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युवा कौशल व विशेषज्ञता हासिल करें-नायडू

'भारत में उद्यमी प्रतिभा निखारने के अवसर मौजूद'

उपराष्ट्रपति ने संबोधित किया बीमटेक का दीक्षांत

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Friday 13 April 2018 12:26:46 PM

vice president m. venkaiah naidu

नोएडा। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बिरला प्रबंध एवं प्रौद्योगिकी संस्थान नोएडा के वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा है कि सही शिक्षा चरित्र, क्षमता, बुद्धि और आचरण के निर्माण में सहायक होती है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की अत्यधिक युवा मानव संसाधन पूंजी हमारी सबसे बड़ी सम्पदा है और देश को राष्ट्र के जनसांख्यिकीय लाभांश का प्रभावशाली ढंग से उपयोग करने में समर्थ होना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह सम्पन्न मानवीय सामर्थ्य है, जो कई गुणा शक्ति में तभी तब्दील हो सकती है, जब युवा वर्ग पर्याप्त कौशल और विशेषज्ञता हासिल कर लें, जो उद्योग, कृषि और सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप हों।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शिक्षा संस्थानों से कहा कि वे कल के विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए अपने पाठ्यक्रमों तथा अध्यापन के तरीकों को नया रूप दें, ताकि उनमें न केवल सुस्पष्टता और आत्मविश्वास आए, बल्कि वे 21वीं सदी की चेतावनियों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हों। उन्होंने कहा कि हमें सभी सत्रों पर एक स्थायी और आगे विस्तार वाली शैक्षणिक अवसंरचना की आवश्यकता है और भारत सरकार इस तात्कालिक आवश्यकता के प्रति बहुत जागरुक है। उन्होंने कहा कि बीमटेक जैसे प्रबंध संस्थानों में अनुसंधान प्रकाशनों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। उपराष्ट्रपति ने कौशल विकास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सरकार शैक्षणिक और व्यावसायिक निकायों के साथ मिलकर कौशल उन्नयन कार्यक्रमों के कार्यांवयन के लिए नैस्कॉम जैसे संस्थानों के साथ मिलकर विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है। वेंकैया नायडू ने कहा कि भारत के लिए निर्माण और सेवा क्षेत्रों में शीर्ष देशों में ऊभरकर आने के लिए विभिन्न व्यवसायों में कौशल प्राप्ति अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कौशल भारत कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में कौशल की कमी को पूरा करने के लिए है और इस प्रकार की पहलों की प्रगति निरंतर मॉनिटर की जा रही है, जहां जरूरत पड़ती है, वहां पाठ्यक्रमों में संशोधन किया जा रहा है।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि प्रबंधन के विद्यार्थियों को नौकरी सृजेता के रूपमें प्रेरक होना चाहिए न कि नौकरी तलाशकर्ता। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली युवाओं के लिए यह सर्वश्रेष्ठ समय है, वह न केवल अवसरों की तलाश करें, बल्कि भारत में अपना व्यवसाय भी शुरू करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को उद्यम आधारित रोज़गार वृद्धि के लिए सरकार के अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी विभिन्न पहलें देश में उद्यमी प्रतिभा को निखारने में सहायक होंगी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद आचरण हमेशा मर्यादा और समबुद्धि वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोज़गार के लिए नहीं है, बल्कि व्यक्ति के सशक्तिकरण और प्रबोधन के लिए है।

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