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'वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम'

राष्ट्रपति का 13वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में संबोधन

मतदान को राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान मानें-राष्ट्रपति

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 25 January 2023 06:16:25 PM

president droupadi murmu

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज 13वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में भाग लिया और उसे संबोधित किया। राष्ट्रपति ने कहाकि निर्वाचन आयोग और मतदाताओं का सामूहिक योगदान हमारे देशकी चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह कियाकि वे मतदान को राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान मानें और 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना से मतदान अवश्य करें। राष्ट्रपति ने कहाकि यह कहा जा सकता हैकि चुनाव के माध्यम से पिछले सात दशक के दौरान हमारे देशमें सामाजिक क्रांति संभव हुई है, यह हमारे लोकतंत्र की बहुत बड़ी सफलता हैकि दूर-सुदूर क्षेत्रों में रहनेवाला सामान्य मतदाता यह महसूस करता हैकि देश अथवा राज्य की शासन व्यवस्था कौन चलाएगा और कैसे चलाएगा, यह तय करने में उसकी निर्णायक भूमिका है। राष्ट्रपति ने कहाकि संविधान में निहित सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय के उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में हमारा लोकतंत्र निरंतर आगे बढ़ रहा है और मुझे पूरा विश्वास हैकि निर्वाचन आयोग तथा अन्य सभी प्रतिभागियों के सम्मिलित प्रयास से हमारा लोकतंत्र और अधिक सुदृढ़ बनेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहाकि निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को प्रेरित करने केलिए जिन ध्येय वाक्यों को अपनाया है, वे बहुतही सराहनीय हैं, ‘कोई मतदाता, न छूटे’ वाक्य सभी मतदाताओं केलिए मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने का लक्ष्य स्पष्ट करता है और इस वर्ष की राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम ‘वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम’ मतदाताओं के संकल्प को व्यक्त करती है, इस प्रकार निर्वाचन आयोग और मतदाताओं के सम्मिलित योगदान से हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया को बल मिलता है। राष्ट्रपति ने कहाकि वयस्क मताधिकार के आधार पर निर्वाचन व्यवस्था की मांग हमारे स्वाधीनता संग्राम के दौरान उठाई जाती थी, जनसामान्य में लोकतंत्र केप्रति आस्था की इस भावना को संविधान के भाग-15 में अभिव्यक्ति मिली, संविधान सभा के सदस्यों ने भारत की सामान्य जनता के विवेक पर असीम विश्वास जताया तथा वयस्क मताधिकार के आधार पर निर्वाचन का प्रावधान सुनिश्चित किया और उनका यह विश्वास भारत की जनता ने फलीभूत किया है। उन्होंने कहाकि भारत का लोकतंत्र विश्व के सबसे बड़े, जीवंत और स्थिर लोकतंत्र के रूपमें सम्मानित है और भारत का निर्वाचन आयोग विश्व के अनेक लोकतांत्रिक देशों में चुनाव प्रबंधन के विषय में मार्गदर्शन प्रदान करता है।
राष्ट्रपति ने भारतीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रक्रिया की असाधारण सफलता केलिए स्वाधीनता केबाद के चुनावों में भागीदारी करनेवाले सभी मतदाताओं और निर्वाचन आयोग के पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहाकि भारत में निर्वाचन प्रक्रिया की शानदार सफलता केपीछे विभिन्न राजनैतिक दलों, जनसेवकों, समाजसेवकों, मीडिया तथा गैर-सरकारी संगठनों का भी योगदान है। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर 2022 के दौरान चुनाव के संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन केलिए राज्य और जिलास्तर के अधिकारियों को वर्ष 2022 केलिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। सरकारी मीडिया और संचार संगठनों तथा अन्य विभागों जैसे महत्वपूर्ण हितधारकों कोभी मतदाता जागरुकता में उनके अमूल्य योगदान केलिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किएगए। उन्होंने कहाकि मतदाताओं को जागरुक करने तथा मतदान प्रक्रिया को जमीनी स्तरपर सुचारु रूपसे सम्पन्न करने में सराहनीय योगदान देकर सिविल सेवा और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और उनकी टीम ने देश की सेवा की है। उन्होंने कहाकि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी निष्ठावान अधिकारी तथा कर्मचारी राष्ट्रसेवक कहलाने के हकदार हैं, निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न आयामों में विशिष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों और संस्थानों को सर्वश्रेष्ठ चुनावी प्रथाओं के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस पुरस्कार प्रदान करके मुझे बहुत खुशी हुई है।
राष्ट्रपति ने कहाकि यह हमारी चुनाव प्रक्रिया और हमारे लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि हैकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी लगातार बढ़ रही है, वर्ष 2019 के आम चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों की तुलना में थोड़ी अधिक थी, यहभी उल्लेखनीय हैकि हमारी संसद के इतिहास में पहलीबार दोनों सदनों को मिलाकर महिला सांसदों की संख्या सौ के आंकड़े को पारकर गई है, ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं का अहम योगदान है, उनकी भागीदारी केसाथ-साथ उनकी संख्या और बढ़नी चाहिए। राष्ट्रपति ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार से 'इलेक्टिंग द फर्स्ट सिटिजन-एन इलस्ट्रेटेड क्रॉनिकल ऑफ इंडियाज प्रेसिडेंशियल इलेक्शन्स' पुस्तक की प्रथम प्रति प्राप्त की, यह पुस्तक देशमें राष्ट्रपति के निर्वाचन की ऐतिहासिक यात्रा की झलक देती है। वर्ष 2011 से भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस यानी 25 जनवरी 1950 को चिन्हित करने केलिए देशभर में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में निर्वाचन संबंधी जागरुकता पैदा करना और उन्हें चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने केलिए प्रोत्साहित करना है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उपयोग मतदाताओं विशेष रूपसे नवपात्र युवा मतदाताओं के नामांकन की सुविधा केलिए भी किया जाता है।

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