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थल जल व वायुसेना पर 380.43 करोड़ खर्च!

रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया-2022 में किया जाएगा समावेशीकरण

रक्षा उपकरण खरीद के लिए नई सरलीकृत प्रक्रिया भी मंजूर

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 23 March 2022 01:41:00 PM

flag of the ministry of defence india

नई दिल्ली। रक्षा अधिग्रहण परिषद ने आई-डीईएक्स स्टार्टअप/ एमएसएमई से 380.43 करोड़ रुपये की लागत में 14 रक्षा उपकरण की खरीद को मंजूरी दे दी है, जिनकी खरीद भारतीय सेना, नौसेना एवं वायुसेना करेगी। डीएसी ने आई-डीईएक्स स्टार्टअप/ एमएसएमई से खरीद केलिए नई सरलीकृत प्रक्रिया को भी मंजूरी दी है, इससे स्टार्टअप/ एमएसएमई से खरीद में तेज़ी लाई जा सकेगी। एओएन से लेकर अनुबंध पर हस्ताक्षर तक का खरीद-चक्र नई प्रक्रिया के अनुसार 22 हफ्ते में पूरा हो जाएगा। रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया-2022 डीएसी में आवश्यक समावेशीकरण किया जाएगा। रक्षा अधिग्रहण परिषद ने मेक-II श्रेणी की परियोजनाओं केलिए आई-डीईएक्स प्रक्रिया की समान तर्ज पर सरलीकृत प्रक्रिया को मंजूरी दी, इससे मेक-II परियोजनाओं में प्रोटोटाइप विकास से लेकर अनुबंध पर हस्ताक्षर करने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में एक परिवर्तनकारी पहल आई-डीईएक्स को नवाचार को बढ़ावा देने और एक त्वरित समयसीमा में सशस्त्रबलों में अत्याधुनिक एवं डिसरप्टिव प्रौद्योगिकियों को शामिल करने के उद्देश्य से 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की थी। आई-डीईएक्स योजना ने 2018 में अपनी शुरुआत के बादसे अब तेजी पकड़ी है और उम्मीद हैकि आई-डीईएक्स स्टार्टअप/ एमएसएमई के सफल प्रोटोटाइप के बाद लगभग 25-40 आइटम इस वर्ष के अंत तक खरीद केलिए तैयार हो जाएंगे। आई-डीईएक्स योजना आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण की प्राप्ति केलिए रक्षा मंत्रालय के व्यापक मिशन के तहत निर्मित की गई है। आई-डीईएक्स हमारे स्टार्टअप पारितंत्र की जीवंत ऊर्जा का उत्प्रेरण कर रही है और आज ट्रांस-अनुशासनिक नवाचारों/ परियोजनाओं का नेतृत्व कर रही है।
सेना के अंगों, डीपीएसयू, उद्योग, शिक्षा, आई-डीईएक्स अधिकारियों तथा स्टार्टअप/ एमएसएमई के विशेषज्ञों का एक उद्यमी नेटवर्क सह-निर्माण और सह नवाचार की प्रक्रिया में शामिल है। इसका उद्देश्य भविष्य में सशस्त्र बलों और रक्षा उद्योग केलिए 50 विश्वस्तरीय समाधान प्रदान करना है। डीआईएससी एवं विभिन्न खुली चुनौतियों के पांच संस्करणों को अपार सफलता मिली है तथा स्टार्टअप/ एमएसएमई की काफी दिलचस्पी और भागीदारी देखी गई है। आई-डीईएक्स की अधिक से अधिक नवीन आविष्कारों और स्टार्टअप का साथ देने की प्रक्रिया ने अब तेज़ी पकड़ी है। आई-डीईएक्स स्टार्टअप/ एमएसएमई अब अगले चरण जैसे उत्पादनकरण और व्यावसायीकरण में प्रवेश कर रहा है, इससे रक्षा औद्योगिक आधार और व्यापक होगा तथा उसको बढ़ावा मिलेगा।

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