गार्ड्स की 14वीं बटालियन की स्वर्ण जयंती मनाई गई
परेड में बटालियन ने दिखाई आधुनिक कार्यकुशलताएंस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 12 January 2018 04:22:30 AM
लखनऊ। भारतीय सेना में गार्ड्स की 14वीं बटालियन का स्वर्ण जयंती समारोह आज उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर एक आकर्षक रस्मी परेड हुई, जिसका निरीक्षण मुख्य अतिथि के रूपमें पश्चिमी कमान के जनरल ऑफीसर कमांडिंग-इन-चीफ और कर्नल ऑफ द ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स लेफ्टिनेंट जनरल सुरेंद्र सिंह ने किया। जनरल सुरेंद्र सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय सेना एवं ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स की उच्च परंपराओं के अनुरूप युद्धों एवं विभिन्न ऑपरेशनों में बटालियन के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने सभी सैन्यकर्मियों का भविष्य में भी बटालियन की उच्च परंपराओं को बनाए रखने का आह्वान किया। लेफ्टिनेंट जनरल सुरेंद्र सिंह ने समारोह पर आधारित प्रथम दिवस आवरण का भी विमोचन किया।
ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स की परेड में शामिल पैदल मार्चिंग सैनिक टुकड़ियों, बख्तरबंद गाड़ियों और माउंट व्हीकल्स दस्ते आकर्षण का केंद्र रहे, जो आधुनिकता के बदलते परिवेश में एक मैकनाईज्ड बटालियन की ऑपरेशनल कार्यकुशलता को प्रदर्शित करती है। समारोह में सैन्यधिकारी, भूतपूर्व सैनिक, वर्ष 1971 के युद्ध में भाग लेनेवाले भूतपूर्व सैनिक, परमवीर चक्र से अलंकृत शहीद लांसनायक एलबर्ट एक्का की पत्नी बालमदीना एक्का और वीर नारियां भी शामिल हुईं। ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स बटालियन का गठन 13 जनवरी 1968 को हुआ था। बटालियन के लांसनायक एलबर्ट एक्का को 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनके अदम्य साहस एवं असाधारण वीरता के लिए 'परमवीर चक्र' प्रदान किया गया था। इस यूनिट को उत्तरी सिक्किम के दुर्गम एवं उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कर्तव्य निर्वहन और योगदान के लिए वर्ष 2016 में पूर्वी कमान के आर्मी कमांडर के यूनिट प्रशंसा पत्र से भी सम्मानित किया जा चुका है। गौरतलब है कि गार्ड ब्रिगेड भारतीय सेना की एक रेजीमेंट है, यह पहली ऑल इंडिया मिश्रित रचना वाली इंफैंट्री है, जहां भारत के सभी भागों से सैनिक, रेजिमेंट की विभिन्न बटालियनों में एक साथ सेवा देते हैं। इसे सेना में भर्ती के लिए कम प्रतिनिधित्व वाले वर्गों और क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने की सरकार की नीति को लागू करने के लिए बनाया गया था।