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किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित-गृहमंत्री

'डिजिटलीकरण से सार्वजनिक वितरण व्यवस्था और सुदृढ़ हुई'

गांधीनगर में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित व्यवस्था शुरू

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 15 February 2026 04:28:00 PM

central bank launches digital currency based system in gandhinagar

गांधीनगर। गृहमंत्री अमित शाह ने आज गांधीनगर में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित पारदर्शी आधुनिक और सरल सार्वजनिक वितरण व्यवस्था का शुभारंभ किया है। इस अवसर पर अमित शाह ने कहाकि नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्र न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन को आज एक नए क्षेत्र में ज़मीन पर उतारने का काम हो रहा है। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से डिजिटल इंडिया का विस्तार खाद्य और आपूर्ति की व्यवस्था तक पहुंच रहा है, जिन्होंने देश के संसाधनों पर पहला अधिकार गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को दिया है। अमित शाह ने कहाकि भारत में 60 करोड़ लोग ऐसे थे, जिनके पूरे परिवार में एकभी बैंक खाता नहीं था, लेकिन आज दुनिया में होनेवाले कुल डिजिटल ट्रांजेक्शंस में से आधे भारत में हो रहे हैं, आज वही डिजिटल इंडिया देश के गरीबों को सस्ता अनाज देने के क्षेत्रमें पदार्पण कर रहा है, इस पद्धति से गरीबों को राशन देने के सिस्टम से भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि देश में कनेक्टिविटी के विस्तार से अब डिजिटल तरीके से गरीबों को सीधे अनाज मिलने की व्यवस्था और ज्यादा सुदृढ़ हो जाएगी, जिस प्रकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण ने देश से घपले घोटालों को समाप्त कर दिया है, उसी प्रकार खाद्य आपूर्ति मंत्रालय का यह कदम पारदर्शी वितरण प्रणाली सुनिश्चित करेगा। गृहमंत्री ने कहाकि टेक्नोलॉजी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग़रीबों केप्रति संवेदना का अनूठा संगम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुरक्षित, पारदर्शी तरीके से गरीबों के अधिकार की सुरक्षा का माध्यम बन रही है। आज अन्नपूर्ति मशीन का भी लोकार्पण हुआ है, जो 35 सेकंड में 25 किलो अनाज का वितरण कर रही है। अमित शाह ने इसपर कहाकि 3-4 साल में ही पूरे देश में यह प्रणाली लागू हो जाएगी, यह अनाज वितरण प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी होगी, इसके लागू होने केबाद देशके हर गरीब को 5 किलो मुफ्त अनाज मिल सकेगा। उन्होंने यह भी कहाकि बेहतर गुणवत्ता, सटीक मात्रा और पारदर्शी वितरण में अन्नपूर्ति मशीन सहायक सिद्ध होगी। अमित शाह ने कहाकि धीरे-धीरे कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक देश में इस प्रणाली को लागू करना चाहिए।
अमित शाह ने कहाकि आज देश के 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 5 किलो मुफ्त अनाज देने का काम हो रहा है, यह खाद्य सुरक्षा अब पारदर्शी हो गई है। उन्होंने कहाकि देश के 1 करोड़ 9 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को स्वनिधि योजना का है, ठोस नीतियों से 10 वर्ष में 60 करोड़ से अधिक लोगों का जीवनस्तर ऊपर उठाने और 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के ऊपर लाने का काम भी सरकार ने किया है। गृहमंत्री ने कहाकि मुख्य विपक्षी पार्टी हमेशा झूठ बोलकर जनता को गुमराह करती है, पिछली सरकार ने 70 साल में सिर्फ एक बार कर्ज़ माफी से किसानों को गुमराह करने का काम किया, जबकि प्रधानमंत्री 10 साल से हर किसान के बैंक खाते में 6 हज़ार रुपए हर साल भेजकर ऐसी व्यवस्था कर रहे हैंकि किसान को कर्ज लेना ही न पड़े। अमित शाह ने कहाकि यूरोपीय संघ और इंग्लैंड से हुए मुक्त व्यापार समझौते और अमेरिका से ट्रेड डील पर विपक्ष देश को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहाकि पिछली सरकार ने डंकल प्रस्ताव पर साइनकर किसानों को असुरक्षित किया था।
गृहमंत्री ने कहाकि यूरोपीय संघ और इंग्लैंड में हुए मुक्त व्यापार समझौते और अमेरिका से हुई ट्रेड डील के माध्यम से प्रधानमंत्री ने देश के किसानों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित करने का काम किया है, इन समझौतों से भारत का डेयरी क्षेत्र भी सुरक्षित किया गया है। उन्होंने कहाकि इन समझौतों के माध्यम से हमारे कृषि और मछुआरों के उत्पाद का पूरी दुनिया में पहुंचने का रास्ता खुल गया है। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री कभीभी किसानों, मछुआरों, पशुपालकों के हितों से समझौता नहीं करते हैं, प्रधानमंत्री देश के किसानों की सुरक्षा केलिए चट्टान की तरह खड़े हैं। गृहमंत्री ने कहाकि आज अन्न वितरण और अन्न सुरक्षा के क्षेत्रमें भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता को समाप्त करने का काम हुआ है, इससे हर गरीब नागरिक के अनाज प्राप्त करने के अधिकार की सुरक्षा होगी, बिचौलियों केलिए कोई जगह नहीं है। इस अवसर पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी उपस्थित थे।

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