर वाली सीमाओं पर जानकी बाजी लगाकर देश की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने देश की जनता की ओर से जीवनपर्यंत कर्तव्य के नारे को चरितार्थ करने वाले बीएसएफ के छोटे से छोटे जवान से लेकर डीजी तक सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद किया। अमित शाह ने कहाकि जब-जब देशपर संकट आया बीएसएफ ने वीरता दिखाने में कोई कमी नहीं की।
उन्होंने कहाकि एक महावीरचक्र, चार कीर्तिचक्र, तेरह वीरचक्र, तेरह शौर्यचक्र और अनेक बलिदानों की गाथा बीएसएफ अपने साथ लेकर चलती है और यह वीरता का जो अनूठा संगम बीएसएफ में हुआ है इसपर देश गर्व करता है। अमित शाह ने कहाकि सीमा दर्शन वाले पर्यटन स्थल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना को जबतक कोई यहां आकर स्वयं नहीं देख लेता, तबतक इस बहुआयामी परिकल्पना को कोई समझ ही नहीं सकता, यहांपर आकर जबहम नादाबेट की पूर्ण प्रदर्शन स्थली और यहांसे बॉर्डर तक जाएंगे, तब जाकर हमें मालूम पड़ेगाकि हमारे सीमा प्रहरी कितनी कठिन परिस्थिति में हमारी सुरक्षा का कार्य करते हैं। गृहमंत्री ने कहाकि यहां आनेपर बच्चों के मन में देशभक्ति के साथ-साथ हमारे सशस्त्र बलों और हमारी सीमाओं की सुरक्षा केसाथ जुड़ने का एक जज्बा पैदा होगा। उन्होंने कहाकि जब लोग यहां आएंगे तो पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सीमावर्ती गांवों से पलायन की, जो एक बहुत बड़ी समस्या है, वह दूर होगी और रोज़गार अवसर भी उत्पन्न होंगे, देश के अंदर जो विकास हो रहा है, उसके सीमा के अंतिम गांव तक पहुंचने की ये एक शुरुआत है। अमित शाह ने कहाकि मैं आज बहुत अच्छे तरीके से परिकल्पित कर सकता हूंकि 10 साल बाद नादाबेट का यह सेक्टर बनासकांठा जिले में कम से कम पांच लाख लोगों के रोज़गार का केंद्र बनेगा।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहाकि यहांपर पर्यटकों केलिए फर्नीचर और इंटीरियर वर्क केसाथ तीन आगमन प्लाजा, विश्राम स्थल, 500 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, चेंजिंग रूम, 22 दुकानें और रेस्टोरेंट, डेकोरेटिवलाइटिंग होने वाली है और यहां की 30 प्रतिशत बिजली सोलर आधारित है, इस प्रकार यहां पर आधुनिक से आधुनिक सेक्टर बनाने का काम किया है। गृहमंत्री ने कहाकि बच्चों को खेलने की सुविधाएं और आसमान को छूता 100 फुट ऊंचा तिरंगा ये सभी यहां आकर्षक के केंद्र बनेंगे, यहां पर 6 गैलरियां बनी है, जो हमें देश की सभी सीमाओंका परिचय कराएंगी। गृहमंत्री ने कहाकि गुजरात के पर्यटन केलिए एक गैलरी एवं नादाबेट और बनासकांठा केलिए भी एक गैलरी बनाई गई है, यहां पर बीएसएफ की तीनों विंग समुद्री, वायु और आर्टिलरी का परिचय देने वाली एक गैलरी भी होगी। अमित शाह ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बॉर्डर टूरिज्म का एक बहुत बड़ा स्वप्न देखा है, यहां बीटिंग रिट्रीट समारोह आकर्षण का केंद्र बनेगा, जिसके माध्यम से बॉर्डर की सुरक्षा, बॉर्डर के सीमा प्रहरियों केसाथ जनता का संवाद और सीमा प्रहरियों केप्रति जनता के मन में एक आकर्षण का भाव के तीनों उद्देश्य इस कार्यक्रम से पूरे होंगे।
अमित शाह ने कहाकि प्रधानमंत्री ने सरहदों की सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर केलिए ढेर सारे इनीशिएटिव लिए हैं। गृहमंत्री ने देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं और कहाकि रामनवमी चैत्य नवरात्रि की समाप्ति केसाथ ही एक ऐसे व्यक्तित्व का जन्म दिवस भी है, जिनका जन्मदिन हजारों साल से करोड़ों लोग अपने घरमें मनाते हैं। उन्होंने कहाकि जीवन में हर भूमिका किस प्रकार से निभानी चाहिए उसके लिए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन सर्वश्रेष्ठ आदर्श है। गृहमंत्री ने बतायाकि भगवान श्रीराम इस प्रकार का जीवन जीकर गए, जिसमें उन्होंने एक शब्द बोले बगैर एक आदर्श बेटे, आदर्श पति, आदर्श राजा और आदर्श सेनापति की भूमिका किस प्रकार से निभानी चाहिए इसका एक ऐसा सर्वश्रेष्ठ आदर्श प्रस्तुत किया, जिससे लोग सालों-साल और युगो-युगों तक प्रेरणा लें, इसीलिए वे आज हमारे आराध्य हैं, हमसब उनकी भगवानस्वरूप में पूजा करते हैं और उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहाकि अब बनासकांठा गुजरात, बल्कि देशभर में नादाबेट के कारण आकर्षण का केंद्र बनेगा और देशभर के लोगों को बीएसएफ की वीरता को नजदीक से जानने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक, जवान और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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