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राज्यपाल ने टीबी से ग्रसित बच्ची को गोद लिया

'गोद लेना कोई उपकार नहीं, बल्कि जागृत समाज का फर्ज है'

स्वेच्छा से बच्चों को गोद लेने वाले अधिकारियों की सराहना

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 26 August 2019 02:45:41 PM

governor adopts tb girl child

लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में एक कार्यक्रम में टीबी रोग से ग्रसित एक बच्ची को गोद लिया है और राजभवन के सभी अधिकारियों ने भी टीबी रोग से ग्रसित 21 बच्चों को सहयोग की दृष्टि से गोद लिया है। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि गोद लेने वाले अधिकारियों का यह दायित्व होगा कि वे बच्चों को सरकारी दवा सुचारू रूपसे मिलती रहे, बच्चा नियमित रूपसे दवा का प्रयोग करे और पौष्टिक आहार का सेवन करे, इसका ध्यान रखेंगे। राज्यपाल ने सलाह भी दी कि बच्चों की शिक्षा में कोई व्यवधान हो तो उसका भी निस्तारण किया जाए। राज्यपाल ने राजभवन आए बच्चों को पोषणयुक्त खाद्य सामग्री और फल वितरित किए। यह सभी बच्चे राजभवन के नजदीकी क्षेत्र के रहने वाले हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी रोग से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, इस दृष्टि से यह तय किया गया है कि टीबी रोग से ग्रसित बच्चों को गोद लेने की पहल की राजभवन से शुरुआत की जाए। आनंदीबेन पटेल ने कहा कि गोद लेना कोई उपकार नहीं है, बल्कि जागृत समाज का फर्ज है कि समाज स्वस्थ हो। उन्होंने कहा कि जो सम्पन्न हैं वे अपनी जरूरत के अतिरिक्त कुछ अंश समाज के लिए भी खर्च करें, छोटे-छोटे प्रयास से बड़ा लक्ष्य प्राप्त हो सकता है। आनंदीबेन पटेल ने कहा कि लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी योजना की जानकारी के अभाव के कारण लाभ नहीं उठा पाते, यह सबकी जिम्मेदारी है कि सरकारी योजना का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जुड़कर काम करने से वर्ष 2025 का लक्ष्य समय से पहले भी पूरा हो सकता है। राज्यपाल ने स्वेच्छा से बच्चों को गोद लेने वाले अधिकारियों की सराहना भी की।
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सभी स्थान पर सरकार नहीं पहुंच पाती, ऐसी स्थिति में समाज के जिम्मेदार, सम्पन्न एवं समृद्ध लोग अपने दायित्व को समझते हुए स्वयं को रोगी के परिवार से जोड़ें, चर्चा करें और समाधान निकालने में उनका सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सफाई, पौष्टिक भोजन, समय पर दवाई लेने से रोग पर पूर्णतया काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अस्वस्थ बच्चों में आगे चलकर विवाह एवं जीविकोपार्जन की भी समस्या आती है। उन्होंने अपने गुजरात और मध्य प्रदेश के अनुभव साझा करते हुए बताया कि ऐसे प्रयास से रोग ग्रस्त बच्चे कम समय में ही स्वस्थ हो गए और इससे प्रेरणा लेकर समाज के लोगों ने ज्यादा से ज्यादा बच्चे गोद लिए। कार्यक्रम में जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी डॉ पीके गुप्ता ने बताया कि लखनऊ में टीबी रोग के 14,600 मरीज चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें दवाई और पौष्टिक आहार के लिए 500 रुपये का भत्ता सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जा रहा है। इस मौके पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमंत राव, विशेष सचिव डॉ अशोक चंद्र और राजभवन के अधिकारी उपस्थित थे।

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