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पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री हुए इमरान

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी सत्ता में पहली बार

सिद्धू के बाजवा के गले मिलने से भारत में हुआ बवाल

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 18 August 2018 05:08:01 PM

navjot singh sidhu hug from army chief of pakistan general bajwa

इस्लामाबाद/ नई दिल्ली। पाकिस्तान के मशहूर विश्वविख्यात क्रिकेटर इमरान खान आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हो गए। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। वे पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री हैं। इस प्रकार इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी पाकिस्तान की सत्ता में आ गई है। इमरान खान ने एक क्रिकेटर से एक नेता बनने के लिए बड़ा संघर्ष किया है। कहते हैं कि पाकिस्तान के चुनाव में इमरान खान की पार्टी को विजय पाकिस्तानी सेना के समर्थन से हासिल हुई है। उनकी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, लेकिन दूसरे दलों के समर्थन से वे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन पाए हैं। इससे पहले पाकिस्तान में नवाज शरीफ की मुस्लिम लीग का राज था। नवाज शरीफ और उनकी पुत्री मरियम को भ्रष्टाचार के मामले में सजा हो गई है, जिससे वो जेल में हैं और उनकी मुस्लिम लीग चुनाव भी हार गई है।
पाकिस्तान का चुनाव बड़े ही उतार-चढ़ाव का रहा है। बेनज़ीर भुट्टो की पार्टी पीपीपी को भी पराजय का सामना करना पड़ा है, जबकि एमक्यूएम ने इस चुनाव अपने क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है। इमरान खान को दूसरों के समर्थन से ही सरकार चलानी होगी, यह अलग बात है कि उन्हें पाकिस्तानी सेना का समर्थन प्राप्त है, जिसके चलते समर्थक राजन‌ीतिक दल इमरान खान की सरकार को समर्थन जारी रखने को एक तरह से मजबूर रहेंगे। पाकिस्तान में इस चुनाव को अधिकांश अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने निष्पक्ष नहीं माना है और उन्होंने यह भी माना है कि इसमें इमरान खान की पार्टी के पक्ष में पाकिस्तान की सेना का पूरा हस्ताक्षेप था, जिससे पहले से ही लगने लगा था कि इमरान खान की पार्टी जीत रही है और इमरान खान का प्रधानमंत्री बनना औपचारिकता मात्र है। इमरान खान के शपथ ग्रहण में इसलिए कई बाधाएं भी आईं।
भारत के पंजाब प्रांत के मंत्री और एक ज़माने के क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू भी इमरान खान के शपथ ग्रहण में शामिल होने इस्लामाबाद पहुंचे। इमरान खान ने भारत के क्रिकेटर कपिल देव और सुनील गावस्कर को भी आमंत्रित किया था, लेकिन वे नहीं गए। नवजोत सिंह सिद्धू का इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना भारत में एक बड़े विवाद का कारण बन गया है। भारतीय समाचार चैनलों पर देशभर में उनके पुतले फूंकने की घटनाएं दिखाई जा रही हैं और उनकी आलोचना की जा रही है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनके पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा से बड़ी गर्मजोशी से गले मिलना भारत में किसी को भी अच्छा नहीं लगा। कहा जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू उस दुश्मन सेना के सेनाध्यक्ष से गले मिले हैं, जिसकी सेना हमारे देश में आतंकवादियों की घुसपैंठ करा रही है और हमारे सैनिकों को मरवा रही है।
इमरान खान के शपथ ग्रहण में नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के राष्ट्रपति मसूद खान के बगल वाली सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनकी ये सारी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिन्हें देखकर भारत में नवजोत सिंह सिद्धू के पुतले फूंके जा रहे हैं। पंजाब प्रांत में लोगों में बड़ा गुस्सा दिखाई दे रहा है, जिससे वहां की कांग्रेस सरकार भी किनारा कर रही है। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि वह निजी तौरपर इस शपथ ‌ग्रहण समारोह में शामिल हो रहे हैं, उन्होंने यह भी कहा था कि कोई जाए कि न जाए मैं अवश्य जाऊंगा, इसलिए वे अपनी निजता के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए शपथ ग्रहण में गए। नवजोत सिंह सिद्धू ने इस बात का भी ध्यान नहीं रखा कि उनके देश के सर्वोच्च नेता अटल बिहारी वाजपेयी का देहावसान हो गया है और देश में शोक है। नवजोत सिंह सिद्धू के इस कदम का सामना करना कांग्रेस केलिए आसान नहीं होगा। नवजोत सिंह सिद्धू वाघा बॉर्डर से लाहौर पहुंचे और वहां से इस्लामाबाद आए।
नवजोत सिंह सिद्धू के मसूद खान के बगल बैठने पर जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू एक जिम्मेदार व्यक्ति और मंत्री हैं, जिन्हें इससे बचना चाहिए था। इमरान खान के शपथ ग्रहण में बुर्का धारण करके इमरान खान की पत्नी बुशरा इमरान शामिल हुईं। इनके अतिरिक्त पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नसीरुल मुल्क, नेशनल असेंबली के स्पीकर असद कैसर, वायुसेना प्रमुख मार्शल मुजाहिद अनवर खान, नौसेना प्रमुख एडमिरल जफर महमूद अब्बासी, क्रिकेटर से कमेंटेटर बने रमीज राजा, क्रिकेटर वसीम अकरम, पंजाब असेंबली के नवनिर्वाचित स्पीकर चौधरी परवेज इलाही, गायक सलमान अहमद और अबरारुल हक, अभिनेता जावेद शेख, नेशनल असेंबली की पूर्व स्पीकर फहमीदा मिर्जा भी शामिल हुईं। इमरान खान की पार्टी के लोगों का राष्ट्रपति भवन के बाहर हुजूम था। इस अवसर पर उनको बधाई देने के लिए विभिन्न राष्ट्रों से संदेश भी प्राप्त हुए हैं। शपथ ग्रहण की सबसे बड़ी घटना भारत से आए नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तानी सेनाप्रमुख से गले मिलने की हुई। इससे भारत के लोग गुस्से में हैं।

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