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Saturday 30 August 2025 03:08:42 PM
नई दिल्ली। भारतीय डाक विभाग ने अवस्थिति प्रौद्योगिकी, आईओटी और भूस्थानिक समाधान प्रदान करने वाली कंपनी मैपमाईइंडिया मैपल्स केसाथ एक समझौता किया है, जिसका उद्देश्य डिजिपिन के विकास और कार्यांवयन में सहायता केलिए मैपमाईइंडिया के मानचित्रण प्लेटफ़ॉर्म और उत्पादों का उपयोग करना है। डाक भवन नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में डाक विभाग और मैपमाईइंडिया मैपल्स के प्रतिनिधियों ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। समझौते की शर्तों में-मैपमाईइंडिया ‘अपने डिजिपिन को जानें’ अनुप्रयोग में एकीकरण केलिए आधार मानचित्र प्रदान करेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं केलिए दृश्यता बढ़ेगी और भौगोलिक स्थान के आधार पर सटीक डिजिपिन तैयार करना संभव होगा। मैपल्स अनुप्रयोग में डिजिपिन कार्यक्षमता को शामिल किया जाएगा, जिससे उपयोगकर्ता डिजिपिन का उपयोग करके स्थानों की खोज कर सकेंगे।
मैपमाईइंडिया अपने डेटाबेस में पहले सेही पहचान किएगए पतों पर डिजिपिन के आवंटन की सुविधा भी प्रदान करेगा, जिससे अवस्थिति आधारित सेवाओं को मज़बूती मिलेगी और विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर डिजिपिन को व्यापक रूपसे अपनाने को बढ़ावा मिलेगा। डाक विभाग के सदस्य (संचालन) हरप्रीत सिंह ने इस अवसर पर कहाकि यह साझेदारी डिजिपिन की पहुंच और सुगमता को उल्लेखनीय रूपसे बढ़ाएगी। उन्होंने कहाकि मैपमाईइंडिया के मानचित्रण प्लेटफ़ॉर्म केसाथ एकीकरण करके हम एक मानकीकृत डिजिटल पता प्रणाली बना रहे हैं, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ होगा और कुशल सेवा वितरण केलिए भारत की डिजिटल अवसंरचना को मज़बूती मिलेगी। मैपमाईइंडिया मैपल्स के सह संस्थापक और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राकेश वर्मा ने कहाकि मैपमाईइंडिया मैपल्स को पूरी तरहसे स्वदेशी राष्ट्रीय डिजिटल पता प्रणाली विकसित करने केलिए डाक विभाग केसाथ हाथ मिलाने पर गर्व है।
डाक विभाग के डिजिपिन अनुप्रयोगों में एकीकृत होने केबाद एपीआई और एसडीके का मैपमाईइंडिया मैपल्स सूट, डिजिपिन से संबंधित विभिन्न सेवाओं और समाधानों के निर्माण से अरबों भारतीय नागरिकों और व्यवसायों को सशक्त बनाएगा, साथही मैपल्स ऐप के माध्यम से उनतक निर्बाध पहुंच भी सुनिश्चित करेगा। मैपल्स अनुप्रयोग में डिजिपिन के एकीकरण से उद्यमों, सरकारी एजेंसियों और संचालकों को अपने मानचित्रण प्लेटफ़ॉर्म और समाधानों में डिजिपिन को शामिल करने में मदद मिलेगी। इससे सेवाओं और नवाचारों का एक व्यापक इकोसिस्टम विकसित होगा, डाक विभाग की डिजिटल पता संहिता पहल को बढ़ावा मिलेगा और भारत में सेवा के रूपमें पता प्रणाली (एएएएस) रूपरेखा को भी समर्थन मिलेगा।