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देश के रक्षा क्षेत्र का आधुनिकीकरण-रक्षामंत्री

रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान

एमपी-आईडीएसए की कार्यकारी परिषद की बैठक

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Saturday 9 May 2020 06:19:59 PM

rajnath singh addressing the 165th and first ever virtual ec meeting

नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज़ एंड एनालिसिस की 165वीं और पहली वर्चुअल कार्यकारी परिषद की बैठक में कोविड-19 के कारण लागू पाबंदियों के बावजूद अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए एमपी-आईडीएसए के महानिदेशक, राजदूत सुजान आर चिनॉय, ईसी के सभी सदस्यों और विद्वानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान सफलतापूर्वक विद्वानों और कर्मचारियों के आवागमन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सक्षम है एवं अबतक कोविड-19 महामारी के आलोक में अपने लेखन और वेबिनार के माध्यम से आउटरीच और अनुसंधान की गति को बनाए रखा है। एमपी-आईडीएसए लॉकडाउन के रहते फिरसे खुलने वाले पहले संस्थानों में से एक है, यद्यपि एक ही समय में उचित सुरक्षा उपायों और सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का पालन कर रहा है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक महत्वपूर्ण संस्थान के रूपमें एमपी- आईडीएसए के योगदान को स्वीकार किया, जोकि रक्षा, सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करता है। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में संस्थान ने देश के विभिन्न राज्यों में सशस्त्र बलों, केंद्रीय पुलिस संगठनों और अर्धसैनिक बलों, सरकार और विश्वविद्यालयों के अनुसंधान प्रतिष्ठानों के साथ व्यापक संबंध स्थापित करने की दिशा में काम किया है। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों प्रकार के थिंक टैंकों के साथ व्यापक रूपसे आदान-प्रदान करने के कारण विद्वानों को ऐसे माहौल में बातचीत करने का अवसर मिलता है, जहां पर स्वतंत्र और स्पष्ट विचारों और सलाहों का आदान-प्रदान किया जा सकता है, यह विचारों के क्रॉस-पोलीनेशन के माध्यम से नीति निर्माण करने वाले डोमेन में वैकल्पिक दृष्टिकोण और नए इनपुट लेकर आता है। रक्षामंत्री ने विद्वानों से आग्रह किया कि वे अर्थव्यवस्था में होने वाली संसाधन की कमी की चुनौतियों को दूर करने के लिए नए विचारों की प्राप्ति के लिए स्वयं आगे आएं विशेष रूपसे रक्षा क्षेत्र में आधुनिकीकरण के लिए।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल हमारी सीमाओं के साथ प्रतिकूल परिस्थितियों में लड़ने के लिए तत्पर और तैयार हैं। उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों, कोविड-19 से लड़ाई में सहायता के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान की सराहना की। कार्यकारी परिषद की बैठक में राजदूत स्वाशपवन सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश मेनन (सेवानिवृत्त), वाइस एडमिरल शेखर सिन्हा (सेवानिवृत्त), एयर मार्शल वीके भाटिया (सेवानिवृत्त) और गुलशन लूथरा ने वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। इस अवसर पर रक्षा सचिव डॉ अजय कुमार, पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई और प्रोफेसर एसडी मुनि भी उपस्थित थे।

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