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एसवी सरस्वती को सर्वोच्च सैन्य नर्सिंग सम्मान

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वर्चुअल समारोह में प्रदान किया सम्मान

ब्रिगेडियर एसवी सरस्वती हैं सैन्य नर्सिंग सेवाओं की उप महानिदेशक

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 21 September 2021 03:13:35 PM

highest military nursing award to sv saraswati

नई दिल्ली। सैन्य नर्सिंग सेवा की उप महानिदेशक ब्रिगेडियर एसवी सरस्वती को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल सम्मान-2020 से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एक वर्चुअल समारोह में नर्स प्रशासक के रूपमें ब्रिगेडियर एसवी सरस्वती के सैन्य नर्सिंग सेवा में अपार योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया। राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार ऐसा सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है, जिसे किसी नर्स को उनकी निःस्वार्थ सेवा और असाधारण कार्यकुशलता के लिए प्रदान किया जाता है। ब्रिगेडियर सरस्वती आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के रहने वाली हैं और उन्होंने 28 दिसंबर 1983 को सैन्य नर्सिंग सेवा में कार्य करना शुरू किया था। उन्होंने सैन्य नर्सिंग क्षेत्र में साढ़े तीन दशक से अधिक समय तक सेवा की है और उनका विशेष रूपसे पेरीओपरेटिव (सर्जरी के बाद) नर्सिंग में उनका अनुकरणीय योगदान है।
ब्रिगेडियर एसवी सरस्वती ने एक प्रसिद्ध ऑपरेशन थिएटर नर्स के रूपमें 3000 से अधिक जीवनरक्षक तथा आपातकालीन सर्जरी में सहायता की है और अपने करियर में बहुत से रेजीडेंट, ऑपरेशन रूम नर्सिंग प्रशिक्षुओं एवं सहायक कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है। उन्होंने कार्डियक सर्जरी के लिए रोगी शिक्षण सामग्री और इम्प्रोवाइज्ड ड्रेप किट तथा घाव में टांके लगाने की पैकिंग तैयार की है। ब्रिगेडियर एसवी सरस्वती ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सैन्य नर्सिंग सेवाओं का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने सैनिकों के लिए विभिन्न आउटरीच गतिविधियों का संचालन भी किया है और बेसिक लाइफ सपोर्ट में हजार से अधिक सैनिकों तथा परिवारों को प्रशिक्षित किया है।
ब्रिगेडियर एसवी सरस्वती ने कांगो में विभिन्न अखिल भारतीय सैन्य अस्पतालों और संयुक्तराष्ट्र शांति रक्षक बलों में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। सैन्य नर्सिंग सेवा में उप महानिदेशक की वर्तमान नियुक्ति को संभालने से पहले उन्होंने नैदानिक व प्रशासनिक नियुक्तियों के विभिन्न स्तरों पर कार्य किया है। सैनिकों और उनके परिवारों के लिए नर्सिंग पेशे में उनकी सराहनीय और विशिष्ट सेवा के सम्मान में उन्हें जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ कमेंडेशन (2005), संयुक्तराष्ट्र मेडल (एमओएनओसी) (2007) और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन (2015) से भी सम्मानित किया गया है।

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