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कन्याओं की किलकारियों से गूंजा लोकभवन!

उत्तर प्रदेश में शुरु हुई मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना

राज्यपाल और मुख्यमंत्री का कन्याओं को शुभाशीष!

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Saturday 26 October 2019 01:11:00 PM

governor and chief minister congratulate girls

लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कन्या को दुलारकर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोद में लेकर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने योजना को राज्य सरकार की अनुकरणीय पहल और महिला सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार की वचनबद्धता बताया एवं कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। राज्यपाल ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य अत्यंत पवित्र है, यह योजना भ्रूण हत्या, लैंगिक असमानता समाप्त करने, बालिकाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने और बालिका के जन्म के प्रति समाज में उत्साहपूर्ण सकारात्मक सोच पैदा करने में सहायक सिद्ध होगी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूपसे लोकभवन में जब मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का शुभारम्भ किया तो उस समय लोकभवन कन्याओं की किलकारियों से गूंज रहा था। राज्यपाल ने कहा कि देश और प्रदेश में महिलाओं के प्रति भेदभाव एवं हिंसा की प्रवृत्ति समाप्त करने की इच्छाशक्ति है, किंतु इस सम्बंध में जागरुकता लाकर और एकजुट होकर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धनतेरस पर्व पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के शुभारम्भ पर लक्ष्मीस्वरूपा बालिका को गोद में लेकर कन्याओं को शुभाशीष दिया और कहा कि भारतीय संस्कृति और परम्परा में मातृशक्ति के सशक्तिकरण के माध्यम से सम्पूर्ण चराचर जगत के कल्याण का भाव निहित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण एवं कल्याण के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित तीन दर्जन से अधिक योजनाएं लागू की हैं, राज्य सरकार ने इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ ही आवश्यकतानुसार अपनी भी योजनाएं प्रारम्भ की हैं, इन प्रयासों से प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्युदर में प्रभावी कमी आई है। सामाजिक, सार्वजनिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के प्रसार का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम में यह योजना बड़ी सहायक होगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना की गाइडलाइन के अनुसार सभी पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि कन्या योजना को नारी सशक्तिकरण और महिला कल्याण योजनाओं के साथ जोड़कर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कन्या सुमंगला योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है, क्योंकि इसके लिए पहले से ही बजट में व्यवस्था की जा चुकी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व राज्य के कई क्षेत्रों से कन्या भ्रूण हत्या के समाचार आते रहते थे, राज्य सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के प्रभावी क्रियांवयन तथा मुखबिर योजना लागू करके इसपर नियंत्रण पाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही एंटी रोमिया स्क्वाड का गठन किया गया, विमेन पावर लाइन-1090, महिला हेल्पलाइन 181 को सुदृढ़ किया गया और साथ ही डॉयल-100 को अब एकीकृत आपात सेवा 112 के रूपमें परिवर्तित कर दिया गया है, इससे महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। परिवार में बालक-बालिका में भेद और बालकों को निजी तथा बालिकाओं को बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में भेजने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प में 92 हजार से अधिक स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है साथ ही इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनीफॉर्म, पुस्तकें, बैग, जूता-मोजा तथा ठंड से बचने के लिए स्वेटर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ढाई वर्ष में स्कूल चलो अभियान के माध्यम से बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 50 लाख बच्चों का अतिरिक्त नामांकन हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की श्रृंखला में प्रधानमंत्री आवास योजना में महिला के नाम पर आवास प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में महिला के नाम पर रसोई गैस कनेक्शन, स्वच्छ भारत मिशन में महिला के नाम पर इज्जत घर देने की कार्रवाई की गई है, इसी प्रकार प्रधानमंत्री ने तीन तलाक की कुप्रथा पर भी रोक लगाई है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की एक कड़ी के रूपमें दो वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना लागू की गई थी, सभी वर्गों के ग़रीब परिवारों के लिए लागू इस योजना में पात्र लाभार्थी को 35 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाती थी, जिसे बढ़ाकर 51 हजार रुपये कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना पहले चरण की योजना है, जिसके तहत बालिका के जन्म से लेकर स्नातक में प्रवेश तक विभिन्न चरणों में कुल 15 हजार हजार रुपये दिए जाने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिका के जन्म लेने पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत उसका रजिस्ट्रेशन कराए जाने पर 2 हजार रुपये की धनराशि दिए जाने की व्यवस्था है, बालिका के एक वर्ष का होने तथा सम्पूर्ण टीकाकरण होने पर 1 हजार रुपये प्रदान करने की व्यवस्था है, इसी प्रकार बालिका के प्रथम कक्षा में प्रवेश पर 2 हजार रुपये, छठी कक्षा में प्रवेश पर 2 हजार रुपये, नवीं कक्षा में प्रवेश पर 3 हजार रुपये तथा हाईस्कूल के पश्चात दो वर्ष से अधिक के डिप्लोमा अथवा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात स्नातक में प्रवेश पर 5 हजार रुपये दिए जाने की व्यवस्था की गई है, यह योजना सभी श्रेणी की पात्र लाभार्थियों के लिए लागू की गई है।
कन्या सुमंगला योजना कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के वेबपोर्टल का शुभारम्भ किया। इस दौरान योजना के लाभार्थियों को डमी चेक एवं प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। ज्ञातव्य है कि योजना के तहत लाभार्थी के खाते में धनराशि के ऑनलाइन अंतरण की व्यवस्था है। कार्यक्रम को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन इरानी ने भी संबोधित किया और कहा कि प्रधानमंत्री की वर्ष 2015 में लागू बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के क्रियांवयन में उत्तर प्रदेश ने बड़ी भूमिका निभाई है, इससे प्रदेश में लिंगानुपात में वृद्धि हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बेटी के जन्म को उत्सव के रूपमें मनाने का अवसर देने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। वित्तमंत्री व जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने के प्रति जागरुकता बढ़ रही है और संयुक्तराष्ट्र संघ के विकास लक्ष्यों में महिला सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि योजना के लिए वर्ष 2019-20 के बजट में 1200 करोड़ रुपये का प्राविधान है और लखनऊ जनपद में योजना की 400 लाभार्थियों के खाते में धनराशि अंतरित कर दी गई है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम, उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष विशेष गुप्ता, मुख्य सचिव आरके तिवारी, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास मोनिका गर्ग, यूनीसेफ की भारत में प्रतिनिधि डॉ यासमीन अली हक, सूचना निदेशक शिशिर, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री स्वाती सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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