स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 26 August 2025 05:54:45 PM
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अहमदाबाद के हंसलपुर सुजुकी मोटर प्लांट में ग्रीन मोबिलिटी पहल का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहाकि गणेशोत्सव के उल्लास केबीच भारत की 'मेक इन इंडिया' यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के साझा लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण छलांग है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि आजसे भारत में निर्मित इन बीईवी का निर्यात यूरोप और जापान जैसे उन्नत बाजारों सहित 100 से अधिक देशों में किया जाएगा। उन्होंने कहाकि इस उपलब्धि केसाथ भारत अब सुजुकी के इलेक्ट्रिक वाहनों के वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूपमें कार्य करेगा। उन्होंने देशमें हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड निर्माण की शुरुआत की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहाकि आजका दिन भारत-जापान मैत्री को एक नया आयाम देगा। उन्होंने भारत के नागरिकों, जापान और सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन को हार्दिक बधाई दी। प्रधानमंत्री ने सुजुकी के पहले वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) ‘ई विटारा’ का उद्घाटन किया और इसे हरी झंडी दिखाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के उत्पादन की शुरुआत की, तोशिबा, डेंसो और सुजुकी का यह संयुक्त उद्यम संयंत्र, घरेलू विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार को बढ़ावा देगा, अब अस्सी प्रतिशत से अधिक बैटरी का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। नरेंद्र मोदी ने कहाकि 2012 में उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हंसलपुर में मारुति सुजुकी को ज़मीन आवंटित की गई थी, उस समयभी आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया का ही विजन था, वे शुरुआती प्रयास, अब देश के वर्तमान संकल्पों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ओसामु सुजुकी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत सरकार को उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित करने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहाकि उन्हें मारुति सुजुकी इंडिया केलिए ओसामु सुजुकी के विजन के विस्तार को देखकर प्रसन्नता है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत केपास लोकतंत्र की मजबूती, जनसांख्यिकी का लाभ और कुशल कार्यबल का एक विशाल भंडार भी है, जो हर साझेदार केलिए लाभजनक है। उन्होंने बतायाकि सुजुकी जापान भारत में निर्माण कर रही है और यहां उत्पादित वाहन जापान को निर्यात किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि यह न केवल भारत-जापान संबंधों की मज़बूती को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक कंपनियों के भारत में बढ़ते विश्वास को भी दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां प्रभावी रूपसे मेक इन इंडिया की ब्रांड एंबेसडर बन गई हैं, लगातार चार वर्ष से मारुति सुजुकी भारत की सबसे बड़ी कार निर्यातक रही है। प्रधानमंत्री ने घोषणा कीकि आज से उसी पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात भी शुरू होगा, दुनियाभर के दर्जनों देशों में चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर गर्व से मेड इन इंडिया का लेबल लगा होगा। प्रधानमंत्री ने कहाकि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) का सबसे महत्वपूर्ण घटक बैटरी है और कुछ साल पहले तक भारत में बैटरियां पूरी तरह से आयातित होती थीं। उन्होंने कहाकि ईवी विनिर्माण को मज़बूती प्रदान करने केलिए भारत में घरेलू बैटरी उत्पादन शुरू करना जरूरी है। उन्होंने याद दिलायाकि 2017 में इसी दृष्टिकोण केसाथ टीडीएसजी बैटरी प्लांट की नींव रखी गई थी, टीडीएसजी की एक नई पहल के तहत तीन जापानी कंपनियां पहलीबार भारत में संयुक्त रूपसे बैटरी सेल का निर्माण करेंगी। उन्होंने कहाकि बैटरी सेल इलेक्ट्रोड का उत्पादन भी भारत में ही स्थानीय स्तरपर किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहाकि यह स्थानीयकरण भारत की आत्मनिर्भरता को सशक्त करेगा, इससे हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहाकि कुछ साल पहले तक इलेक्ट्रिक वाहनों को सिर्फ एक विकल्प के तौरपर ही देखा जाता था। उन्होंने कहाकि इलेक्ट्रिक वाहन कई चुनौतियों का ठोस समाधान पेश करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलायाकि पिछले साल अपनी सिंगापुर यात्रा के दौरान उन्होंने पुराने वाहनों और एम्बुलेंस को हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार करने और सिर्फ छह महीने के भीतर एक कार्यशील प्रोटोटाइप तैयार करने केलिए मारुति सुजुकी की सराहना की। उन्होंने बतायाकि उन्होंने हाइब्रिड एम्बुलेंस के प्रोटोटाइप की व्यक्तिगत रूपसे समीक्षा की है और कहाकि ये हाइब्रिड एम्बुलेंस पीएम ई-ड्राइव योजना के बिल्कुल अनुरूप हैं। प्रधानमंत्री ने बतायाकि इस 11,000 करोड़ रुपए की योजना केतहत ई-एम्बुलेंस केलिए एक खास बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने कहाकि हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन प्रदूषण कम करने में मदद करेंगे और पुराने वाहनों को बदलने का एक व्यावहारिक विकल्प पेश करेंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि स्वच्छ ऊर्जा और स्वच्छ गतिशीलता भारत के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं, ऐसे प्रयासों से भारत तेजीसे स्वच्छ ऊर्जा और स्वच्छ गतिशीलता केलिए एक विश्वसनीय केंद्र के रूपमें उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहाकि ऐसे समय में जब दुनिया आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों से जूझ रही है, पिछले एक दशक में भारत के नीतिगत निर्णय अत्यधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया अभियान की शुरुआत और वैश्विक तथा घरेलू दोनों ही निर्माताओं केलिए अनुकूल वातावरण के निर्माण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहाकि भारत अपने विनिर्माण क्षेत्र को कुशल और विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने केलिए काम कर रहा है। उन्होंने कहाकि औद्योगिक गलियारे विकसित किए जा रहे हैं और देशभर में प्लग-एंड-प्ले बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि कई क्षेत्रों के निर्माताओं को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के तहत लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने उल्लेख कियाकि बड़े सुधारों के जरिए निवेशकों के सामने लंबे समय से चली आरही चुनौतियां हल हो गई हैं और निवेशकों केलिए भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में निवेश करना आसान बना दिया है। उन्होंने कहाकि अकेले इसी दशक में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में लगभग 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, मोबाइल फोन उत्पादन में 2700 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है और पिछले एक दशक में रक्षा उत्पादन में भी 200 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहाकि यह सफलता देश के सभी राज्यों को प्रेरित कर रही है और सुधारों व निवेश को लेकर राज्यों केबीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा उभरी है, जिसका लाभ पूरे देश को मिल रहा है। नरेंद्र मोदी ने राज्यों से वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने केलिए विकासोन्मुखी नीतियों और सुधारों केसाथ-साथ व्यापार सुगमता बढ़ाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत यहीं नहीं रुकेगा, जिन क्षेत्रोंमें भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया है, वहां औरभी अधिक उत्कृष्टता हासिल करना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहाकि सरकार इस प्रगति को निरंतरता देने केलिए मिशन मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहाकि भारत का ध्यान अब भविष्य के उद्योगों की ओर जाएगा। देशभर में छह संयंत्रों की स्थापना केसाथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र की बढ़ती प्रगति के बारेमें बात करते हुए नरेंद्र मोदी ने भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत सरकार रेयर अर्थ मैग्नेट की कमी के कारण ऑटो उद्योग के सामने आनेवाली चुनौतियों को लेकर भी सजग है, इस क्षेत्रमें राष्ट्रीय क्षमताओं को मज़बूत करने केलिए राष्ट्रीय खनिज मिशन के अंतर्गत महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान केलिए भारत के विभिन्न स्थानों पर 1200 से ज़्यादा अन्वेषण अभियान चलाए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने अगले सप्ताह जापान की अपनी यात्रा की जानकारी देते हुए कहाकि भारत और जापान केबीच संबंध, केवल कूटनीतिक संबंधों में ही सीमित न रहकर इससे कहीं आगे तक फैले हैं और ये संबंध संस्कृति व आपसी विश्वास पर आधारित हैं। उन्होंने कहाकि दोनों देश एकदूसरे की प्रगति में अपनी प्रगति देखते हैं। उन्होंने कहाकि मारुति सुजुकी केसाथ सफ़र अब बुलेट ट्रेन की गति तक पहुंच गया है, भारत-जापान साझेदारी की औद्योगिक क्षमता को साकार करने की प्रमुख पहल गुजरात में शुरू हुई थी।
प्रधानमंत्री ने याद दिलायाकि 20 साल पहले वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में जापान एक प्रमुख साझेदार था। उन्होंने गुजरात के लोगों के जापान के लोगों केप्रति स्नेह की सराहना की और कहाकि उद्योग से संबंधित नियम और कानून जापानी भाषा में छापे गए थे, ताकि उन्हें समझना आसान हो सके। उन्होंने बतायाकि जापानी मेहमानों केलिए जापानी व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने गोल्फ केप्रति जापानियों के प्रेम की सराहना की और कहाकि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए 7-8 नए गोल्फ कोर्स विकसित किए गए थे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत के कॉलेज और विश्वविद्यालय अब जापानी भाषा की शिक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत के निरंतर प्रयास भारत और जापान के लोगों केबीच आपसी संपर्क को मज़बूत कर रहे हैं, दोनों देश कौशल विकास और मानव संसाधन के क्षेत्रमें एकदूसरे की ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं। उन्होंने मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों से ऐसी पहलों में सक्रिय रूपसे भाग लेने और युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त कियाकि आज के प्रयास 2047 तक विकसित भारत की नींव को मजबूत करेंगे। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहाकि जापान इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक विश्वसनीय भागीदार बना रहेगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची, सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अधिकारी और देश-विदेश के उद्योगजगत के दिग्गज उपस्थित थे।