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भारत की विकास यात्रा में हम शामिल हैं-जापान

भारत में पूंजी सिर्फ बढ़ती नहीं, बल्कि कई गुना बढ़ जाती है-नरेंद्र मोदी

भारत और यूएस में आर्थिक तनाव की जापान में भी गंभीर चर्चा हो रही

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 29 August 2025 05:29:48 PM

serious discussion in japan about economic tension between india and us

टोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के निमंत्रण पर टोक्यो में हैं। वे 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन केलिए जापान की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। उनकी जापान यात्रा पर भारत और जापान केबीच दीर्घकालिक रणनीतिक और मजबूत साझेदारी की चर्चाएं भी जोरों पर शुरू हो गई हैं, खासतौर पर अमेरिका के भारत केसाथ तनावपूर्ण आर्थिक संबंधों की चर्चाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने टोक्यो में भारतीय उद्योग परिसंघ और कीदानरेन यानी जापान व्यापार महासंघ के संयुक्त आयोजन में भारत-जापान आर्थिक फोरम में भारत-जापान बिजनेस लीडर्स फोरम के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, भारत और जापान के उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों केसाथ गहन विचार विमर्श किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें कहाकि भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा से एक अहम पार्टनर है, मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप हर क्षेत्रमें हमारी भागीदारी आपसी का विश्वास का प्रतीक है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है, मात्र पिछले दो वर्ष में 13 बिलियन डॉलर का प्राइवेट इन्वेस्टमेंट हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उल्लेख कियाकि जेबीआईसी का कहना हैकि भारत सबसे आशाजनक गंतव्य है और जेट्रो का कहना हैकि 80 प्रतिशत कंपनियां भारत में विस्तार करना चाहती हैं, जिसमें 75 प्रतिशत पहले सेही मुनाफ़े में हैं, यानी भारत में पूंजी सिर्फ बढ़ती नहीं, बल्कि कई गुना बढ़ जाती है! प्रधानमंत्री ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी पर विशेष रूपसे निवेश विनिर्माण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रमें द्विपक्षीय सहयोग की सफलता पर प्रकाश डाला। नरेंद्र मोदी ने जापानी कंपनियों को भारत में अपनी उपस्थिति औरभी अधिक बढ़ाने केलिए आमंत्रित करते हुए कहाकि भारत की विकास गाथा उनके लिए उत्‍कृष्‍ट अवसर प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहाकि वर्तमान अशांत वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के संदर्भ में विश्वसनीय मित्रों केबीच गहरी होती आर्थिक साझेदारी विशेष रूपसे प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि राजनीतिक स्थिरता, नीतिगत पूर्वानुमान, सुधारों को लेकर प्रतिबद्धता और कारोबारी सुगमता के प्रयासों ने भारतीय बाजार में निवेशकों को एक नया विश्वास कायम किया है, जो वैश्विक एजेंसियों द्वारा भारत की नवीनतम क्रेडिट रेटिंग में सुधार से स्पष्ट रूपसे परिलक्षित होता है।
भारत जापान में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों, विनिर्माण, निवेश और मानव संसाधन सम्‍बंधी आदान प्रदान एवं सहयोग की महत्वपूर्ण क्षमता पर नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत वैश्विक विकास में लगभग 18 प्रतिशत योगदान दे रहा है और कुछ वर्ष में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। दोनों अर्थव्यवस्थाओं केबीच परस्‍पर सहयोग को देखते हुए उन्होंने मेक इन इंडिया जैसी अनेक पहलों की दिशा में जापान भारत केबीच औरभी अधिक व्यापारिक सहयोग केलिए पांच प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला। ये क्षेत्र हैं-बैटरी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्‍टर, जहाज निर्माण, परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रमें विनिर्माण, एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी, नवाचार में सहयोग, हरित ऊर्जा परिवर्तन, अगली पीढ़ी का इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर जिसमें आवागमन हाईस्पीड रेल और लॉजिस्टिक और कौशल विकास केबीच संबंध। जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने सशक्‍त आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण हेतु भारतीय प्रतिभाओं और जापानी प्रौद्योगिकी केबीच साझेदारी बनाने में जापानी कंपनियों की रुचि का जिक्र किया। उन्होंने भारत और जापान केबीच तीन प्राथमिकताओं पर जोर दिया-पी2पी साझेदारी को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी का संयोजन, हरित पहल और बाजार तथा उच्च एवं उभरती प्रौद्योगिकियों विशेष रूपसे सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रोंमें सहयोग।
भारत-जापान के बारहवें बिजनेस लीडर्स फोरम की रिपोर्ट आईजेबीएलएफ के सह अध्यक्षों ने दोनों नेताओं को भेंट की। भारतीय और जापानी उद्योग केबीच बढ़ती साझेदारियों पर प्रकाश डालते हुए जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नोरिहिको इशिगुरो ने इस्पात, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, शिक्षा और कौशल, स्वच्छ ऊर्जा और मानव संसाधन का आदान प्रदान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय और जापानी कंपनियों केबीच हस्ताक्षरित विभिन्न बी2बी समझौता ज्ञापनों की घोषणा की।

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