स्वतंत्र आवाज़
word map

'बहुजन समाज बिकाऊ लोगों से सावधान रहे'

बसपा अध्यक्ष मायावती की समीक्षा बैठकों का पहला दौर पूरा

'बीजेपी की भी कांग्रेस की तरह जाति और जनविरोधी नीतियां'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 10 March 2021 05:53:49 PM

bsp president mayawati (file photo)

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बहुजन समाज को सावधान किया है कि वह बिकाऊ लोगों से सावधान रहे, उन्होंने साथ ही यह भी कहा है कि बीजेपी की भी कांग्रेस की तरह जाति और जनविरोधी नीतियां हैं। बसपा संगठन की ज़मीनी गतिविधियों, छोटी-छोटी कैडर बैठकों और चुनावी तैयारियों के संबंध में मंडल और जिलावार समीक्षा के पहले दौर की समाप्ति पर उन्होंने मंडल और जिला स्तर पर कुछ बदलाव किए और कहा कि बसपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी के साथ संगठन के कार्य में जुट जाएं। मायावती ने बीएसपी मूवमेंट के जन्मदाता और संस्थापक कांशीराम की पंद्रह मार्च को होने वाले जयंती कार्यक्रम को भी यूपी के हर मंडल में संगोष्ठी जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से मनाने के निर्देश जारी किए। मायावती ने बसपा की मेंबरशिप के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसपा के नेता और कार्यकर्ता पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास करें।
बसपा अध्यक्ष मायावती की पांच फरवरी से लगातार चली समीक्षा बैठकों का आज यहां पहला दौर समाप्त हुआ। मायावती ने उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव के संबंध में बसपा की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा बैठक में राज्य के सभी मंडलों और जिलों के बसपा पदाधिकारियों की कार्य गतिविधियों का परीक्षण किया और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों का मुकाबला करने के दृष्टिगत मंडल और जिलास्तर पर परिवर्तन भी किए। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए बीएसपी मूवमेंट के जन्मदाता और संस्थापक कांशीराम के पंद्रह मार्च को होने वाले जयंती कार्यक्रम पर एक रोडमैप जारी किया, जिसके अंतर्गत लखनऊ, कानपुर और फैज़ाबाद मंडल के बसपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी लखनऊ में कांशीराम स्मारक स्थल पर और मेरठ मंडल के कार्यकर्ता नोएडा में दलित प्रेरणा स्थल पर पहुंचकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि बहुजन समाज और अपरकास्ट के ग़रीब लोगों को अपना उद्धार स्वयं करने योग्य बनना है और गुलाम मानसिकता वाले समाज के बिकाऊ लोगों से सावधान रहना बहुत जरूरी है। समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों और जिलों के बसपा के छोटे-बड़े पदाधिकारियों ने बसपा अध्यक्ष के सामने अपनी-अपनी कमेटी की गतिविधियों के संबंध में विस्तार से रिपोर्ट पेश की। मायावती ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि कोरोनाकाल में उनके दिल्ली प्रवास के दौरान बसपा कार्यकर्ताओं ने संगठन के प्रति सावधानी और सक्रियता बनाए रखी और बीएसपी के मिशनरी मानवतावादी मूवमेंट की गतिविधियों को जारी रखा। गौरतलब है कि इस दौरान मायावती ने दिल्ली में रहकर ही दिशा-निर्देश देकर बसपा संगठन को पूरी तरह सक्रिय रखा। मायावती ने बसपा मूवमेंट को खड़ा करने के दौरान पेश आईं चुनौतियों की कड़ी वास्तविकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में मिशन के समक्ष उत्पन्न जटिल परिस्थितियों से लोगों को पूरी एकजुटता और शक्ति के साथ मुकाबला करने के लिए जागरुक करना चाहिए।
मायावती ने कहा कि बाबासाहेब डॉ भीमराव आम्बेडकर और उनके कारवां कांशीराम के बताए रास्ते पर हर संकट झेलते हुए भी बहुजन समाज को चलते रहना है और सन् 2007 की तरह आगे बढ़ते रहना है। समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि वक्त की जरूरत और मांग है कि बीएसपी के लोग हर स्तर पर लगातार काम करते रहें, यही मेरी बाबासाहेब और मान्यवर कांशीराम के अनुयाइयों और समर्थकों से अपील भी है। मायावती ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से कराए गए तो उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा के आम चुनाव से पहले पूरे प्रदेश में केंद्र और राज्य की सरकार के खिलाफ सर्व समाज में और खासतौर से ग़रीबों-किसानों, छोटे व्यापारियों, मेहनतकशों में जो जनाक्रोश है, वह बीजेपी के खिलाफ जरूर रंग लाएगा और बीजेपी को महंगा पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में हमें बीएसपी ही जनता के सामने भाजपा का बेहतर विकल्प स्थापित करना है। 

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]